facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

NEET विवाद पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बड़ा बयान, बोले- पेपर लीक होने का कोई प्रमाण नहीं

Advertisement

प्रधान ने दूसरी बार केंद्रीय शिक्षा मंत्री का कार्यभार संभालने के बाद संवाददाताओं से कहा, "एनटीए में भ्रष्टाचार के आरोप बेबुनियाद हैं। यह बहुत ही प्रामाणिक संस्था है।"

Last Updated- June 13, 2024 | 4:53 PM IST
Dharmendra Pradhan
Dharmendra Pradhan on NEET UG paper leak.

NEET Paper Leak: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ‘राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक’ (नीट-यूजी) में प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों को खारिज करते हुए गुरुवार को कहा कि इन दावों की पुष्टि के लिए कोई सबूत नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार सुनिश्चित कर रही है कि किसी भी छात्र का नुकसान नहीं हो।

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने चार जून को नीट-यूजी के परिणाम घोषित किए। प्रधान ने दूसरी बार केंद्रीय शिक्षा मंत्री का कार्यभार संभालने के बाद संवाददाताओं से कहा, “नीट-यूजी में प्रश्नपत्र लीक होने का कोई सबूत नहीं है। एनटीए में भ्रष्टाचार के आरोप बेबुनियाद हैं। यह बहुत ही प्रामाणिक संस्था है। यह उच्च शिक्षा स्तर पर परीक्षाओं के अलावा हर साल 50 लाख से अधिक स्कूली छात्रों के लिए परीक्षा आयोजित करती है।”

उनका बयान ऐसे दिन आया है जब एनटीए ने उच्चतम न्यायालय में कहा कि नीट-यूजी (2024) के 1,563 अभ्यर्थियों को कृपांक (ग्रेस मार्क) देने के फैसले को निरस्त कर दिया गया है और उन्हें 23 जून को पुन: परीक्षा देने का विकल्प मिलेगा।

प्रधान ने कहा कि यदि ये छात्र पुन: परीक्षा नहीं देना चाहते तो परिणाम में उसके मूल अंकों को शामिल किया जाएगा जिसमें कृपांक जुड़े नहीं होंगे। पहले दिए गए कृपांक एनटीए की मर्जी से नहीं थे, बल्कि उच्चतम न्यायालय के एक फॉर्मूले पर आधारित थे, उन गणनाओं का एक आधार है। अगर कोई विसंगति है, तो उसे सुधारा जाएगा और हम सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी छात्र का नुकसान नहीं हो।’’

मेडिकल प्रवेश परीक्षा में अनियमितताओं और अंकों में वृद्धि के आरोपों को लेकर एनटीए आलोचनाओं के घेरे में है। शिक्षा मंत्रालय ने 1,563 छात्रों को दिए गए कृपांक की समीक्षा करने के लिए पिछले सप्ताह चार सदस्यीय समिति का गठन किया था। प्रधान ने कहा कि समिति की अध्यक्षता यूपीएससी (संघ लोक सेवा आयोग) के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप कुमार जोशी ने की और उसमें राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के सचिव के अलावा अन्य लोग भी शामिल थे।

उन्होंने कहा कि समिति ने प्रत्येक शिकायत की समीक्षा की और उसके बाद समिति ने अपनी सिफारिशें कीं। उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को कहा था कि नीट-यूजी, 2024 की शुचिता प्रभावित हुई है। हालांकि एनटीए ने इस आरोप को नकार दिया।

Advertisement
First Published - June 13, 2024 | 4:53 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement