Iran-Israel War: इजराइल ने सोमवार तड़के ईरान के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में मौजूद कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए। यह कार्रवाई ईरान द्वारा इजराइल पर मिसाइलें दागे जाने के कुछ घंटों बाद की गई।
ईरान ने ये मिसाइल हमले बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर इजराइली हमले के जवाब में किए थे। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि वह इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से ईरान के खिलाफ जवाबी हमला न करने की अपील करेंगे। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट Axios के अनुसार, ट्रंप तनाव को और बढ़ने से रोकना चाहते थे।
ईरान लंबे समय से कहता रहा है कि अमेरिका के साथ किसी भी शांति समझौते की सफलता लेबनान में संघर्ष विराम पर भी निर्भर करेगी। गौरतलब है कि इजराइल ने मार्च में लेबनान में सैन्य अभियान शुरू किया था। उसका कहना है कि वह ईरान समर्थित हिजबुल्लाह लड़ाकों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है, जो सीमा पार से रॉकेट और ड्रोन हमले करते रहे हैं।
यह पढ़ें: पश्चिम एशिया संकट के बीच ईरान से 2,557 लोग सुरक्षित निकाले गए: विदेश मंत्रालय
इस बीच, अमेरिका द्वारा पिछले सप्ताह लेबनान के लिए संघर्ष विराम योजना पेश किए जाने के बाद भी इजराइल ने रविवार को बेरूत क्षेत्र में हवाई हमले किए। इसके बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया है कि उसने नाज़रेथ के पास स्थित रामत डेविड एयरबेस को निशाना बनाया। वहीं, इजराइली सेना ने कहा कि उसने ईरान से दागी गई मिसाइलों का पता लगा लिया था और उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया।
इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच फोन पर बातचीत हुई। एक इजराइली अधिकारी के अनुसार, दोनों नेताओं ने करीब आधे घंटे तक चर्चा की। हालांकि बातचीत में क्या मुद्दे उठाए गए, इसकी जानकारी नहीं दी गई। व्हाइट हाउस और इजराइली प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी इस पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की।