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UP: योगी सरकार का प्लान, यूपी के 229 गांव बनेंगे पर्यटन का केंद्र

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प्रदेश सरकार के पर्यटन विभाग और राज्य ग्रामीण आजीविक मिशन के बीच गांवों में बेहतर सुविधाएं विकसित करने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

Last Updated- June 12, 2024 | 1:48 PM IST
UP CM Yogi Adityanath
Uttar Pradesh Yogi Adityanath (File Pic)

UP Tourism: उत्तर प्रदेश में हाल के दिनों में आने वाले पर्यटकों की तादाद में भारी उछाल के बाद अब योगी सरकार गावों के पर्यटन केंद्र के तौर पर विकसित कर रही है। प्रदेश सरकार ने ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 229 गांवों की पहचान की है जहां तमाम सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

प्रदेश सरकार के पर्यटन विभाग और राज्य ग्रामीण आजीविक मिशन के बीच गांवों में बेहतर सुविधाएं विकसित करने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। उत्तर प्रदेश के पर्यटन और संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ग्रामीण पर्यटन को प्रोत्साहित करके हम न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दे रहे हैं बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों को भी आगे बढ़ा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को काफी बढ़ावा मिलेगा। इससे न केवल आजीविका के अवसर मिलेंगे बल्कि विभिन्न प्रकार के पर्यटन अनुभवों की मेजबानी के लिए बुनियादी ढांचे में वृद्धि होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन विकास के लिए 229 गांवों की पहचान पहले ही की जा चुकी है।

पर्यटन मंत्री ने बताया कि प्रदेश में ग्रामीण पर्यटन और आजीविका बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए दो एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। पहला एमओयू उत्तर प्रदेश पर्यटन व राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के बीच हुआ। इस पांच-वर्षीय समझौते का उद्देश्य स्थायी आजीविका विकास और वित्तीय सेवाओं तक बेहतर पहुंच के माध्यम से ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाते हुए पर्यटन को बढ़ावा देना और पर्यटन बुनियादी ढांचे का विकास करना है।

जयवीर सिंह ने बताया कि एमओयू के तहत पर्यटन विभाग चयनित गांवों में बुनियादी आवश्यकताओं को चिह्नित तथा सुविधाओं को विकसित करने, पर्यटन गतिविधियों के लिए समुदायों को संगठित करने, क्षमता निर्माण कार्यक्रमों का आयोजन करने और होमस्टे को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करेगा। वह सोशल मीडिया प्रबंधन, सामग्री निर्माण और परिचय यात्राओं पर भी काम करेंगे। उन्होंने कहा कि गांवों में अल्प अवधि के कई प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है। इसमें होम स्टे मालिकों, स्वयं सहायता समूह के हितधारकों, टूरिस्ट गाइड आदि को प्रशिक्षित किया जा रहा है।

पर्यटन मंत्री ने बताया कि दूसरे एमओयू पर आजीविका मिशन और मान्यवर कांशीराम इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म मैनेजमेंट, पर्यटन विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार के बीच हस्ताक्षर किया गया है। इस साझेदारी का उद्देश्य राज्य में खाद्य सेवा उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए एक स्थायी मॉडल विकसित करना है। उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव, पर्यटन और संस्कृति, मुकेश कुमार मेश्राम ने कहा कि यह पहल सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को बढ़ाएगी, जिससे पर्यटकों को एक विशेष अनुभव मिलेगा। यूपीएसआरएलएम की मिशन निदेशक दीपा रंजन ने कहा, यह साझेदारी गांवों में आर्थिक विकास और सतत विकास के नए अवसर पैदा करेगी।

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First Published - June 12, 2024 | 1:48 PM IST

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