भारत में नॉर्डिक देशों (नॉर्वे, डेनमार्क, फिनलैंड, स्वीडन और आइसलैंड) ने अगले 15 वर्षों में 100 अरब डॉलर निवेश करने का संकल्प जताया है। मंगलवार को नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में आयोजित तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भारत और नॉर्डिक देशों ने आठ प्रमुख परिणामों की घोषणा की। इस दौरान भारत ने नॉर्डिक देशों की रक्षा कंपनियों को रक्षा औद्योगिक गलियारों में 100 फीसदी एफडीआई की पेशकश की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नॉर्वे, डेनमार्क, फिनलैंड, स्वीडन और आइसलैंड के प्रधानमंत्रियों के साथ इस सम्मेलन में भाग लिया। 2024 में भारत और नॉर्डिक देशों का व्यापार 19 अरब डॉलर रहा। दोनों पक्षों ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते और भारत-यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते का लाभ उठाकर अगले 15 वर्षों में 100 अरब डॉलर निवेश करने और 10 लाख नौकरियां सृजित करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर मोदी ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में भारत-नॉर्डिक द्विपक्षीय व्यापार चार गुना बढ़ा है और नॉर्डिक देशों से भारत में निवेश 200 फीसदी बढ़ा है, जिससे हजारों नौकरियां तैयार हुई हैं। भारत और नॉर्डिक देशों ने हरित प्रौद्योगिकी और नवाचार में रणनीतिक साझेदारी पर भी हस्ताक्षर किए ताकि स्वच्छ और हरित बदलाव, व्यापार एवं निवेश और ब्लू इकनॉमी यानी समुद्री अर्थव्यवस्था में सहयोग को गहरा किया जा सके। मोदी ने कहा, ‘लोकतंत्र, कानून का शासन और बहुपक्षवाद के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता हमें स्वाभाविक साझेदार बनाती है।’ इन देशों के प्रधानमंत्रियों ने पश्चिम एशिया और यूक्रेन की स्थिति पर भी चर्चा की और वैश्विक तनाव एवं संघर्ष के इस दौर में मिलकर काम करने का संकल्प लिया।
मोदी ने कहा कि हरित प्रौद्योगिकी साझेदारी भारत-आइसलैंड सहयोग को भूतापीय ऊर्जा और मत्स्य पालन में आगे बढ़ाएगी। स्वीडन की उन्नत विनिर्माण और रक्षा तकनीक, फिनलैंड की दूरसंचार और डिजिटल तकनीक, डेनमार्क की साइबर सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं भारत की प्रतिभा के साथ मिलकर दुनिया के लिए भरोसेमंद समाधान विकसित करेंगी।
आइसलैंड की प्रधानमंत्री क्रिस्ट्रुन फ्रॉस्टाडॉटिर ने कहा कि इस समय लोगों को अधिक ‘संबंध’ की आवश्यकता है। मोदी ने बताया कि ‘संबंध’ शब्द का अर्थ नॉर्डिक और भारतीय भाषाओं में समान है- कनेक्शन, रिश्ते और बंधन।
भारत और नॉर्डिक देशों ने एसटीईएम क्षेत्रों और संचार प्रौद्योगिकी, जिसमें 6जी भी शामिल है, में अनुसंधान परियोजनाओं को मजबूत करने का निर्णय लिया।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया कि क्या नॉर्वे ने अडाणी समूह को पेंशन फंड की ब्लैकलिस्ट से हटाने के उनके व्यक्तिगत अनुरोध को मान लिया है? सोशल मीडिया पर पोस्ट में गांधी ने कहा कि नॉर्वे के सॉवरेन वेल्थ फंड ने फरवरी में अडाणी ग्रीन को अपने पोर्टफोलियो से हटा दिया था। उन्होंने इस मामले से जुड़ी 27 फरवरी की खबरों की तस्वीरें भी साझा कीं। इस साल फरवरी में 1.2 लाख करोड़ डॉलर के दुनिया के सबसे बड़े सॉवरेन वेल्थ फंड ने अडाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड को कथित वित्तीय अपराधों से जुड़े होने की चिंताओं के कारण अपने पोर्टफोलियो से बाहर कर दिया था।
प्रधानमंत्री मोदी की नॉर्वे यात्रा शुरू होने से पहले विदेश मंत्रालय ने कहा था कि मोदी की नॉर्वे यात्रा से द्विपक्षीय व्यापार बढ़ेगा और नॉर्वे के सरकारी पेंशन फंड द्वारा भारतीय शेयर बाजार में करीब 28 अरब डॉलर का निवेश किया जाएगा।
विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने तीन दिनों में दूसरी बार मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि देश में संवैधानिक मूल्यों- न्याय, स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर जोर दिया जाता है। विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम), सिबी जॉर्ज ने नॉर्वे की पत्रकार हेले लिंग स्वेंडसेन के सवाल के जवाब में यह टिप्पणी की।
स्वेंडसेन ने पूछा था कि मानवाधिकारों के कथित उल्लंघन को देखते हुए भारत पर भरोसा क्यों किया जाए। इससे पहले, स्वेंडसेन ने प्रधानमंत्री मोदी और नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गाहर स्टोर द्वारा मीडिया को बयान देने के बाद उनसे सवाल पूछने का असफल प्रयास किया था जबकि मीडिया को पहले ही सूचित कर दिया गया था कि दोनों नेता संयुक्त बातचीत में सवालों के जवाब नहीं देंगे।
विदेश मंत्रालय के अधिकारी को शनिवार शाम को हेग में दो डच पत्रकारों से भारत में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में कथित गिरावट पर इसी तरह के सवालों का सामना करना पड़ा था।
पीएम मोदी ने मंगलवार को ओस्लो में तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन से पहले आइसलैंड, फिनलैंड और डेनमार्क के प्रधानमंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी कीं। इससे पहले दिन में ओस्लो में नॉर्वे-इंडिया बिजनेस ऐंड रिसर्च समिट में प्रधानमंत्री ने कहा कि ईएफटीए देशों ने अगले पंद्रह वर्षों में भारत में 100 अरब डॉलर निवेश करने और 10 लाख नौकरियां पैदा करने का लक्ष्य रखा है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के जहाज निर्माण क्षेत्र में नॉर्वे से और अधिक निवेश करने का अनुरोध किया।