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Home Loan Insurance: 70% खरीदार 45 साल से कम उम्र के, होम लोन इंश्योरेंस को लेकर क्यों बढ़ी दीवानगी?

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होम लोन इंश्योरेंस को लेकर बढ़ती जागरूकता से ग्राहक अब अपने कर्ज और परिवार की आर्थिक सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं।

Last Updated- June 16, 2026 | 4:20 PM IST
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घर खरीदने वालों के बीच होम लोन इंश्योरेंस तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। लॉन्च के शुरुआती दौर में ही इस प्रोडक्ट को अच्छी प्रतिक्रिया मिली है और पिछले पांच महीनों में इसे अपनाने वाले ग्राहकों की संख्या में करीब सात गुना वृद्धि दर्ज की गई है। यह रुझान दिखाता है कि लोग अब होम लोन इंश्योरेंस को केवल एक अतिरिक्त विकल्प नहीं, बल्कि वित्तीय सुरक्षा के महत्वपूर्ण साधन के रूप में देखने लगे हैं।

31 से 45 वर्ष आयु वर्ग के ग्राहक सबसे आगे

पॉलिसीबाज़ार की रिपोर्ट के अनुसार, होम लोन इंश्योरेंस खरीदने वालों में सबसे बड़ा हिस्सा 31 से 45 वर्ष आयु वर्ग का है। कुल पॉलिसियों में इस वर्ग की हिस्सेदारी लगभग 70 प्रतिशत है।

इसमें 31 से 35 वर्ष आयु वर्ग के ग्राहकों का योगदान करीब 22 प्रतिशत, 36 से 40 वर्ष आयु वर्ग का 26 प्रतिशत और 41 से 45 वर्ष आयु वर्ग का लगभग 23 प्रतिशत है।

यह दर्शाता है कि करियर में स्थिरता हासिल करने के बाद घर खरीदने वाले लोग अब लोन सुरक्षा को अपनी दीर्घकालिक वित्तीय योजना का अहम हिस्सा मान रहे हैं। आंकड़े यह भी बताते हैं कि होम लोन इंश्योरेंस खरीदने वालों में करीब 80 से 85 प्रतिशत लोग सैलेरीड प्रोफेशनल हैं, जिनकी नियमित आय होती है और जो लंबे समय तक लोन की जिम्मेदारी निभाते हैं।

बड़े लोन के साथ बढ़ रही सुरक्षा की जरूरत

डेटा से स्पष्ट है कि अधिक राशि का होम लोन लेने वाले ग्राहक सुरक्षा संबंधी उत्पादों में ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि बड़े वित्तीय दायित्वों को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ रही है।

करीब 40 से 45 प्रतिशत इंश्योर्ड उधारकर्ताओं का लोन अमाउंट 50 लाख रुपये से 1 करोड़ रुपये के बीच है। वहीं 20 से 25 प्रतिशत ग्राहकों ने 1 करोड़ रुपये से अधिक का लोन लिया हुआ है।

इसके अलावा, लगभग 8 से 10 प्रतिशत इंश्योर्ड ग्राहकों का लोन अमाउंट 2 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा है। 3 करोड़ रुपये से अधिक के लोन वाले उधारकर्ता कुल ग्राहकों का लगभग 4 से 5 प्रतिशत हिस्सा हैं।

औसतन ग्राहकों द्वारा बीमित कराई गई लोन राशि 50 से 75 लाख रुपये के बीच है। वहीं चुनी गई औसत लोन अवधि 12 से 15 वर्ष के बीच रही है, जो बताती है कि लोग लंबी अवधि की वित्तीय जिम्मेदारियों को सुरक्षित करना चाहते हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, जैसे-जैसे लोन का आकार बढ़ रहा है, वैसे-वैसे परिवार पर संभावित वित्तीय जोखिमों को लेकर चिंता भी बढ़ रही है। यही वजह है कि बड़े लोन लेने वाले लोग होम लोन इंश्योरेंस को अधिक महत्व दे रहे हैं।

मेट्रो शहरों का दबदबा, छोटे शहरों से भी बढ़ रही मांग

होम लोन इंश्योरेंस की खरीद में फिलहाल मेट्रो शहरों का दबदबा बना हुआ है। कुल बिक्री में इन शहरों की हिस्सेदारी लगभग 70 से 75 प्रतिशत है।

इसे अपनाने वाले प्रमुख शहरों में दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, बेंगलुरु, लखनऊ और पुणे शामिल हैं। दिल्ली-एनसीआर की हिस्सेदारी 8 से 10 प्रतिशत के बीच है, जबकि मुंबई की हिस्सेदारी 5 से 7 प्रतिशत है। बेंगलुरु, लखनऊ और पुणे का योगदान 3 से 5 प्रतिशत के बीच दर्ज किया गया है।

हालांकि, हाल के महीनों में गैर-मेट्रो शहरों से भी मांग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिली है। बढ़ती जागरूकता और घर खरीदने की बढ़ती आकांक्षाओं के चलते टियर-2 शहरों के लोग भी अब ऐसे सुरक्षा उत्पादों की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं।

वित्तीय सुरक्षा को लेकर बढ़ रही जागरूकता

होम लोन इंश्योरेंस के प्रति बढ़ती दिलचस्पी यह संकेत देती है कि भारतीय ग्राहक अब केवल घर खरीदने तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि उससे जुड़ी वित्तीय जिम्मेदारियों को भी सुरक्षित बनाने पर जोर दे रहे हैं। खासकर मध्यम और उच्च आय वर्ग के बीच यह सोच मजबूत हो रही है कि किसी अनहोनी की स्थिति में परिवार पर कर्ज का बोझ न पड़े, इसके लिए पहले से तैयारी करना जरूरी है। यही कारण है कि होम लोन इंश्योरेंस धीरे-धीरे हाउसिंग फाइनेंस इकोसिस्टम का अहम हिस्सा बनता जा रहा है।

होम लोन इंश्योरेंस को लेकर बदली ग्राहकों की सोच, परिवार की आर्थिक सुरक्षा बनी सबसे बड़ी प्राथमिकता

होम लोन लेने वाले ग्राहकों के बीच अब आर्थिक सुरक्षा को लेकर जागरूकता तेजी से बढ़ रही है। हाल के आंकड़े बताते हैं कि होम लोन इंश्योरेंस खरीदने के पीछे सबसे बड़ी वजह कर्ज का बोझ परिवार पर न छोड़ने की चिंता है। ग्राहक चाहते हैं कि किसी अप्रत्याशित स्थिति में उनके आश्रितों को बकाया होम लोन की जिम्मेदारी न उठानी पड़े और उनका वित्तीय भविष्य सुरक्षित बना रहे।

देनदारी से परिवार को बचाने पर बढ़ा जोर

आंकड़ों के अनुसार, होम लोन इंश्योरेंस को लेकर ग्राहकों का नजरिया पहले की तुलना में काफी बदला है। अब इसे केवल ऋणदाता की ओर से दी जाने वाली अतिरिक्त सुविधा के रूप में नहीं देखा जा रहा है। उधारकर्ता ऐसे सुरक्षा विकल्पों की तलाश कर रहे हैं जो सीधे तौर पर उनकी हाउसिंग देनदारियों को कवर कर सकें और साथ ही परिवार की दीर्घकालिक वित्तीय जरूरतों को भी पूरा करें।

रिपोर्ट के मुताबिक, लोग अब होम लोन इंश्योरेंस और टर्म इंश्योरेंस के बीच संतुलित सुरक्षा कवरेज को अधिक महत्व देने लगे हैं, ताकि घर के साथ-साथ परिवार के अन्य आर्थिक लक्ष्यों की भी रक्षा की जा सके।

इंश्योरेंस चुनने में बढ़ी स्वतंत्रता की समझ

ग्राहकों के बीच यह समझ भी मजबूत हुई है कि होम लोन मंजूरी के समय बीमा लेना अनिवार्य नहीं होता। इसके चलते उधारकर्ता अब उपलब्ध विकल्पों की तुलना कर रहे हैं और अपनी जरूरत तथा बजट के अनुरूप अधिक लचीले और किफायती प्लान चुनने पर ध्यान दे रहे हैं।

संयुक्त आवेदनों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी

होम लोन इंश्योरेंस बाजार में महिलाओं की मौजूदगी भी लगातार बढ़ रही है। पॉलिसीबाज़ार के आंकड़ों के मुताबिक, बड़ी संख्या में बीमित होम लोन संयुक्त आवेदनों के रूप में लिए जा रहे हैं, जिनमें पति-पत्नी दोनों सह-आवेदक होते हैं।

यह बदलाव दर्शाता है कि घर खरीदने से जुड़े फैसलों में दोहरी आय वाले परिवारों की भूमिका मजबूत हुई है। साथ ही, परिवार की वित्तीय सुरक्षा को लेकर महिलाओं की भागीदारी और जागरूकता भी पहले की तुलना में अधिक बढ़ी है।

बढ़ती जागरूकता के साथ ग्राहक अब केवल लोन प्राप्त करने पर ही ध्यान नहीं दे रहे हैं, बल्कि उससे जुड़ी जोखिम प्रबंधन रणनीतियों पर भी गंभीरता से विचार कर रहे हैं। यही वजह है कि होम लोन इंश्योरेंस को लेकर अधिक सूचित और सोच-समझकर फैसले लेने का रुझान तेजी से उभर रहा है।

होम लोन सुरक्षा के लिए ऑनलाइन इंश्योरेंस की ओर बढ़ रहा रुझान, लागत और विकल्पों के कारण ग्राहकों की बढ़ी दिलचस्पी

घर खरीदना अधिकांश परिवारों के लिए जीवन का सबसे बड़ा वित्तीय फैसला होता है। ऐसे में होम लोन से जुड़ी जिम्मेदारियों को सुरक्षित रखने के लिए लोग अब पारंपरिक विकल्पों की बजाय ऑनलाइन होम लोन इंश्योरेंस को प्राथमिकता देने लगे हैं। बेहतर कीमत, अधिक पारदर्शिता और अपनी जरूरत के अनुसार विकल्प चुनने की सुविधा इसकी प्रमुख वजहें बनकर उभरी हैं।

लंबे समय में कम हो सकती है लागत

रिपोर्ट के अनुसार, ऑनलाइन माध्यम से लिया गया होम लोन इंश्योरेंस लंबी अवधि में काफी किफायती साबित हो सकता है। 20 वर्ष की लोन अवधि को आधार मानें तो यह पारंपरिक ऑफलाइन होम लोन इंश्योरेंस की तुलना में 72 प्रतिशत तक कम खर्चीला पड़ सकता है। इसके पीछे बेहतर प्राइसिंग मॉडल और जीएसटी से जुड़ी बचत जैसे कारक अहम माने जा रहे हैं।

भुगतान के तरीके चुनने की सुविधा

ऑनलाइन होम लोन इंश्योरेंस का एक बड़ा फायदा यह भी है कि ग्राहक अपनी आर्थिक स्थिति और प्राथमिकताओं के अनुसार भुगतान की शर्तें चुन सकते हैं। इससे उन्हें अपनी वित्तीय योजना के अनुरूप निर्णय लेने में आसानी होती है और लोन सुरक्षा को लेकर अधिक नियंत्रण मिलता है।

परिवार को सीधे मिल सकता है क्लेम का लाभ

कई पारंपरिक योजनाओं में क्लेम से जुड़ी प्रक्रिया अपेक्षाकृत सीमित होती है, जबकि ऑनलाइन विकल्पों में ग्राहक यह तय कर सकते हैं कि किसी अप्रत्याशित स्थिति में क्लेम की राशि सीधे उनके परिवार को मिले। इससे जरूरत के समय परिवार को आर्थिक सहायता और निर्णय लेने की अधिक स्वतंत्रता मिलती है।

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सुरक्षा के साथ बढ़ रही वित्तीय आजादी

बाजार में बढ़ती मांग यह संकेत देती है कि ग्राहक अब ऐसे वित्तीय सुरक्षा उत्पादों को प्राथमिकता दे रहे हैं जो सिर्फ सुरक्षा ही नहीं, बल्कि पारदर्शिता, विकल्प और लचीलापन भी प्रदान करें। इससे उधारकर्ता अपनी लंबी अवधि की देनदारियों को सुरक्षित रखते हुए वित्तीय स्वतंत्रता बनाए रख सकते हैं।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

पॉलिसीबाजार में लाइफ इंश्योरेंस के मुख्य व्यवसाय अधिकारी (सीबीओ) विवेक जैन का कहना है कि होम लोन इंश्योरेंस को लेकर बढ़ती रुचि भारतीय उधारकर्ताओं की बदलती सोच को दर्शाती है। उनके मुताबिक, लोग अब यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि किसी अनहोनी की स्थिति में होम लोन का बोझ परिवार पर न आए।

उन्होंने कहा कि कई ग्राहक अब होम लोन सुरक्षा को अपनी सामान्य जीवन बीमा जरूरतों से अलग रखना पसंद कर रहे हैं। उनका मानना है कि बकाया होम लोन को कवर करने के लिए अलग सुरक्षा व्यवस्था होने से टर्म इंश्योरेंस की राशि परिवार के भविष्य, जीवनशैली और अन्य वित्तीय लक्ष्यों के लिए सुरक्षित रह सकती है। यह वित्तीय सुरक्षा को लेकर अधिक योजनाबद्ध और परिपक्व दृष्टिकोण का संकेत है।

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First Published - June 16, 2026 | 4:20 PM IST

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