facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Blue Drum: मेरठ में नीले ड्रम का खौफ! दुकानदार बोले– अब बिना पहचान पत्र दिए नहीं बेचेंगे; जूस वालों ने दुकान से हटाया

Advertisement

सालों से नीले ड्रम सामान रखने और ढोने के लिए इस्तेमाल होते आया है। लेकिन सौरभ राजपूत की हत्या के बाद इसकी छवि पूरी तरह बदल गई है।

Last Updated- March 31, 2025 | 4:46 PM IST
Drum
प्रतीकात्मक तस्वीर | फोटो क्रेडिट: Pexels

Meerut Murder Case: मेरठ में हुई सौरभ राजपूत की हत्या ने रिटेल व्यापारियों के कारोबार को हिलाकर रख दिया है, जिसके चलते उन्हें नए सुरक्षा उपाय अपनाने पड़े हैं। सौरभ राजपूत की हत्या के बाद उनका शव एक नीले ड्रम में डालकर सीमेंट से सील कर दिया गया था। इस घटना ने व्यापारियों और खरीदारों को डरा दिया है। इसके जवाब में, अब दुकानदार ग्राहकों से नीले ड्रम खरीदने से पहले उनकी आईडी प्रूफ मांग रहे हैं। इंडिया टीवी की एक रिपोर्ट में ऐसा बताया गया है।

सालों से नीले ड्रम सामान रखने और ढोने के लिए इस्तेमाल होते आया है। लेकिन इस हत्या के बाद इसकी छवि पूरी तरह बदल गई है। एक स्थानीय व्यापारी ने कहा, “अगर कोई नीला ड्रम खरीदना चाहता है, तो हम अब पूछते हैं कि उन्हें इसकी जरूरत क्यों है। हम उनकी पहचान भी मांगते हैं। इस घटना से पूरा कारोबार प्रभावित हुआ है। लोग अब नीले ड्रम खरीदने से डर रहे हैं।”

आमतौर पर नीले ड्रम का इस्तेमाल जूस बेचने वाले करते हैं, लेकिन अब वे भी बदलाव कर रहे हैं। शहर के एक जूस विक्रेता टेकचंद ने अपने नीले ड्रम को सफेद ड्रम से बदल दिया ताकि ग्राहक डरें नहीं। उन्होंने कहा, “जैसे ही ग्राहक नीला ड्रम देखते हैं, उन्हें शक होने लगता है। मेरे पास रुकने वाले लोगों की संख्या कम हो गई है और मुझे भी असुरक्षित महसूस होने लगा है। इसलिए मैंने सफेद ड्रम ले लिया।”

इस मामले ने ऑनलाइन भी हलचल मचा दी है, जहां नीले ड्रम के इस्तेमाल को लेकर मीम्स और वीडियो वायरल हो रहे हैं। कुछ लोग इसे मजाक समझते हैं, लेकिन व्यापारियों का मानना है कि यह असंवेदनशील है। एक व्यापारी ने कहा, “एक इंसान की जान चली गई और लोग उसकी दुखद मौत का मजाक उड़ा रहे हैं। इन मीम्स को तुरंत रोकना चाहिए। यह शोक में डूबे परिवार के प्रति अपमानजनक है। प्रशासन को ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए जो इस घटना को हल्के में ले रहे हैं।”

सौरभ राजपूत हत्याकांड

सौरभ राजपूत की हत्या का मामला तब सामने आया जब पुलिस ने मेरठ में एक नीले ड्रम के अंदर उनका शव बरामद किया। सौरभ पहले मर्चेंट नेवी में काम करते थे। पुलिस के मुताबिक, यह हत्या सौरभ की पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला ने मिलकर की थी।

पुलिस का कहना है कि दोनों ने 4 मार्च को सौरभ को मार डाला, उसके शव के टुकड़े कर दिए और फिर उन्हें नीले ड्रम में रेत और सीमेंट के साथ सील कर दिया। इस अपराध को छिपाने की उनकी कोशिश जांच के दौरान पकड़ी गई।

मुस्कान और साहिल को मेरठ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और कोर्ट में पेश किया गया, जहां वकीलों ने उन पर हमला कर दिया। न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार, मुस्कान ने इस हत्या की योजना लंबे समय से बना रखी थी। वह सौरभ को रास्ते से हटाना चाहती थी ताकि साहिल से शादी कर सके। जब सौरभ लंदन से अपनी नौकरी से लौटे, तो उन्होंने अपनी योजना को अंजाम दिया और उसे मार डाला। इस बीच, मुस्कान के माता-पिता ने उससे नाता तोड़ लिया है और दोनों आरोपियों के लिए फांसी की सजा की मांग की है।

Advertisement
First Published - March 31, 2025 | 4:46 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement