facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

विपक्ष की हुंकार, परिसीमन के खिलाफ करेंगे वोट

Advertisement

विपक्ष ने जहां 33 प्रतिशत आरक्षण का समर्थन किया है, वहीं परिसीमन के प्रावधानों को खतरनाक बताते हुए इसके खिलाफ एकजुट होकर वोट करने का फैसला लिया है

Last Updated- April 16, 2026 | 8:30 AM IST
Opposition Protest

कांग्रेस सहित विपक्ष के कई प्रमुख दलों ने लोक सभा में महिला आरक्षण लागू करने से संबंधित संवैधानिक संशोधन विधेयक को पेश किए जाने से एक दिन पहले बुधवार को कहा कि वे महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने के पक्ष में हैं, लेकिन इस विधेयक के परिसीमन के प्रावधानों का पुरजोर विरोध करेंगे, क्योंकि ये खतरनाक हैं। हालांकि सूत्रों ने कहा कि दक्षिणी राज्यों केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना सहित किसी भी राज्य में लोक सभा सीटों की संख्या में कोई कमी नहीं की जाएगी। जनसंख्या वृद्धि को जिम्मेदारी से नियंत्रित करने वाले राज्यों के लिए कानूनी सुरक्षा उपाय भी किए जाएंगे।

सरकार गुरुवार से शुरू होने वाले तीन दिवसीय विस्तारित बजट सत्र के दौरान लोक सभा और राज्य विधान सभाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने के लिए एक बड़े सुधार के रूप में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 पेश करने की तैयारी कर रही है। इससे संसद के निचले सदन में सदस्यों की मौजूदा संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव है।

राज्य सभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर हुई विपक्षी दलों की बैठक में नारीशक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन और परिसीमन संबंधी विधेयक पर विस्तार से चर्चा की गई तथा सर्वसम्मति से यह फैसला किया गया कि वे परिसीमन के प्रावधानों के खिलाफ एकजुट होकर वोट करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि लोक सभा की वर्तमान 543 सीटों के आधार पर वर्ष 2029 से महिला आरक्षण लागू किया जाए।

बैठक में खरगे, लोक सभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल और जयराम रमेश, समाजवादी पार्टी के रमाशंकर राजभर और सनातन पांडेय, द्रमुक नेता टी. आर. बालू, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री और नैशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला, तृणमूल कांग्रेस की सांसद सागरिका घोष, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव, शिवसेना (उबाठा) के संजय राउत एवं अरविंद सावंत, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले, आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद संजय सिंह सहित अन्य विपक्षी नेता शामिल हुए।

सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव, शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने डिजिटल माध्यम से बैठक में भाग लिया। बैठक के बाद खरगे ने संवाददाताओं से कहा, ‘हम सभी महिला आरक्षण विधेयक के पक्ष में हैं। हालांकि, जिस तरह से इसे लाया गया है, वह संदिग्ध है और हमें इस पर गंभीर आपत्ति है।’

इस बीच, लोक सभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिला आरक्षण के नाम पर अन्य पिछड़ा वर्गों (ओबीसी) का ‘हिस्सा चोरी’ करना चाहते हैं, जो ‘राष्ट्र विरोधी गतिविधि’ है।

Advertisement
First Published - April 16, 2026 | 8:30 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement