उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा में 29 अप्रैल का दिन एक बड़ा मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। प्रदेश के सबसे लंबे और बहुप्रतीक्षित ‘गंगा एक्सप्रेसवे’ की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका लोकार्पण करेंगे। 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे न केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वी यूपी से जोड़ेगा, बल्कि मेरठ से प्रयागराज के बीच के सफर को पूरी तरह बदलकर रख देगा। जहां पहले इस लंबी दूरी को तय करने में 10 से 12 घंटे का समय लगता था, वहीं अब यात्री इसे महज 6 से 7 घंटे में पूरा कर सकेंगे।
UPEIDA के अधिकारियों के अनुसार, इस एक्सप्रेसवे को रफ्तार और सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसे 120 किमी/घंटा की टॉप स्पीड के हिसाब से डिजाइन किया गया है, जिससे आम यात्रियों के साथ-साथ माल ढुलाई करने वाले भारी वाहनों को भी समय की बड़ी बचत होगी। UPEIDA के ACEO हरि प्रताप शाही के मुताबिक, फिलहाल यह एक्सप्रेसवे 6 लेन का बनाया गया है, लेकिन भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इसे 8 लेन तक चौड़ा करने की गुंजाइश रखी गई है। यातायात को सुगम बनाने के लिए इसकी सड़क की चौड़ाई (राइट ऑफ-वे) 120 मीटर रखी गई है।
इस विशाल परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए इसे चार अलग-अलग समूहों में बांटकर विकसित किया गया था। एक्सप्रेसवे पर सफर को आसान बनाने के लिए मेरठ और प्रयागराज में दो मुख्य टोल प्लाजा बनाए गए हैं, जबकि बीच के रास्तों पर चढ़ने-उतरने के लिए 19 रैम्प टोल प्लाजा दिए गए हैं। इससे वाहन चालकों को जाम का सामना नहीं करना पड़ेगा।
इसके अलावा यात्रियों की सुविधा के लिए रास्ते में 9 जन-सुविधा केंद्र बनाए गए हैं, जहां पेट्रोल, खान-पान, साफ शौचालय और आराम करने की पूरी व्यवस्था होगी। इंजीनियरिंग के लिहाज से भी यह प्रोजेक्ट खास है क्योंकि इसमें गंगा नदी पर 960 मीटर और रामगंगा नदी पर 720 मीटर लंबे विशाल पुलों का निर्माण किया गया है।
गंगा एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी खासियत शाहजहांपुर के पास बनी साढ़े तीन किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी है। इस हवाई पट्टी पर भारतीय वायुसेना ने आपातकालीन लैंडिंग का सफल परीक्षण भी कर लिया है, जो युद्ध या प्राकृतिक आपदा जैसी स्थितियों में देश के लिए काफी मददगार साबित होगी।
इसके अलावा UPEIDA के अधिकारियों का मानना है कि गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कारखानों और पूर्वी यूपी के खेतों के बीच एक सीधा और तेज रास्ता खुल जाएगा। इससे किसानों के लिए अपनी फसल को बड़े बाजारों तक पहुंचाना बहुत आसान हो जाएगा। साथ ही, फैक्ट्रियों को कच्चा माल मंगाने और अपना तैयार माल भेजने में समय और पैसा, दोनों की बचत होगी।
अधिकारों के मुताबिक, यह एक्सप्रेसवे केवल एक सड़क भर नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश की तरक्की का एक नया इंजन साबित होगा। बेहतर कनेक्टिविटी की वजह से प्रदेश में नया निवेश आएगा, जिससे हज़ारों युवाओं के लिए रोजगार के नए मौके पैदा होंगे। इसके अलावा, प्रयागराज जैसे धार्मिक और ऐतिहासिक शहरों तक पहुंचना आसान होने से पर्यटन को भी जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा।