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UP: योगी सरकार में जमकर हो रहा निर्यात, सब्जियों और फलों की मांग ने भी लगाई छलांग

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UP के खाद्य तेल और खाने वाले खनिज की मांग भी दुनिया भर में बढ़ी है। चीनी, टेक्सटाइल, इलेक्ट्रिकल मशीनरी जैसे सेक्टरों में पिछले 8 साल में चौंकाने वाली तेजी दर्ज हुई है।

Last Updated- October 26, 2023 | 8:40 PM IST
Vegetables from Pilibhit

निर्यात के मामले में लगातार रिकॉर्ड बना रहे उत्तर प्रदेश ने सब्जियों और फलों के मामले में भी बड़ी छलांग लगाई है। पारंपरिक रुप से उत्तर प्रदेश से निर्यात होने वाली वस्तुओं के इतर खाद्य उत्पादों की भी मांग दुनिया भर में तेजी से बढ़ी है।

निर्यात प्रोत्साहन ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक बीते सात सालों में प्रदेश से शहद, सब्जी, फल व फलों के उत्पाद, अनाज व मसालों के निर्यात में खासी तेजी आयी है। हालांकि इसके साथ ही इलेक्ट्रिकल व इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के निर्यात में भी बीते सात-आठ सालों में उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की गई है।

प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि योगी सरकार की निर्यात नीतियों का बड़ा असर दिख रहा है और कंदमूल से लेकर मशीनरी तक में प्रदेश का सिक्का निर्यात में जम गया है। उन्होंने बताया कि योगी राज में उत्तर प्रदेश से 12 गुना तक निर्यात बढ़ा है। इनमें भी खाने पीने की चीजों के निर्यात में बड़ी उछाल आई है।

उत्तर प्रदेश के खाद्य तेल और खाने वाले खनिज की मांग भी दुनिया भर में बढ़ी है। चीनी, टेक्सटाइल, इलेक्ट्रिकल मशीनरी जैसे सेक्टरों में पिछले 8 साल में चौंकाने वाली तेजी दर्ज हुई है।

आंकड़ों के मुताबिक जहां वर्ष 2014-15 में सब्जियों और कंदमूल का निर्यात 35 करोड़ था वहीं अब निर्यात बढ़कर हुआ 434 करोड़ रुपये हो गया है यानी 12 गुना की बढ़त दर्ज की गयी है। प्रदेश होने वाले फलों का निर्यात वित्त वर्ष 2014-15 के 13.50 करोड़ रुपये से बढ़कर 147 करोड़ रुपए हो गया है। निर्यात प्रोत्साहन के आंकड़े बताते हैं कि बीते सात सालों में प्रदेश से अनाज की मांग 2300 करोड़ से उछलकर 5000 करोड़ रुपए के पार हो गई है। इसके साथ ही सब्जी, एनिमल फैट और तेल का निर्यात 8 करोड़ से बढ़कर 300 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है।

प्रदेश से होने वाले पारंपरिक वस्तुओं के निर्यात में सिल्क का जलवा कायम रहा है। बीते सात सालों में सिल्क का निर्यात सबसे अधिक 28 गुना बढ़ा है। वर्ष 2014-15 में सिल्क का निर्यात 9.11 करोड़ रुपये था जो कि 2022 में बढ़कर 251.65 करोड़ रुपये हो गया। प्रदेश के टेक्सटाइल उद्योग के उत्पादों की बाहर मांग लगातार बनी हुयी है। बीते सात सालों में इसका निर्यात 6000 करोड़ रुपये बढ़कर 12000 करोड़ रुपये हो गया है।

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First Published - October 26, 2023 | 8:31 PM IST

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