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India-US Relations: अमेरिका में खुलेंगे दो नए वाणिज्य दूतावास

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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- बॉस्टन और लॉस एंजलिस में होंगे दोनों कार्यालय, इन शहरों में बढ़ी भारतवंशियों की संख्या

Last Updated- September 23, 2024 | 11:29 PM IST
India US

भारत अमेरिका के बॉस्टन और लॉस एंजलिस में दो नए वाणिज्य दूतावास खोलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को न्यूयॉर्क में भारतीय मूल के लोगों को संबोधित करते हुए यह घोषणा की। बॉस्टन और लॉस एंजलिस में भारतीय मूल के लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है और वे लंबे समय से इन दोनों शहरों में भारतीय वाणिज्य दूतावास शुरू करने की मांग कर रहे थे।

प्रधानमंत्री ने भारत की गुट-निरपेक्ष विदेश नीति का जिक्र किया और कहा कि वर्षों से भारत ने सभी देशों से समान दूरी रखने की नीति के साथ कदम बढ़ाए हैं। मोदी ने कहा कि मगर वर्तमान परिस्थितियों में भारत सभी देशों के साथ करीबी रिश्ता रख रहा है। उन्होंने कोविड-19 महामारी से लड़ने में भारत के योगदान का भी उल्लेख किया।

न्यूयॉर्क के नसाउ वेटरंस कॉलेजियम में एक घंटे तक चले मोदी के संबोधन में लगभग 13,000 भारतीय-अमेरिकी मूल के लोगों ने शिरकत की। मोदी ने कहा कि भारत दुनिया में अपना दबदबा नहीं बनाना चाहता है बल्कि सभी के साथ सहयोग करने में विश्वास रखता है। उन्होंने कहा, ‘दुनिया में लगभग सभी मोर्चों पर भारत की भूमिका बढ़ रही है। वैश्विक स्तर पर आर्थिक वृद्धि, शांति, नवाचार, जलवायु परिवर्तन से जुड़े जोखिम से निपटने के उपाय और वैश्विक आपूर्ति व्यवस्था में स्थिरता बनाए रखने में भारत की विशेष भूमिका होगी।‘

मोदी ने कहा कि भारत केवल जीडीपी केंद्रित वृद्धि में विश्वास नहीं रखता है बल्कि सभी के लिए मानव मूल्य आधारित विकास का पक्षधर है। उन्होंने कहा कि इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए भारत दुनिया में योग, स्वस्थ जीवन शैली और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

मोदी ने ईशोपनिषद का जिक्र किया और कहा कि भारत ज्ञान सभी के साथ साझा करने, धन सभी के कल्याण और शक्ति सुरक्षा के लिए इस्तेमाल करने में विश्वास रखता है। मोदी ने कहा, ‘भारत संभावनाओं की भूमि है। यहां अब संभावनाओं की कोई कमी नहीं रह गई है। अब यह दुनिया के लिए संभावनाएं पैदा कर रहा है।’

प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपने तीसरे कार्यकाल में युवा एवं ‘नई आकांक्षाएं रखने वाले भारत’ के लिए महत्त्वाकांक्षी लक्ष्य तय किए हैं। इनका उद्देश्य ‘पुष्प’ यानी उन्नतिशील, अजेय, आध्यात्मिक, मानवीय एवं संपन्न भारत का सपना साकार करना है। प्रधानमंत्री ने सेमीकंडक्टर विनिर्माण शुरू करने में भारत के प्रयासों की भी चर्चा की। उन्होंने कहा, ‘भारत स्वदेशी चिप के साथ अधिक से अधिक मोबाइल फोन तैयार करना चाहता है। दुनिया के लिए ‘एआई’ का मतलब आर्टिफिशल इंटेलिजेंस है मगर मेरा मानना है कि ‘एआई’ अमेरिका और भारत के बीच सहयोग की भावना को भी परिलक्षित करता है।

मोदी ने प्रवासी भारतीयों को भारत का दूत बताया। उन्होंने कहा कि विविधता के साथ जीना भारतीयों लोगों की एक खास बात रही है और इस ‘एआई’ के साथ भारत-अमेरिका का संबंध लगातार मजबूत होता जाएगा। प्रधानमंत्री ने अप्रत्यक्ष रूप से यूरोपीय देशों और चीन की आलोचना की। उन्होंने कहा, ‘दुनिया की कुल आबादी का 17 प्रतिशत हिस्सा भारत में है। मगर इसके बावजूद कार्बन उत्सर्जन में हमारा हिस्सा मात्र 4 प्रतिशत है।’ उन्होंने कहा कि दुनिया में जलवायु परिवर्तन के बढ़ते खतरे के लिए भारत बिल्कुल जिम्मेदार नहीं है।

बॉस्टन अमेरिका में शिक्षा और दवा उद्योग का प्रमुख केंद्र है और लॉस एंजलिस वहां दूसरा सबसे अधिक आबादी वाली शहर है। भारत में अमेरिका के वर्तमान राजदूत ऐरिक गार्सेटी लॉस एंजिलिस के मेयर रह चुके हैं। प्रधानमंत्री ने पिछले साल कहा था कि भारत सिएटल में नया दूतावास खोलना चाह रहा है और अब यह काम भी करने लगा है। भारत के पांच अन्य वाणिज्य दूतावास न्यूयॉर्क, अटलांटा, शिकागो, ह्यूस्टन और सैन फ्रांसिस्को में हैं। (साथ में एजेंसियां)

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First Published - September 23, 2024 | 11:29 PM IST

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