facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

विक्रम मिस्री ने नए विदेश सचिव का प्रभार संभाला

Advertisement

भारतीय विदेश सेवा के 1989 बैच के अधिकारी मिस्री ने विनय क्वात्रा का स्थान लिया है।

Last Updated- July 15, 2024 | 12:25 PM IST
Vikram Mistry
IFS Vikram Mistry ( X)

चीन से संबंधित मामलों पर विशेषज्ञ माने जाने वाले अनुभवी राजनयिक विक्रम मिस्री ने सोमवार को भारत के नए विदेश सचिव का पदभार संभाल लिया। भारतीय विदेश सेवा के 1989 बैच के अधिकारी मिस्री ने विनय क्वात्रा का स्थान लिया है।

मिस्री ने ऐसे वक्त में यह महत्वपूर्ण पद संभाला है जब भारत विदेश नीति की कई चुनौतियों से निपटने की कोशिश कर रहा है जिसमें पूर्वी लद्दाख सीमा पर जारी गतिरोध के बाद चीन के साथ उसके तनावपूर्ण संबंध भी शामिल हैं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘श्री विक्रम मिस्री ने आज विदेश सचिव के तौर पर प्रभार संभाला। विदेश मंत्रालय विदेश सचिव मिस्री का गर्मजोशी से स्वागत करता है और उन्हें सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं देता है।’’ मिस्री इससे पहले राष्ट्रीय उप सुरक्षा सलाहकार के रूप में काम कर रहे थे।

उन्हें तीन प्रधानमंत्रियों – इंदर कुमार गुजराल, मनमोहन सिंह और नरेन्द्र मोदी के निजी सचिव के रूप में काम करने का अनुभव प्राप्त है। राष्ट्रीय उप सुरक्षा सलाहकार नियुक्त होने से पहले वह 2019-2021 तक चीन में भारत के राजदूत थे। ऐसा माना जाता है कि मिस्री ने जून 2020 में गलवान घाटी में झड़पों के कारण पैदा हुए तनाव के बाद भारत और चीन के बीच वार्ता में अहम भूमिका निभायी।

गलवान घाटी में भीषण झड़प के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में तनाव पैदा हो गया। यह दशकों में दोनों पक्षों के बीच सबसे गंभीर सैन्य संघर्ष था। अपने शानदार करियर में मिस्री स्पेन (2014-16) और म्यांमा (2016-18) में भारत के राजदूत भी रहे। इसके अलावा उन्होंने पाकिस्तान, अमेरिका, जर्मनी, बेल्जियम और श्रीलंका समेत कई भारतीय दूतावासों में विभिन्न पदों पर अपनी सेवाएं दीं।

Advertisement
First Published - July 15, 2024 | 12:24 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement