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In Parliament: ‘ भारतीय दूतावासों में जासूसी, आतंकी हमले को लेकर क्या है तैयारी ?’ संसदीय समिति ने मांगे जवाब

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विदेश मंत्रालय की अनुदान मांगों (2024-25) पर विदेश मामलों की समिति की चौथी रिपोर्ट संसद में पेश की गई। इस समिति के अध्यक्ष कांग्रेस सांसद शशि थरूर हैं।

Last Updated- February 09, 2025 | 7:13 PM IST
Shashi Tharoor

संसद की एक समिति ने अनुशंसा की है कि विदेश मंत्रालय (एमईए) को विभिन्न देशों में भू-राजनीतिक स्थिति, संभावित खतरों और समस्याओं को ध्यान में रखते हुए भारत के सभी मिशनों का “व्यापक सुरक्षा आकलन” करना चाहिए। संसदीय समिति ने भू-राजनीतिक स्थिति और अन्य कारकों के मद्देनजर विदेश में भारतीय मिशनों की सुरक्षा समेत कई अन्य सिफारिश की हैं। रिपोर्ट में कहा गया है, “हाल के घटनाक्रमों के मद्देनजर, समिति को लगता है कि कर्मियों की सुरक्षा, संवेदनशील सूचनाओं की सुरक्षा और राजनयिक कार्यों की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए विदेश में भारतीय मिशनों और चौकियों की हिफाजत सर्वोपरि है।”

विदेश मंत्रालय ने समिति को सूचित किया है कि भारतीय मिशनों और चौकियों की सुरक्षा की “निरंतर समीक्षा की जाती है”। विदेश मंत्रालय की अनुदान मांगों (2024-25) पर विदेश मामलों की समिति की चौथी रिपोर्ट पिछले सप्ताह संसद में पेश की गई। इस समिति के अध्यक्ष कांग्रेस सांसद शशि थरूर हैं।

बांग्लादेश, पश्चिम एशिया, कनाडा को लेकर हुई बात

रिपोर्ट में कहा गया है कि समिति ने अनुशंसा की है कि “मंत्रालय को संबंधित देशों में भू-राजनीतिक स्थिति, संभावित खतरों और समस्याओं को ध्यान में रखते हुए सभी मिशनों/चौकियों का व्यापक सुरक्षा मूल्यांकन करना चाहिए।” ये सिफारिशें बांग्लादेश जैसे देशों तथा पश्चिम एशिया के कुछ हिस्सों की स्थिति को देखते हुए महत्वपूर्ण हैं। पिछले कुछ महीनों में नयी दिल्ली ने कनाडा में भारत विरोधी गतिविधियां होने के मुद्दे को उठाया है, जिससे द्विपक्षीय संबंध प्रभावित हुए हैं।

42 देशों में नहीं है भारत के रेजिडेंट मिशन

विदेश मामलों की समिति ने अपनी रिपोर्ट में यह भी कहा कि फिलहाल 42 देशों में भारत के रेजिडेंट मिशन नहीं हैं। नए मिशन स्थापित करने में आने वाली चुनौतियों को स्वीकार करते हुए, समिति ने “इनसे निपटने के प्रयासों में तेजी लाने की अनुशंसा की, विशेष रूप से उन देशों में जहां भारत के महत्वपूर्ण आर्थिक या रणनीतिक हित हैं या बड़ी संख्या में प्रवासी रहते हैं।” समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि उसने नए मिशनों की स्थापना के लिए “मानदंडों पर भी गौर किया है”, जो आर्थिक साझेदारी, रणनीतिक सहयोग, प्रवासी संबंध और बहुपक्षीय कूटनीति पर केंद्रित हैं।

फुकुओका (जापान), कजान (रूस) और येकातेरिनबर्ग (रूस), लैटिन अमेरिका, यूरोप में खुलेंगे नए मिशन

रिपोर्ट में कहा गया है, “समिति को फुकुओका (जापान), कजान (रूस) और येकातेरिनबर्ग (रूस) जैसे अन्य रणनीतिक स्थानों में मिशनों को संचालित करने के लिए जारी प्रयासों और यूरोप, लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई क्षेत्रों में पांच मिशन खोलने की भविष्य की योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी गई है।”

(एजेंसी इनपुट के साथ)

 

 

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First Published - February 9, 2025 | 7:12 PM IST

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