facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

हर जिले में ‘बस पार्क’ बनाएगी योगी सरकार, निजी व टूरिस्ट बसें हो सकेंगी खड़ी

Advertisement

परिवहन विभाग ने निजी व टूरिस्ट बसों की पार्किंग व संचालन के लिए नीति तैयार की है।

Last Updated- September 27, 2023 | 7:23 PM IST
Yogi Adityanath

Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश में यातायात की बढ़ती दिक्कतों व निजी बसों के संचालन में हो रही अड़चनों को देखते हुए योगी सरकार हर जिले में बस पार्क (UP Bus Park) बनाएगी। इस पार्कों में निजी व टूरिस्ट बसें खड़ी होंगी और उनका संचालन भी वहीं से हो सकेगा। बस पार्कों का निर्माण और संचालन निजी क्षेत्र की मदद से किया जाएगा।

प्रदेश सरकार के परिवहन विभाग की योजना के मुताबिक इन पार्कों से बसों का संचालन होने से यात्रियों को आसानी होगी और यातायात का प्रबंधन हो सकेगा। परिवहन विभाग ने निजी व टूरिस्ट बसों की पार्किंग व संचालन के लिए नीति तैयार की है।

नीति के मुताबिक प्रदेश के सभी जिलों में निजी सार्वजनिक सहभागिता (पीपीपी) मॉडल के आधार पर बस पार्क बनाए जाएंगे। बस पार्क बनाने वाली निजी संस्था को सरकार स्टांप ड्यूटी, भू उपयोग परिवर्तन शुल्क में छूट सहित कई अन्य रियायत देगी। बस पार्कों का संचालन करने वाली कंपनी बसों से यूजर चार्ज वसूलेगी।

गौरतलब है कि हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नें प्रदेश में चल रहे सभी अवैध बस अड्डों को समाप्त करने का आदेश देते हुए यात्रियों की सुविधा के लिए व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद परिवहन मंत्री दयाशंकर ने अधिकारियों से बस पार्क बनाने की संभावना तलाशते हुए इसके लिए नीति बनाने को कहा था।

अधिकारियों के मुताबिक प्रदेश में लगभग 1.25 लाख बसें संचालित हो रही हैं जिनमें सरकारी बसों की संख्या केवल 11200 ही हैं। इतनी बड़ी तादाद में निजी व टूरिस्ट बसों के संचालन होने के बाद प्रदेश में दो जिलों को छोड़ कर कहीं भी निजी बसों के लिए स्थान आरक्षित नहीं है।

परिवहन मंत्री का कहना है कि प्रदेश में केवल लखीमपुर खीरी व बदायूं जिले में ही निजी बस अड्डे संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा राजधानी सहित ज्यादातर जगहों पर अनाधिकृत स्थानों से निजी बसें संचालित हो रही हैं। परिवहन विभाग की ओर से तैयार नीति के मुताबिक जिलाधिकारियों को बस पार्क के संबंध में अधिकार दिए जाएंगे।

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति बस पार्कों के लिए स्थल चयन से लेकर शर्तों के निर्धारण का काम करेगी। अलग-अलग जिलों में बस पार्कों में क्या यूजर चार्ज लिया जाना है इसका भी निर्धारण जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति ही करेगी। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही बस पार्क के संबंध में प्रदेश सरकार एक आदेश जारी कर इसे अमली जामा पहनाएगी।

Advertisement
First Published - September 27, 2023 | 7:23 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement