facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

ईरानी नौकाओं और मिसाइल ठिकानों पर अमेरिकी हमला, तेल कीमतों में तेजी

Advertisement

अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ते ही तेल बाजार गरमाया, ब्रेंट क्रूड फिर 100 डॉलर के करीब

Last Updated- May 26, 2026 | 7:48 AM IST
US Iran War - Brent Crude oil price hike after US Attack on South Iran

US-Iran War: अमेरिका द्वारा ईरान के दक्षिणी हिस्से में सैन्य कार्रवाई के बाद मंगलवार को एशियाई बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिली। इससे बाजार में तनाव और बढ़ गया है, क्योंकि ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध खत्म करने को लेकर अब तक कोई अंतिम समझौता नहीं हो पाया है।

Brent Crude में करीब 2 प्रतिशत की तेजी

ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.5 प्रतिशत बढ़कर 97.56 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई। हालांकि सोमवार को इसमें 7 प्रतिशत की भारी गिरावट आई थी। वहीं अमेरिकी कच्चा तेल डब्ल्यूटीआई 91.25 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। यह शुक्रवार के मुकाबले अब भी करीब 5.5 प्रतिशत नीचे है। सोमवार को अमेरिका में मेमोरियल डे की छुट्टी के कारण बाजार बंद था।

अमेरिका ने ईरान में किए सैन्य हमले

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि उसने ईरान के दक्षिणी हिस्से में मिसाइल लॉन्च साइट्स और बारूदी सुरंग बिछाने वाली नौकाओं को निशाना बनाया। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई उसके सैनिकों की सुरक्षा के लिए की गई।

ईरानी मीडिया के अनुसार, बंदर अब्बास और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास धमाकों की आवाजें सुनी गईं।

होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसी वैश्विक सप्लाई

युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में विदेशी जहाजों की आवाजाही लगभग रोक दी है। इससे दुनिया की करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस सप्लाई प्रभावित हुई और तेल की कीमतों में 50 प्रतिशत तक उछाल आया।

यह पढ़ें: क्या होर्मुज से हटेगी नाकेबंदी? ट्रंप बोले: या तो होगी आर-पार की डील या फिर नहीं होगा कोई समझौता

US Iran War: दोहा में जारी है समझौते की कोशिश

ईरान के विदेश मंत्री और उसके मुख्य वार्ताकार सोमवार को कतर की राजधानी दोहा पहुंचे, जहां अमेरिका के साथ संभावित समझौते पर बातचीत हुई। दोनों देशों ने कहा है कि शुरुआती समझौते पर प्रगति हुई है। इसके तहत युद्ध रोका जाएगा और अंतिम समझौते के लिए 60 दिन का समय दिया जाएगा।

होर्मुज से हट सकती हैं बारूदी सुरंगें

जापानी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, समझौते के तहत ईरान 30 दिनों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य से बारूदी सुरंगें हटाएगा। इसके बाद सभी देशों के जहाज सुरक्षित तरीके से वहां से गुजर सकेंगे।

यह पढ़ें: US Iran War: ट्रंप का दावा: ईरान समझौता लगभग तय, जल्द खुल सकता है होर्मुज स्ट्रेट

बाजार को समझौते का इंतजार

केसीएम ट्रेड के मार्केट एनालिस्ट टिम वाटरर ने कहा कि बाजार को उम्मीद है कि अगर समझौता हो जाता है तो लंबे समय से फंसे तेल टैंकर फिर से चलना शुरू हो जाएंगे।

जहाजों के डेटा से पता चला है कि हाल के दिनों में एलएनजी और कच्चा तेल लेकर कई जहाज पाकिस्तान, चीन और भारत की ओर रवाना हुए हैं।

ट्रंप की चेतावनी से बढ़ी चिंता

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने फिर दोहराया कि ईरान अपना समृद्ध यूरेनियम अमेरिका को सौंपे ताकि उसे नष्ट किया जा सके। विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप के इस बयान से साफ है कि आखिरी समय में भी समझौता टूट सकता है, जैसा पहले कई बार हो चुका है। (रॉयटर्स के इनपुट के साथ)

Advertisement
First Published - May 26, 2026 | 7:48 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement