facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

UP में पानी की किल्लत से बचाव की बड़ी पहल, 1 लाख से ज्यादा भवनों में लगेगा रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम

Advertisement

उत्तर प्रदेश के सरकारी भवन अब जल संरक्षण के केंद्र बनेंगे। योगी सरकार प्रदेश के 2.35 लाख सरकारी भवनों को रूफ टॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से लैस करने की तैयारी कर रही है।

Last Updated- June 24, 2025 | 8:44 PM IST
rainwater harvesting

जल्द ही प्रदेश के विभिन्न जिलों में एक लाख से अधिक भवनों में वर्षा जल संचयन प्रणाली लगाई जाएगी। प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि सरकार वर्षा जल संचयन को लेकर व्यापक अभियान चला रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों पर प्रदेश के करीब 34,000 सरकारी व अर्ध सरकारी भवनों में रूफ टॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग (RTRWH) सिस्टम स्थापित कर दिया गया है। आने वाले समय में एक लाख से अधिक भवनों को भी इस सुविधा से युक्त बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह भूजल स्तर को पुनर्जीवित करने और जल संकट से निपटने की दिशा में काफी महत्वपूर्ण कदम है। योगी सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के कुल 2 लाख 35 हजार सरकारी एवं अर्ध सरकारी भवनों को वर्षा जल संचयन प्रणाली से युक्त किया जाए।

Also Read: EPFO का ग्राहकों को तोहफा! PF निकासी की लिमिट बढ़ी, अब बिना देरी ₹5 लाख तक ऑटो-सेटलमेंट सिर्फ 3 दिन में

16 जिलों में 100% वर्षा जल संचयन प्रणाली पूरी

राज्य सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य के तहत 16 जिलों ने 100 फीसदी वर्षा जल संचयन प्रणाली स्थापना का कार्य पूरा कर लिया है। इनमें अयोध्या, अम्बेडकर नगर, बाराबंकी, सुल्तानपुर, अमेठी, गोंडा, बलरामपुर, बहराइच, श्रावस्ती, बस्ती, संत कबीर नगर, सिद्धार्थनगर, आजमगढ़, बलिया, झांसी और पीलीभीत शामिल हैं। योगी सरकार की मंशा है कि प्रत्येक भवन वर्षा जल संचयन प्रणाली से जुड़कर प्राकृतिक जल स्रोतों को सहेजने में योगदान दे। इस प्रयास से प्रदेश के जलस्तर में सुधार के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों को जल संकट से बचाया जा सकेगा।

Also read: Uttar Pradesh: उद्योग लगाने का मौका, 16 जिलों में 144 इंडस्ट्रियल प्लॉट की होगी मेगा ई-नीलामी

‘कैच द रेन 2025’ अभियान चला रहा जल शक्ति विभाग

गौरतलब है कि प्रदेश में वर्षा जल के संचयन को लेकर योगी सरकार के जल शक्ति विभाग द्वारा जल शक्ति अभियान कैच द रेन 2025 चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में प्रदेश के विभिन्न सरकारी व अर्ध सरकारी इमारतों को रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से युक्त करने की कार्ययोजना बनाई गई है। इस कार्ययोजना में एक लाख से अधिक भवनों में यह सुविधा जल्द शुरू कर दी जाएगी। इसके अलावा 16 जिलों ने जल संचयन में 100 फीसदी लक्ष्य हासिल कर लिया है। इसके साथ ही आवास विकास परिषद और विकास प्राधिकरणों ने शहरों में बड़े भूखंडों पर भवन निर्माण का नक्शा पास करने से पहले रेन वाटर हार्वेस्टिंग की सुविधा उपलब्ध कराने की शर्त लगा रखी है। प्रदेश की राजधानी सहित सभी बड़े शहरों में बन रहे सरकारी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

Advertisement
First Published - June 24, 2025 | 8:38 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement