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लोक सभा अध्यक्ष के लिए मतदान कल, NDA की ओर से ओम बिरला और विपक्ष की तरफ से के. सुरेश ने भरा पर्चा

इंडिया गठबंधन के नेता जहां अगली रणनीति बनाने में जुटे हैं वहीं, केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने विपक्ष से अपील की है वह लोक सभा अध्यक्ष पद के लिए अपना उम्मीदवार न उतारे।

Last Updated- June 25, 2024 | 10:32 PM IST
लोक सभा अध्यक्ष के लिए मतदान कल, NDA की ओर से ओम बिरला और विपक्ष की तरफ से के. सुरेश ने भरा पर्चा, Voting for Lok Sabha Speaker tomorrow, Om Birla from NDA and K from the opposition. Suresh filled the form

Om Birla vs K Suresh: लोक सभा अध्यक्ष पद के लिए सरकार और विपक्ष के बीच मंगलवार को आम-सहमति नहीं बन सकी और अब राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार तथा भाजपा सांसद ओम बिरला का मुकाबला कांग्रेस के कोडिकुन्नील सुरेश के साथ होगा। बिरला और सुरेश ने मंगलवार को क्रमश: राजग और विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (‘इंडिया’) के उम्मीदवारों के रूप में अपने नामांकन पत्र दाखिल किए।

इंडिया गठबंधन के नेता जहां अगली रणनीति बनाने में जुटे हैं वहीं, केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने विपक्ष से अपील की है वह लोक सभा अध्यक्ष पद के लिए अपना उम्मीदवार न उतारे। लोक सभा अध्यक्ष के चुनाव में उतरने के लिए विपक्ष ने अंतिम समय में तब फैसला लिया जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेताओं ने उनकी इस पूर्व शर्त को नहीं माना कि राजग के उम्मीदवार बिरला का समर्थन करने के ऐवज में विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन को उपाध्यक्ष पद दिया जाना चाहिए।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के संसद भवन स्थित कार्यालय में विपक्ष की ओर से कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और द्रमुक के टीआर बालू ने सिंह, गृह मंत्री अमित शाह तथा स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से इस मुद्दे पर आम सहमति बनाने के उद्देश्य से बातचीत की, लेकिन दोनों पक्ष अपने रुख पर अड़े रहे और कोई नतीजा नहीं निकला।

पिछली लोक सभा में भी अध्यक्ष रह चुके बिरला को राजग की तरफ से सर्वसम्मति से उम्मीदवार बनाया गया है। बिरला ने नामांकन दाखिल करने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। वेणुगोपाल और बालू लोक सभा अध्यक्ष के पद के लिए राजग उम्मीदवार का समर्थन करने से इनकार करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के कार्यालय से बाहर आ गए।

वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि सरकार ने उपाध्यक्ष पद विपक्ष को देने की प्रतिबद्धता नहीं जताई। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि लोक सभा अध्यक्ष के लिए उम्मीदवार के नाम पर सर्वसम्मति होती तो बेहतर होता। उन्होंने इस संबंध में शर्तें रखने के लिए विपक्ष की आलोचना भी की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को शर्तों पर नहीं चलाया जा सकता।

जनता दल (यूनाइटेड) के नेता और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि बिरला का नाम राजग के सभी दलों ने सर्वसम्मति से तय किया और भाजपा के वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह भी समर्थन हासिल करने के लिए विपक्ष के पास पहुंचे। विपक्ष पर निशाना साधते हुए ललन सिंह ने कहा कि वे लोक सभा उपाध्यक्ष के पद पर तुरंत फैसला चाहते हैं, जबकि राजनाथ सिंह ने अनुरोध किया था कि चयन का समय आने पर सभी को एक साथ बैठना चाहिए और इस मुद्दे पर चर्चा करनी चाहिए।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कांग्रेस से अपील की कि वह लोक सभा अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए दबाव नहीं डाले, क्योंकि पीठासीन अधिकारी किसी पार्टी से संबंधित नहीं होता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अध्यक्ष पद पर आम सहमति के लिए पिछले दो दिन में प्रमुख विपक्षी दलों से संपर्क किया है।

इससे पहले, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि लोक सभा उपाध्यक्ष का पद विपक्ष को दिए जाने की परंपरा रही है और यदि नरेंद्र मोदी सरकार इस परंपरा का पालन करती है तो पूरा विपक्ष सदन के अध्यक्ष के चुनाव में सरकार का समर्थन करेगा। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने समर्थन के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को फोन किया था और फिर फोन करने की बात की थी, लेकिन अब तक उनका फोन नहीं आया।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री विपक्ष से रचनात्मक सहयोग की उम्मीद करते हैं, लेकिन कांग्रेस के नेता का अपमान किया जा रहा है।  केरल से आठवीं बार लोक सभा पहुंचे सुरेश ने कहा कि यह हारने या जीतने का विषय नहीं है, बल्कि बात इस परंपरा की है कि लोक सभा अध्यक्ष सत्तारूढ़ दल का होगा और उपाध्यक्ष विपक्ष का रहेगा।

लोक सभा अध्यक्ष के चुनाव के वास्ते रणनीति तैयार करने के लिए इंडिया के घटक दल रणनीति बनाने में जुट गए हैं। इसके लिए उनकी मंगलवार देर रात बैठक भी हुई। कांग्रेस ने कहा कि गेंद अब सरकार के पाले में है।

दूसरी तरफ, तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि इस पद के लिए ‘इंडिया’ गठबंधन के संयुक्त उम्मीदवार के रूप में कांग्रेस के कोडिकुनिल सुरेश को उम्मीदवार बनाने पर उनकी पार्टी से सलाह नहीं ली गई। उन्होंने यह भी कहा कि सुरेश को समर्थन देने को लेकर पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी निर्णय लेंगी।  सूत्रों ने कहा कि टीएमसी ने लोक सभा अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए सुरेश के नामांकन पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं।

First Published - June 25, 2024 | 10:32 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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