facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

इन्वेस्ट यूपी के बाद योगी सरकार का नया फैसला, जिला उद्योग केंद्रों को कॉरपोरेट रूप देने की योजना

Advertisement

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों पर इन्वेस्ट यूपी ने डीआईसी के कायाकल्प की योजना तैयार की है। योजना में 47 सालों से चल रहे डीआईसी को पूरी तरह से नया लुक देना शामिल है।

Last Updated- October 26, 2025 | 6:46 PM IST

निवेशकों की सहूलियत के लिए बनायी गयी संस्था इन्वेस्ट यूपी के देश के पांच बड़े शहरों में विस्तार के फैसले के बाद अब योगी सरकार जिला उद्योग केंद्रों (डीआईसी) का भी कायाकल्प करेगी। बीते चार दशकों से भी ज्यादा समय से पुराने ढर्रे पर चल रहे जिला उद्योग केंद्रों को कॉरपोरेट तरीके से संवारा जाएगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों पर इन्वेस्ट यूपी ने डीआईसी के कायाकल्प की योजना तैयार की है। योजना में 47 सालों से चल रहे डीआईसी को पूरी तरह से नया लुक देना शामिल है। प्रदेश के सभी जिलो में मौजूद डीआईसी भवनों की मरम्मत कराने के साथ ही वहां अलग से प्रशासनिक भवनस कांफ्रेंस हाल, उद्यमियों के लिए ल़बी वगैरा का निर्माण कराया जाएगा। डीआईसी में आने वाले उद्यमियों को कॉरपोरेट माहौल देने लिए उद्यमी मित्र वहां मौजूद रहेंगे जो उनकी समस्याओं को सुनेंगे व निराकरण करने में मदद करेंगे।

इन्वेस्ट यूपी अगले महीने से डीआईसी के कायाकल्प की योजना पर काम शुरू कर देगा। इसके लिए सभी जिला उद्योग केंद्रों से वहां पर कराए जाने वाले कामों के प्रस्ताव मांगे गए हैं। सभी जिलों की डीआईसी के महाप्रबंधकों से इस समय मौजूद सुविधाओं के साथ जरूरी चीजों को उपलब्ध कराए जाने संबंधी प्रस्ताव मंगाए गए हैं। केंद्र सरकार ने सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 1978 में सभी जिलों में डीआईसी की स्थापना की थी।

Also Read: अनिल अग्रवाल की Vedanta ने $500 मिलियन बांड जारी कर कर्ज का बोझ घटाया

औद्योगिक विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य डीआईसी को नया स्वरूप देकर निवेशकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना व प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देना है। डीआईसी को सभी तरह की आधुनिक सुविधाएं से लैस किया जाएगा और हर संभव प्रयास किए जाएंगे कि छोटे-बड़े सभी उद्यमियों की समस्याओं का हल जिला स्तर पर ही किया जा सके।

Also Read: अदाणी की फंडिंग में US इंश्योरर्स की एंट्री, LIC रही पीछे

गौरतलब है कि हाल ही में इन्वेस्ट यूपी के पुनर्गठन प्रस्ताव को मुख्यमंत्री ने स्वीकृति दी है। इन्वेस्ट यूपी के नए ढांचे के तहत टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल एवं इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, केमिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और सर्विस सेक्टर जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञ सेल गठित किए जाएंगे। साथ ही मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और नई दिल्ली में सैटेलाइट इन्वेस्टमेंट प्रमोशन ऑफिस स्थापित किए जाएंगे, जिनके जरिए घरेलू और वैश्विक निवेशकों से सीधा संवाद स्थापित कर उत्तर प्रदेश में निवेश को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने इन्वेस्ट यूपी में और अधिक अधिकारियों की तैनाती के भी निर्देश दिए हैं।

Advertisement
First Published - October 26, 2025 | 6:46 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement