सिंगापुर की प्रमुख निवेश कंपनी टेमासेक और डॉ. रंजन पई के निवेश वाले मणिपाल हॉस्पिटल्स ने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम के जरिये करीब 1 अरब डॉलर जुटाने की योजना बनाई है। इसके लिए उसने पूंजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास विवरणिका का मसौदा (डीआरएचपी) जमा कराया है। यह भारत के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ होगा।
2 रुपये के अंकित मूल्य वाले इस आईपीओ में 8,000 करोड़ रुपये का नया निर्गम और प्रवर्तकों इम्पेरियस हेल्थकेयर इन्वेस्टमेंट्स, मणिपाल एजुकेशन और मेडिकल ग्रुप इंडिया की ओर से 4,32,27,668 तक के इक्विटी शेयरों की बिक्री का प्रस्ताव है।
नए निर्गम से प्राप्त 5,378 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कंपनी की एक अहम सहायक कंपनी मणिपाल हॉस्पिटल्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा लिए गए कुछ बकाया कर्जों और उन पर अर्जित ब्याज का पूरा या आंशिक भुगतान करने या पहले ही चुका देने में किया जाएगा। कंपनी की एक और सहायक कंपनी सह्याद्री हॉस्पिटल्स में अल्पमत हिस्सेदारी लेने (574 करोड़ रुपये) और सामान्य कंपनी कामकाज के लिए यह राशि ली गई थी।
कंपनी अपने बुक-रनिंग लीड मैनेजर से परामर्श करके 1,600 करोड़ रुपये तक के प्री-आईपीओ प्लेसमेंट पर विचार कर सकती है। अगर प्री-आईपीओ प्लेसमेंट पूरा हो जाता है तो नए इश्यू का आकार कम हो जाएगा। यह ऑफर बुक-बिल्डिंग प्रक्रिया के माध्यम से है जिसमें कुल ऑफर का 50 फीसदी से ज्यादा पात्र संस्थागत खरीदारों को आवंटित नहीं किया जाता है। कुल ऑफर का कम से कम 15 फीसदी और 35 फीसदी हिस्सा क्रमशः गैर-संस्थागत बोलीदाताओं और खुदरा व्यक्तिगत निवेशकों को आवंटित किया जाता है।
मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज पूरे भारत में मल्टीस्पेशलिटी अस्पतालों के नेटवर्क का संचालन करती है जो ओपीडी सेवाओं से लेकर अन्य व्यापक देखभाल सेवाएं मुहैया कराती है। पिछले वर्ष 30 सितंबर तक कंपनी 14 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 38 अस्पताल का परिचालन कर रही थी। इनमें 10,761 लाइसेंसी बिस्तर थे।
क्रिसिल की एक रिपोर्ट के अनुसार पिछले वर्ष सितंबर तक भारत में निजी अस्पताल श्रृंखलाओं में अस्पतालों की उपस्थिति के मामले में इस कंपनी का सबसे व्यापक नेटवर्क है। बिस्तरों की क्षमता के हिसाब से यह कंपनी अखिल भारतीय स्तर पर सबसे बड़ा मल्टीस्पेशलिटी अस्पतालों का नेटवर्क है और अस्पतालों की संख्या के हिसाब से दूसरी सबसे बड़ी अस्पताल श्रृंखला है।
नवंबर 2025 में कंपनी ने बेंगलूरु (कर्नाटक) में अपने 49वें अस्पताल का परिचालन शुरू किया। लिहाजा, 31 दिसंबर 2025 तक उसकी लाइसेंस प्राप्त बिस्तर क्षमता बढ़कर 12,631 हो गई। कंपनी के तीन प्रमुख क्षेत्रों (i) कर्नाटक, (ii) महाराष्ट्र और गोवा और (iii) पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड और सिक्किम (पूर्वी भारत में) में 30 सितंबर 2025 तक क्रमशः 6,040, 2,188 और 2,887 लाइसेंस प्राप्त बिस्तर थे।
अक्टूबर 2025 में कंपनी ने सह्याद्री हॉस्पिटल्स का अधिग्रहण किया। इससे कंपनी के नेटवर्क में 1,606 लाइसेंसी बिस्तर जुड़ गए। अनुमानित आधार पर 31 मार्च 2025 तक कंपनी की कुल लाइसेंसी बिस्तर क्षमता 12,100 थी और 30 सितंबर 2025 तक यह 12,367 हो गई।