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UP में कुदरत का कहर: बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं-सरसों बर्बाद, CM योगी ने दिए मुआवजे के निर्देश

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बारिश से प्रदेश में हुई बड़े पैमाने पर तबाही को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से फील्ड में उतर कर हालात का जायजा लेने व रिपोर्ट भेजने को कहा है

Last Updated- March 22, 2026 | 9:23 PM IST
Crop Damage
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

उत्तर प्रदेश में दो दिन चली बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने गेहूं, सरसों से लेकर आम तक की फसल चौपट कर दी है। लगातार हुई बारिश व आंधी से करोड़ों की अफीम की फसल भी बर्बाद हो गई है। 

प्रदेश के दो दर्जन से ज्यादा जिलों में आंधी-पानी ने कहर बरपाया है और कटने को तैयार फसल को नष्ट कर दिया है। बारिश से प्रदेश में हुई बड़े पैमाने पर तबाही को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से फील्ड में उतर कर हालात का जायजा लेने व रिपोर्ट भेजने को कहा है। उन्होंने कहा है कि प्रभावित क्षेत्रों में फसलों को हुए नुकसान का आकलन कर तत्काल किसानों को क्षति का मुआवजा दिया जाए।

उत्तर प्रदेश में शुक्रवार व शनिवार को दिन भर रुक-रुक कर हुई बारिश व तेज हवाओं के चलते सरसों और गेहूं की फसल खेत में ही बिछ गई। आधा दर्जन जिले में गिरे ओलों ने फसल को खासा नुकसान पहुंचाया है। जहां फसल कटने के बाद खेतों में पड़ी थी, वहां नुकसान सबसे ज्यादा हुआ है। 

बाराबंकी जिले में अफीम की खेती को आंधी-पानी से सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। एक अनुमान के मुताबिक 40 करोड़ रुपये की अफीम की फसल खराब हुई है। अफीम की फसल अप्रैल-मई में कटती थी और इस समय फसल में फूल आ चुके थे तो बारिश व आंधी से गिर गए हैं।

वहीं आम की आ रही फसल को भी मौसम के चलते नुकसान पहुंचा है। उत्तर प्रदेश के फल पट्टी क्षेत्र काकोरी-मलिहाबाद में बारिश व आंधी के चलते आम के टिकोरे गिर गए हैं। बागवानों का कहना है कि इस बार फरवरी में बौर अच्छी थी और अब फल आ गए थे जो आंधी के चलते आधे से ज्यादा गिर गए हैं। उनका कहना है कि 50 फीसदी से ज्यादा फसल खराब हो गयी है। इस बार गेहूं की फसल बोने में देर हुई थी, जिसके चलते अभी ज्यादातर जगहों पर कटाई नहीं हुई थी। वहीं सरसों की फसल में दाने आ चुके थे जो बारिश और आंधी से खराब हो गए हैं।

कृषि विभाग का कहना है कि आंधी-पानी का सबसे ज्यादा कहर मथुरा, बागपत, मुरादाबाद, गाजियाबाद, हापुड़, सहारनपुर, बुलंदशहर सहित सभी पश्चिमी जिलों व अवध क्षेत्र में रहा है। अवध के कुछ जिलों में लेट वैराइटी के आलू की खोदाई हो रही थी जो पानी के चलते सड़ेगा। वहीं खीरा-ककड़ी सहित कई सब्जियों की फसल भी खराब मौसम से प्रभावित हुई है। 

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First Published - March 22, 2026 | 9:23 PM IST

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