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Suzlon Energy फिर पकड़ेगा रफ्तार! नए रोडमैप पर ब्रोकरेज बुलिश, BUY रेटिंग के साथ दिए अगले टारगेट

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Suzlon Energy के शेयर में मंगलवार के कारोबारी सेशन में करीब 7 फीसदी से ज्यादा का तगड़ा उछाल देखने को मिला। अगले पांच साल के रोडमैप ने खरीदारी का सेंटीमेंट मजबूत किया

Last Updated- June 16, 2026 | 4:45 PM IST
suzlon energy
सुजलॉन का लक्ष्य FY31 तक भारत के विंड एनर्जी बाजार में हिस्सेदारी को मौजूदा 33% से बढ़ाकर 40% से ज्यादा करना है। (प्रतीकात्मक फोटो)

Suzlon Energy Share: विंड पावर से फुल-स्टैक रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी बनने की तैयारी में जुटी सुजलॉन एनर्जी (Suzlon Energy) के वित्त वर्ष 2031 ग्रोथ प्लान से निवेशकों का सेंटीमेंट मजबूत किया। कंपनी के शेयरों में मंगलवार (16 जून) को हुई जोरदार खरीदारी से इसके संकेत मिले। स्टॉक कारोबारी सेशन में करीब 7 फीसदी उछल गया। ब्रोकरेज फर्म्स का मानना है कि कंपनी ने ‘इन्वेस्टर डे’ के दौरान ​निवेशकों की चिंताओं का काफी हद तक सामाधान किया, जिससे लंबी अवधि की ग्रोथ की संभावनाओं को मजबूती मिली। हालांकि, उनका कहना है कि कंपनी ने विजन बड़ा रखा है लेकिन आने वाले दिनों में तय लक्ष्यों को हासिल करने के लिए एग्जीक्यूशन की रफ्तार अहम होगी।

Suzlon Energy: नए रोडमैप के बाद ब्रोकरेज बुलिश

सुजलॉन एनर्जी का FY31 ग्रोथ रोडमैप को लेकर विजन उत्साहजनक है। साथ ही इसके लिए कंपनी की रणनीति सकारात्मक है। बेहतर ग्रोथ आउटलुक की संभावनाओं को देखते हुए ज्यादातर ब्रोकरेज हाउस सुजलॉन एनर्जी पर बुलिश नजर आ रहे हैं।

ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल (Motilal Oswal) ने सुजलॉन पर BUY रेटिंग बरकरार रखी है। साथ ही प्रति शेयर 65 रुपये का टारगेट प्राइस बनाए रखा है। इस तरह, ICICI सिक्योरिटीज ने भी स्टॉक पर 65 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ खरीदारी की सलाह बनाए रखी है। वहीं, नुवामा इक्विटी रिसर्च (Nuvama) का मानना है कि सुजलॉन को Hold करके रखना चाहिए। हालांकि टारगेट 56 रुपये पर ही रखा है।

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Suzlon Energy ने लगाई 7% की छलांग

सुजलॉन एनर्जी के शेयरों में मंगलवार (16 जून) को जबरदस्त उछाल देखने को मिला। कारोबारी सेशन के दौरान स्टॉक में करीब 7 फीसदी जोरदार उछाल देखने को मिला। BSE पर इंट्राडे में स्टॉक ने 59.25 का हाई और 55.34 का लो बनाया। कारोबार के आ​खिर में शेयर 4.23 फीसदी उछलकर 57.92 रुपये पर बंद हुआ।

सुजलॉन का शेयर अपने 52 हफ्ते के हाई (68.30) से करीब 15 फीसदी डिस्काउंट पर ट्रेड कर रहा है। स्टॉक के परफॉर्मेंस की बात करें, तो 1 महीने में 8 फीसदी, 3 महीने में 40 फीसदी और इस साल अबतक करीब 11 फीसदी उछल चुका है। शेयर का लॉन्ग टर्म रिटर्न देखें तो 3 साल में इसने 292 फीसदी और 5 साल में 788 फीसदी का मल्टीबैगर रिटर्न निवेशकों को दिया है।

ब्रोकरेज फर्म्स का क्या है आकलन

Motilal Oswal

मोतीलाल ओसवाल मानना है कि सुजलॉन के इन्वेस्टर डे में कंपनी ने मीडियम टू लॉन्ग टर्म की ग्रोथ को लेकर निवेशकों की प्रमुख चिंताओं का समाधान किया है। कंपनी मैनेजमेंट ने विस्तार और रिन्यूएबल एनर्जी के नए क्षेत्रों में डायवर्सिफिकेशन के लिए स्पष्ट रोडमैप पेश किया है, जिससे कंपनी की आय को अधिक स्थिरता मिल सकती है। कंपनी की रणनीतिक दिशा सकारात्मक दिखाई देती है, लेकिन निवेशकों का फोकस अब भी योजनाओं के प्रभावी एग्जीक्यूशन, कैपिटल आवंटन में अनुशासन, वर्किंग कैपिटल की स्थिति, और कर्ज से जुड़े संकेतकों पर होगा।

ब्रोकरेज का मानना है कि भारतीय विंड एनर्जी सेक्टर में सुजलॉन सबसे विश्वसनीय और निवेश योग्य कंपनी बनी हुई है। इसकी मजबूत बाजार हिस्सेदारी और निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने का ट्रैक रिकॉर्ड इसे प्रतिस्पर्धियों से अलग बनाता है।

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ICICI Securities

ICICI सिक्युरिटीज का कहना है कि सुजलॉन ने पिछले तीन सालों में अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करने पर काम किया है। निवेशकों के सामने कंपनी ने आगे की रणनीति पेश की। ‘Suzlon 2.0’ के तहत कंपनी खुद को केवल विंड टरबाइन, ईपीसी और ओएंडएम (ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस) सर्विस प्रोवाइडर के रूप में नहीं, बल्कि विंड-केंद्रित फुल-स्टैक रिन्यूएबल एनर्जी सॉल्यूशंस कंपनी के रूप में स्थापित करना चाहती है। इसमें साइट डेवलपमेंट, उपकरण आपूर्ति, टर्नकी प्रोजेक्ट और एसेट मैनेजमेंट जैसी सेवाएं शामिल होंगी, जो विंड, सोलर और स्टोरेज सेगमेंट को कवर करेंगी।

उनका कहना है कि यह रणनीति रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्र में बढ़ती उस मांग के अनुरूप है, जहां स्थिर और जरूरत के अनुसार उपलब्ध ऊर्जा को प्राथमिकता दी जा रही है। सुजलॉन का लक्ष्य भूमि उपलब्धता, राइट ऑफ वे (RoW) और ग्रिड कनेक्टिविटी जैसी प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन संबंधी चुनौतियों को अपनी प्रतिस्पर्धी ताकत में बदलना है, ताकि बाजार में उसकी अलग पहचान बन सके।

ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी की मौजूदा 5.5 GW की ऑर्डर बुक निकट अवधि में कारोबार को लेकर भरोसा देती है, जबकि कंपनी ग्रोथ के अगले चरण की नींव तैयार कर रही है। हालांकि, ऑर्डर को रेवेन्यू में बदलने और शुरुआती एग्जीक्यूशन की गति पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।

Nuvama

नुवामा का मानना है कि FY31 का यह विजन उत्साहजनक है, लेकिन भविष्य की ग्रोथ अपेक्षाकृत कम ऑपरेटिंग मार्जिन वाले क्षेत्रों जैसे सोलर O&M, BoP और EPC कारोबार से आ सकती है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि ​अगर कंपनी FY31 तक अपने सभी लक्ष्यों को हासिल कर लेती है, तो उसका कर-पूर्व लाभ (PBT) 23% CAGR से बढ़ सकता है और FY31 का EPS लगभग 3.7 रुपये तक पहुंच सकता है।

हालांकि, नुवामा का मानना है कि मौजूदा बाजार मूल्य (CMP) में यह संभावनाएं काफी हद तक शामिल हो चुकी हैं। इसी कारण ब्रोकरेज ने FY27 के EPS अनुमान में 0.7% और FY28 के EPS अनुमान में 9% की बढ़ोतरी की है, जिसमें अधिक विंड टरबाइन क्रियान्वयन और O&M रेवेन्यू को शामिल किया गया है।

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Suzlon Energy: FY31 के लिए सुजलॉन के लक्ष्य

  • रेवेन्यू में 25% से ज्यादा CAGR की वृद्धि हासिल करना।
  • भारत के विंड एनर्जी बाजार में हिस्सेदारी को मौजूदा 33% से बढ़ाकर 40% से ज्यादा करना।
  • सोलर और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) सेगमेंट में 15% बाजार हिस्सेदारी हासिल करना।
  • रिन्यूएबल एनर्जी ऑर्डर बुक को मौजूदा 5.5 गीगावाट (GW) से बढ़ाकर 15 GW तक पहुंचाना।
  • सालाना रिन्यूएबल एनर्जी सेल्स को 2.5 GW से बढ़ाकर 10 GW करना।
  • रिन्यूएबल एनर्जी ऑपरेशंस एंड मेंटेनेंस सर्विसेज (OMS) के अंतर्गत प्रबंधन वाली परिसंपत्तियों (AUM) को मौजूदा 18 GW से बढ़ाकर 70 GW से अधिक करना।
  • अंतरराष्ट्रीय कारोबार को मजबूत बनाना, जहां 3 GW से ज्यादा निर्यात वॉल्यूम कुल रेवेन्यू में लगभग 15% योगदान देंगे।

 

(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)

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First Published - June 16, 2026 | 4:39 PM IST

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