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उद्यमिता को मिलेगा डिजिटल बूस्ट, सीएम योगी ने शुरू की ‘सीएम युवा’ और ‘यूथ अड्डा’ पहल

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CM Yogi ने अपने संबोधन में जातिगत भेदभाव को समाप्त कर सभी समुदायों के युवाओं को समान अवसर प्रदान करने की डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता को जाहिर किया।

Last Updated- June 27, 2025 | 3:31 PM IST
UP CM Yogi Adityanath

उत्तर प्रदेश में उद्यमी बनने की चाह रखने वाले युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए योगी सरकार ने सीएम युवा ऐप और यूथ अड्डा कैफे (Youth Adda cafe) की शुरूआत की है। शुक्रवार को विश्व एमएसएमई दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उद्यमिता को प्रोत्साहन देने के लिए राजधानी लखनऊ में कई महत्वपूर्ण पहलों की शुरूआत की है। इस दौरान उन्होंने यूथ अड्डा का लोकार्पण, सीएम युवा मोबाइल ऐप का शुभारंभ और बरेली व मुरादाबाद में 18 करोड़ रुपये की ओडीओपी सीएफसी परियोजनाओं का उद्घाटन किया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में जातिगत भेदभाव को समाप्त कर सभी समुदायों के युवाओं को समान अवसर प्रदान करने की डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता को जाहिर किया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने न सिर्फ उद्यमियों की उपेक्षा की, बल्कि जातीय संघर्षों को बढ़ावा देने का कार्य भी किया।

एमएसएमई दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने यूथ अड्डा का लोकार्पण किया, जिसे यूपीकॉन द्वारा नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया है। यह मंच सभी जातियों और समुदायों के युवाओं को अपने व्यावसायिक विचार साझा करने, बैंकों से ऋण सहायता प्राप्त करने और अनुभवी मेंटर्स से मार्गदर्शन लेने का अवसर प्रदान करेगा। इसी मौके पर सीएम युवा मोबाइल ऐप की शुरूआत के साथ, सरकार ने युवाओं को उद्यमिता से जोड़ने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म की शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ऐप सभी समुदायों के युवाओं को बिना किसी जातिगत भेदभाव के प्रशिक्षण, ऋण, और सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ऐप सुनिश्चित करेगा कि कोई भी युवा सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने के लिए मजबूर न हो।

मुख्यमंत्री ने वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) योजना के तहत बरेली और मुरादाबाद में 18 करोड़ रुपये की लागत से कॉमन फैसिलिटेशन सेंटर (सीएफसी) परियोजनाओं का लोकार्पण किया। योगी ने कहा कि आज ओडीओपी के माध्यम से हर जनपद की विशिष्टता को वैश्विक मंच मिल रहा है। उन्होंने बताया कि इस योजना ने सभी जातियों के कारीगरों और उद्यमियों को समान अवसर प्रदान किए हैं, जिससे मुरादाबाद का ब्रास, भदोही का कालीन और लखनऊ की चिकनकारी जैसे उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान बना रहे हैं।

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई इकाइयों में 2 करोड़ से अधिक लोग कार्यरत हैं, जिनमें सभी जातियों और समुदायों के लोग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने बिना भेदभाव के इन इकाइयों को पांच लाख रुपये का सुरक्षा कवच और सामाजिक सुरक्षा प्रदान की है। यूपी देश में एमएसएमई में 14 फीसदी हिस्सेदारी के साथ अग्रणी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 में प्रदेश का निर्यात मात्र 80 हजार करोड़ रुपये था, जो आज 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। प्रति व्यक्ति आय 46 हजार रुपये से बढ़कर 1 लाख 20 हजार रुपये और जीडीपी 12 लाख 75 हजार करोड़ से बढ़कर 31 लाख करोड़ रुपये हो गई है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 55 हजार युवाओं को 5 लाख रुपये का ब्याज-मुक्त ऋण और 10 फीसदी सरकारी अनुदान प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री ने इस साल 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने वाले इंटरनेशनल ट्रेड शो के तीसरे संस्करण की घोषणा की।

उन्होंने कहा कि यह शो यूपी के एमएसएमई उत्पादों को वैश्विक खरीदारों तक पहुंचाने का मंच प्रदान करेगा। उन्होंने बताया कि यूपी के 77 उत्पादों को जीआई टैग प्राप्त हो चुका है और 75 नए आवेदनों पर कार्य चल रहा है। इसके लिए ह्यूमन वेलफेयर एसोसिएशन के साथ एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए, ताकि सभी समुदायों के हस्तशिल्पियों के उत्पादों को संरक्षित किया जा सके।

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First Published - June 27, 2025 | 3:31 PM IST

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