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ईरान का बड़ा कदम: अमेरिका को बातचीत के लिए भेजा नया प्रस्ताव, पाकिस्तान को सौंपी अपनी मांगे

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ईरान ने यह प्रस्ताव शुक्रवार को इस्लामाबाद को सौंपा। प्रस्ताव का विवरण अभी जारी नहीं किया गया है, लेकिन इससे वैश्विक तेल कीमतों में नरमी आने की उम्मीद है

Last Updated- May 01, 2026 | 10:44 PM IST
US President Donald Trump
अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप | फाइल फोटो

ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत के लिए नया प्रस्ताव दोनों देशों के बीच मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान को भेजा है। इस कदम से युद्ध समाप्त करने के प्रयासों में पैदा हुआ गतिरोध टूट सकता है। अभी स्पष्ट नहीं है कि यह प्रस्ताव अमेरिका को कब सौंपा जाएगा। ईरानी समाचार एजेंसी इरना के अनुसार, ईरान ने यह प्रस्ताव शुक्रवार को इस्लामाबाद को सौंपा। प्रस्ताव का विवरण अभी जारी नहीं किया गया है, लेकिन इससे वैश्विक तेल कीमतों में नरमी आने की उम्मीद है। 

ईरान ने हाल ही में होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी कड़ी कर दी थी। इससे तेल और गैस आपूर्ति बाधा उत्पन्न होने से ऊर्जा की कीमतों में तेज वृद्धि हुई और वैश्विक आर्थिक मंदी की चिंताएं बढ़ गईं। इससे पहले गुरुवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान पर नए सिरे से सैन्य हमले करने की योजना की ओर संकेत दिया था, जिससे वैश्विक तेल की कीमतें चार साल के उच्च स्तर पर पहुंच गई थीं। 

सूत्रों के अनुसार, ईरान ने अपनी हवाई सुरक्षा को सक्रिय कर दिया है और किसी भी हमले की स्थिति में व्यापक प्रतिक्रिया की योजना तैयार की है। हालांकि, अमेरिका ने अभी अपने अगले कदम के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। राष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार को कहा था कि वह ईरान के पिछले प्रस्ताव से सहमत नहीं थे। 

इसी साल 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर अचानक हवाई हमले कर दिए थे। इसके बाद कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों और कंपनियों पर तेज हमले किए। इसके अलावा हिजबुल्लाह ने इजरायल पर मिसाइलें दागीं। दोनों ओर से कई दिनों तक भीषण युद्ध चला। बाद में पाकिस्तान के प्रयासों से युद्ध विराम हुआ। खाड़ी देशों की चिंताओं को रेखांकित करते हुए यूएई के राष्ट्रपति सलाहकार अनवर गार्गश ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से नौवहन की स्वतंत्रत आवाजाही सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा, ‘निश्चित रूप से ईरानी व्यवस्था पर एकतरफा भरोसा नहीं किया जा सकता है।’ 

बातचीत में गतिरोध और होर्मुज स्ट्रेट के लंबे समय तक बंद रहने के कारण वित्तीय और ऊर्जा बाजार में चिंता की लहर है। 

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First Published - May 1, 2026 | 10:34 PM IST

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