facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

MahaKumbh 2025: 13 हजार ट्रेनें, टेंट सिटी और हॉस्पिटल से लेकर सुरक्षा तक; महाकुंभ में कैसे जुटी है Indian Railway

Advertisement

भारतीय रेलवे इस विशाल मेला के लिए कुल 13,000 ट्रेनों का संचालन करेगा। इनमें 1,869 शॉर्ट-डिस्टेंस ट्रेनें, 706 लॉन्ग-डिस्टेंस ट्रेनें और 559 रिंग ट्रेनें शामिल होंगी।

Last Updated- January 13, 2025 | 1:47 PM IST
Railway
IRCTC ने प्रयागराज में अस्थायी "टेंट सिटी" (Tent City) बनाया है, जहां श्रद्धालुओं को अस्थायी आवास की व्यवस्था मिलेगी।

Maha Kumbh 2025: दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन महाकुंभ आज से शुरू हो चुका है और यह 26 फरवरी 2025 तक चलेगा। इस आयोजन में करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे, जो प्रयागराज में पवित्र संगम में स्नान करने के लिए आएंगे। इस महाकुंभ में श्रद्धालुओं के आने जाने के लिए भारतीय रेलवे ने रिकॉर्ड 13,000 ट्रेनें चलाने की घोषणा की है। इनमें 3,134 स्पेशल ट्रेनें भी शामिल होंगी, जो 2019 के प्रयागराज अर्धकुंभ के मुकाबले चार गुना ज्यादा हैं। ये स्पेशल ट्रेन सेवाएं नियमित चलने वाली 10,000 ट्रेनों के साथ मिलकर श्रद्धालुओं की यात्रा को आसान बनाने का काम करेगी। बता दें कि सरकार का दावा है कि महाकुंभ मेले में 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालु प्रयागराज आएंगे।

स्पेशल ट्रेनों की व्यवस्था

भारतीय रेलवे इस विशाल मेला के लिए कुल 13,000 ट्रेनों का संचालन करेगा। इनमें 1,869 शॉर्ट-डिस्टेंस (short-distance) ट्रेनें, 706 लॉन्ग-डिस्टेंस (long-distance) ट्रेनें और 559 रिंग ट्रेनें (ring trains) शामिल होंगी, जो खासतौर से छोटे यात्री मार्गों के लिए बनाई गई हैं। इस बार रेलवे ने प्रमुख रेल लाइनों का दोहरीकरण कर रेलवे की क्षमता बढ़ाई है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, रेलवे पर आने वाले दबाव को कम करने के लिए स्पेशल ट्रेन सेवाओं की संख्या में बढ़ोतरी की गई है। इन ट्रेनों को प्रमुख शहरों से प्रयागराज के लिए चलाया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो।

इसके अलावा, भारतीय रेलवे ने 5,000 करोड़ रुपये की लागत से रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार किया है, ताकि भारी संख्या में आने वाले यात्रियों को कोई समस्या न हो। ट्रेन सेवाओं के अलावा, रेलवे ने कुछ नए रूट भी शुरू किए हैं, जिनमें विशेष रूप से गंतव्य के करीब के छोटे शहरों से यात्रा करने के लिए रिंग ट्रेन सेवाएं शामिल हैं।

स्वास्थ्य और सुरक्षा का विशेष ध्यान

महाकुंभ मेला में लाखों श्रद्धालु जुटते हैं, और इस दौरान स्वास्थ्य सुरक्षा का खास ध्यान रखा जाता है। IRCTC (Indian Railway Catering and Tourism Corporation) ने प्रयागराज में अस्थायी “टेंट सिटी” (Tent City) बनाया है, जहां श्रद्धालुओं को अस्थायी आवास की व्यवस्था मिलेगी। इसके अलावा, प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर चिकित्सा बूथ (medical booths) और छोटे अस्पताल (small hospitals) भी स्थापित किए गए हैं, जहां 24 घंटे प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मचारी उपलब्ध रहेंगे। ये कर्मचारी श्रद्धालुओं को प्राथमिक चिकित्सा (first aid) और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए मदद करेंगे।

सुरक्षा के लिहाज से भी रेलवे ने विशेष इंतजाम किए हैं। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) के अधिकारी यात्रियों की यात्रा में सहायता करेंगे और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। इसके अतिरिक्त, पश्चिमी रेलवे (Western Railway) ने 98 विशेष ट्रेनें चलाने की घोषणा की है, ताकि श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी के बावजूद यात्रा में कोई कठिनाई न हो।

स्वच्छता और सुदृढ़ रेलवे व्यवस्था

भारतीय रेलवे ने महाकुंभ मेला के दौरान सफाई व्यवस्था (cleanliness) और सुरक्षा (safety) को अपनी प्राथमिकता के रूप में रखा है। रेलवे अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं कि रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में स्वच्छता बनी रहे, और यात्री यात्रा के दौरान सुरक्षित महसूस करें। रेलवे सुरक्षा बल और पुलिस के अधिकारी यात्रियों की मदद के लिए तैनात रहेंगे, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

Advertisement
First Published - January 13, 2025 | 1:34 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement