facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

मेरठ-प्रयागराज गंगा एक्सप्रेस वे से लखनऊ का सफर भी होगा आसान, जानें लड़ाकू विमानों की लैंडिंग से लेकर और क्या-क्या होंगी सुविधाएं

Advertisement
Last Updated- March 12, 2023 | 2:56 PM IST
Ganga Express Way

मेरठ से प्रयागराज के बीच बन रहा देश का सबसे लंबा गंगा एक्सप्रेस वे अब उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से भी जुड़ेगा। इसके बाद दिल्ली से मेरठ होते हुए लखनऊ का रास्ता और भी आसान हो जाएगा। गंगा एक्सप्रेस वे को उन्नाव के पास लखनऊ-कानपुर के बीच बनने वाले एक्सप्रेस वे से जोड़ा जाएगा। इसके बाद गंगा एक्सप्रेस वे बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज के साथ ही लखनऊ से भी जुड़ जाएगा।

नोडल एजेंसी उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के अधिकारियों के मुताबिक उन्नाव के सोनिक और नेवरना गांव के पास गुजर रहे गंगा एक्सप्रेस वे के उपर एलीवेटेड रोड के जरिए कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस वे को निकाला जाएगा। यहीं पर दो जंक्शन बना कर दोनों एक्सप्रेस वे को जोड़ दिया जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इसके लिए चिन्हांकन का काम पूरा कर लिया है। गंगा एक्सप्रेस वे के लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे से जुड़ जाने के बाद दिल्ली से सीधा संपर्क का एक और कम दूरी का रास्ता मिलेगा जिससे पहुंचने में भी कम समय लगेगा।

यूपीडा अधिकारियों का कहना है कि इस एक्सप्रेस वे के निर्माण से करीब 518 ग्राम आच्छादित होंगे। इसके साथ ही एक्सप्रेस वे से प्रदेश के मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़, और प्रयागराज जिलों को जोड़ा जाएगा। एक्सप्रेस वे पर आपातकालीन स्थिति में भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों के लैंडिंग/टेक ऑफ के लिए शाहजहांपुर में 3.5 किमी लंबी हवाईपट्टी भी विकसित की जानी है। साथ ही लोगों की सुविधाओं के लिए 9 जनसुविधा केंद्र, 7 रेलवे ओवर ब्रिज, 14 दीर्घ सेतु, 126 लघु सेतु और 381 अंडरपास बनाया जाएगा। एक्सप्रेस वे पर प्रवेश और निकासी के लिए 17 स्थानों पर इंटरचेंज सुविधा भी दी जाएगी। परियोजना के आस पास के गांवों के निवासियों के लिए सर्विस रोड भी बनाया जाएगा। यूपीडा अधिकारियों ने बताया कि गंगा एक्सप्रेस वे प्रदेश का छठा और सबसे लंबा एक्सप्रेस वे होगा।

गंगा एक्सप्रेस वे की परियोजना की लागत 36290 करोड़ रुपये है। एक्सप्रेस वे का शिलान्यास दिसंबर 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। गंगा एक्सप्रेस वे के निर्माण की नोडल एजेंसी यूपीडा के मुताबिक इसका निर्माण कुल चार पैकेज में किया जा रहा है। वैश्विक निविदा के बाद एक्सप्रेसवे के निर्माण में तीन पैकेज का काम अदाणी समूह और एक पैकेज का काम आईआरबी इंन्फ्रा मुंबई को दिया गया है।

यही नहीं गंगा एक्सप्रेस वे के दोनों किनारों पर मेरठ, हापुड़, बरेली, मुरादाबाद, हरदोई, लखनऊ, कानपुर और प्रयागराज में इंडस्ट्रियल हब बनाने के लिए सरकार की तरफ से यूपीडा का अधिकृत किया गया है। इसके लिए एजेंसी का चयन कर इंडस्ट्रियल हब को विकसित करने का काम शुरु कर दिया गया है। एक्सप्रेस वे खाद्य प्रसंस्करण इकाईयों, भंडार गृह, मंडी और दुग्ध आधारित उद्योगों की स्थापना की जाएगी।

Advertisement
First Published - March 12, 2023 | 2:56 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement