facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

जम्मू-कश्मीर में मिले लिथियम के उपयोग से वाहन विनिर्माण में पहले पायदान पर होगा भारत: Gadkari

Advertisement
Last Updated- March 24, 2023 | 4:33 PM IST
One and a half hour away from Delhi to Dehradun, Delhi-Dehradun Expressway will be operational by December- Gadkari

केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को कहा कि भारत जम्मू-कश्मीर में हाल ही में खोजे गए लिथियम भंडार का उपयोग करता है तो वह दुनिया में वाहन विनिर्माण के क्षेत्र में पहले पायदान पर होगा।

गडकरी ने उद्योग मंडल भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के शुक्रवार को आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की जरूरत है और इलेक्ट्रिक बसें ही भविष्य हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम हर साल 1,200 टन लिथियम आयात करते हैं।’’

केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘हमें अब जम्मू-कश्मीर में लिथियम मिला है। अगर हम इस लिथियम आयन का उपयोग कर सकते हैं, तो हम विश्व स्तर पर वाहन विनिर्माता देशों में पहले स्थान पर होंगे।’’

भारत, पिछले साल यानी 2022 में चीन और अमेरिका के बाद जापान को पीछे छोड़ तीसरा सबसे बड़ा वाहन बाजार बन गया है। गडकरी के अनुसार, ‘‘वर्तमान में देश का वाहन उद्योग 7.5 लाख करोड़ रुपये का है। इसके अलावा देश के कुल वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) राजस्व में इस क्षेत्र का अधिकतम योगदान है।’’

भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) ने रियासी जिले में इलेक्ट्रिक वाहनों और सौर पैनल के विनिर्माण के लिहाज से महत्वपूर्ण खनिज लिथियम का पता लगाया। इसका अनुमानित भंडार 59 लाख टन अनुमानित है।

जम्मू-कश्मीर के खनन सचिव अमित शर्मा ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘यह लिथियम दुर्लभ संसाधन की श्रेणी में आता है। यह पहले भारत में उपलब्ध नहीं था और हम इसके 100 प्रतिशत आयात पर निर्भर थे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘…जीएसआई के जी3 (उन्नत) विश्लेषण के अनुसार, रियासी के सलाल गांव में माता वैष्णो देवी तीर्थ की तलहटी में प्रचुर मात्रा में सर्वोत्तम गुणवत्ता वाला लिथियम उपलब्ध है।’’

Advertisement
First Published - March 24, 2023 | 4:21 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement