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परिवहन विभाग के सभी पोर्टल-ऐप्स को जोड़ रही यूपी सरकार, सड़क सुरक्षा बढ़ेगी और हादसे होंगे कम

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परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इन प्रयासों से रोड एक्सीडेंट और इस दौरान होने वाली मृत्यु की संख्या में कमी आयेगी और सड़क सुरक्षा बढ़ेगी

Last Updated- December 08, 2025 | 9:39 PM IST
Yogi adityanath

उत्तर प्रदेश में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने और सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए परिवहन विभाग के विभिन्न पोर्टलों व एप को एक साथ जोड़ा जाएगा। इस क्रम में ट्रैफिक पुलिस एवं यातायात व परिवहन विभाग के संयुक्त प्रयासों से ई-चालान पोर्टल का विस्तार, दुर्घटना डेटा विश्लेषण और बीमा एकीकरण जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। प्रक्रिया के तहत ई-चालान प्रणाली के वाहन और सारथी ऐप के इंटीग्रेशन के साथ-साथ एक्सीडेंट डेटा कलेक्शन के लिए ऑनलाइन डैशबोर्ड बनाया जा रहा है। साथ ही वाहन बीमा को भी ई-चालान से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इन प्रयासों से रोड एक्सीडेंट और इस दौरान होने वाली मृत्यु की संख्या में कमी आयेगी और सड़क सुरक्षा बढ़ेगी।

चालानों की ट्रैकिंग होगी आसान

अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में रोड सेफ्टी को बढ़ावा देने और रोड एक्सीडेंट के दौरान होने वाली मृत्यु की संख्या में कमी लाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना को अमल में लाया जा रहा है। हाल ही में संपन्न हुई मुख्य सचिव की बैठक में स्वीकृति मिलने के बाद यूपी परिवहन विभाग एवं यातायात निदेशाल ने ट्रैफिक पुलिस के संयुक्त प्रयास से पूरे प्रदेश में ई-चालन प्रक्रिया के इंट्रीग्रेशन का कार्य तेज गति से शुरू कर दिया है। इस कड़ी में सबसे पहले ट्रैफिक पुलिस एवं परिवहन विभाग के चालानों का ई-चालान पोर्टल पर इंटीग्रेशन किया जा रहा है। पहले चरण में प्रदेश के 17 जिलों में प्रक्रिया एनआईसी के माध्यम से शुरू की जा चुकी है। बाकी जिलों में भी जल्द ही शुरू की जाएगी। इससे एक ओर तो चालानों की ट्रैकिंग आसान हो जाएगी साथ ही डिफॉल्टर वाहन मालिकों पर त्वरित कार्रवाई भी संभव होगी।

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ड्राइविंग लाइसेंस चालानों का पूरा इंटीग्रेशन

यूपी परिवहन विभाग ने सारथी पोर्टल के माध्यम से ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े सभी चालानों का एकीकरण पूरा कर लिया है। साथ ही वाहन और सारथी ऐप, ई-डार, आई रैड ऐप और ई-चालान पोर्टलों को एकीकृत करने के लिए एआई आधारित प्लेटफॉर्म को विकसित किया जा रहा है। एक्सीडेंट डेटा कलेक्शन और विश्लेषण के लिए ऑनलाइन डैशबोर्ड भी विकसित किया जा रहा है। परिवहन विभाग ने ई-डार और आई रैड ऐप के जरिए सभी जिलों में रोड एक्सीडेंट और चालानों की डेटा फीडिंग शुरू कर दी है।

ई-चालान को बीमा से जोड़ा जाएगा

विभाग की ई-चालान को वाहन बीमा से जोड़ने और पांच से अधिक चालानों पर प्रीमियम बढ़ाये जाने की भी योजना है। जिससे रोड एक्सीडेंट के मामले में त्वरित इलाज और मुआवजे की व्यवस्था ऑनलाइन प्रक्रिया से की जा सके। नवंबर माह में संपन्न हुई बैठक में बीमा प्रतिनिधियों ने योजना को सैद्धांतिक सहमति दी है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रीमियम दरों में बदलाव आईआरडीएआई के माध्यम से ही संभव होगा। इसके अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस और प्रवर्तन दलों को आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से लैस किया जा रहा है जिससे चालान का प्रवर्तन और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

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First Published - December 8, 2025 | 9:39 PM IST

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