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Aequs IPO: 3 दिसंबर को ओपन रहा IPO, प्राइस बैंड ₹124; ग्रे मार्केट में ₹168 पर पहुंच भाव

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Aequs IPO GMP: ग्रे मार्केट में मौजूदा प्रीमियम को ध्यान में रखते हुए एक्वस का अनुमानित लिस्टिंग प्राइस लगभग 167.5 रुपये प्रति शेयर दिख रहा है।

Last Updated- December 02, 2025 | 11:24 AM IST
Aequs IPO GMP

Aequs IPO GMP: कंज्यूमर ड्यूरेबल और एयरोस्पेस पार्ट्स बनाने वाली कंपनी एक्वस लिमिटेड का आईपीओ सब्सक्राइब करने के लिए 3 दिसंबर से खुलने जा रहा है। निवेशक 5 दिसंबर यानी शुक्रवार तक इश्यू पर दांव लगा सकेंगे। कंपनी कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग करती है। आईपीओ के लिए प्राइस बैंड 118 से 124 रुपये प्रति शेयर रखा गया है। इश्यू का कुल साइज 922 करोड़ रुपये का है। एंकर निवेशकों के लिए अलॉटमेंट 2 दिसंबर को किया जाएगा।

Aequs IPO GMP

एक्वस आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम सोमवार को 43.5 रुपये पर है। आईपीओ प्राइस बैंड के अपर एन्ड और ग्रे मार्केट में मौजूदा प्रीमियम को ध्यान में रखते हुए एक्वस का अनुमानित लिस्टिंग प्राइस लगभग 167.5 रुपये प्रति शेयर दिख रहा है। यह 124 रुपये के आईपीओ प्राइस बैंड से 35.08 फीसदी अधिक है।

केफ़िन टेक्नोलॉजीज़ इस इश्यू की रजिस्ट्रार है। जबकि जेएम फाएइनेंशियल, आईआईएफएल कैपिटल सर्विसेज और कोटक महिंद्रा कैपिटल इसके बुक-रनिंग लीड मैनेजर्स हैं। रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) के अनुसार, कंपनी ताजा इश्यू से मिलने वाली राशि में से ₹433.2 करोड़ का इस्तेमाल कुछ बकाया ऋणों के पुनर्भुगतान या प्री-पेमेंट के लिए करेगी। वहीं, 64 करोड़ रुपये मशीनरी तथा उपकरण खरीदने में लगाएगी। बची हुई राशि अनपहचाने अधिग्रहणों, अन्य रणनीतिक पहलों और सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए इस्तेमाल की जाएगी।

यह भी पढ़ें: Meesho IPO: ग्रे मार्केट में 42% पर पंहुचा प्रीमियम, सब्सक्राइब करना चाहिए या नहीं; जानें ब्रोकरेज का नजरिया

क्या करती है कंपनी ?

एक्वस का मुख्य बिजनेस एयरोस्पेस कम्पोनेंट कंस्ट्रक्शन है। कंपनी ने रणनीतिक रूप से अपने कारोबार को कंज़्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, प्लास्टिक्स और कंज़्यूमर ड्यूरेबल्स में भी विस्तार किया है। 30 सितंबर 2025 को समाप्त छह महीनों में एयरोस्पेस सेगमेंट ने कंपनी की कुल बाहरी आय में 88.23% योगदान दिया। जबकि कंज्यूमर सेगमेंट की हिस्सेदारी 11.77% रही।

कंपनी भारत में तीन इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग ईकोसिस्टम्स के ज़रिए काम करती है। बेलगावी (प्रिसिजन एयरोस्पेस), हुबली (कंज़्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और ड्यूरेबल्स), और कोप्पल (प्लास्टिक्स)। इसके अलावा, कंपनी अमेरिका (टेक्सास) और फ़्रांस में भी प्लांट चलाती है। इससे प्रमुख OEM ग्राहकों के करीब रहकर सप्लाई चेन को मजबूती मिलती है। सितंबर 2025 तक भारत में एयरोस्पेस सेगमेंट से 75.60% रेवेन्यू, फ्रांस से 11.66% और अमेरिका से 12.74% रेवेन्यू हासिल किया।

कंपनी का ब्लू-चिप वैश्विक कस्टमर बेस एयरबस, बोइंग, बॉम्बार्डियर, स्पिरिट एयरोसिस्टम्स, सफ़्रान, कॉलिन्स एयरोस्पेस, ईटन और हनीवेल जैसे बड़े नामों को शामिल करता है। कंज्यूमर सेगमेंट में कंपनी हैस्ब्रो, स्पिनमास्टर, वंडरशेफ और ट्रामोंटिना जैसे ब्रांडों को सर्विस प्रदान करती है। 30 सितंबर 2025 को समाप्त छह महीनों में कंपनी के शीर्ष पांच ग्राहकों ने कुल रेवेन्यू का 66.36% योगदान दिया।

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First Published - December 2, 2025 | 11:04 AM IST

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