शिक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह विद्यालय से बाहर व अनुत्तीर्ण होने के कारण विद्यालय छोड़ने वाले (ड्रॉपआउट) बच्चों की पहचान व उनका नामांकन कराने के लिए देशव्यापी अभियान शुरू करेगा। इसका लक्ष्य स्कूली शिक्षा में भागीदारी बढ़ाना और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत निर्धारित नामांकन लक्ष्यों के करीब पहुंचना है।
शिक्षा और साक्षरता विभाग इस पहल का नेतृत्व स्कूल करेगा। इसे मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय संस्थान (एनआईओएस) का सहयोग प्राप्त होगा। एनआईओएस मुक्त व दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से स्कूली शिक्षा प्रदान करता है।
मंत्रालय ने बताया कि एनआईओएस के अधिकारी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ मिलकर स्कूल से बाहर बच्चों की पहचान करेंगे और खुली शिक्षा कार्यक्रमों के माध्यम से उनके नामांकन की सुविधा प्रदान करेंगे। एनईपी 2020 में 2030 तक प्री-स्कूल से लेकर माध्यमिक स्तर तक 100 प्रतिशत सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) का लक्ष्य रखा गया है। आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण की 2023-24 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार 14-18 वर्ष की आयु के लगभग दो करोड़ बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं।
आंकड़ों से यह भी पता चला है कि कक्षा 3-8 के लगभग 11 प्रतिशत बच्चे स्कूल से बाहर हैं जबकि प्रत्येक वर्ष 50 लाख से अधिक छात्र बोर्ड परीक्षाओं में असफल हो जाते हैं। इतने छात्रों का अनुत्तीर्ण होना माध्यमिक स्तर पर शिक्षा जारी रखने और उसे पूरा करने में मौजूद कमियों को दर्शाता है।
जीईआर के 100 प्रतिशत लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए इन बच्चों को जल्द से जल्द शिक्षा प्रणाली में वापस लाना और आगे के ड्रॉपआउट को रोकना आवश्यक है। आर्थिक, सामाजिक या भौगोलिक बाधाओं के कारण नियमित स्कूलों में जाने में असमर्थ बच्चों के लिए ओपन (दूरस्थ) स्कूलिंग व्यावहारिक विकल्प प्रदान करती है।
एनआईओएस जागरूकता अभियान के तहत ‘एनआईओएस मित्र’ नामक कार्यक्रम शुरू करेगा। इसके अंतर्गत प्रशिक्षित प्रशिक्षक स्कूल से बाहर रहने वाले बच्चों की पहचान करेंगे व उन्हें परामर्श देंगे, नामांकन में सहायता करेंगे और शैक्षणिक सहायता प्रदान करेंगे। इनमें विशेष रूप से हाशिए पर रहने वाले और वंचित समुदायों के बच्चों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। मंत्रालय ओपन स्कूलिंग नेटवर्क का विस्तार करने की भी योजना बना रहा है। यह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ मिलकर प्रत्येक ब्लॉक में कम से कम एक एनआईओएस अध्ययन और परीक्षा केंद्र स्थापित करने के लिए काम करेगा।