Om Power Transmission IPO: पावर ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी ओम पावर ट्रांसमिशन का आईपीओ गुरुवार (9 अप्रैल) को अप्लाई करने के लिए खुल गया। कंपनी ने अपने इश्यू का प्राइस बैंड 166 से 175 रुपये प्रति शेयर तय किया है। प्राइस बैंड के अपर एंड पर कंपनी ने 150 करोड़ रुपये जुटाने का टारगेट रखा है। आईपीओ के तहत 132.56 करोड़ रुपये के 76 लाख नए शेयर जारी किये जाएंगे। इसके अलावा इश्यू में 17.50 करोड़ रुपये का 10 लाख शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) भी शामिल हैं। आईपीओ से पहले कंपनी ने 8 अप्रैल को तीन एंकर निवेशकों से 45 करोड़ रुपये जुटाए। कंपनी ने 166 से 175 रुपये प्रति शेयर के अपर प्राइस बैंड पर 25.7 लाख शेयर एंकर निवेशकों को अलॉट किए हैं।
बीएसई की वेबसाइट पर अपलोड किए गए सर्कुलर के अनुसार, मॉरीशस स्थितक्राफ्ट इमर्जिंग मार्केट फंड पीसीसी, मॉर्गन स्टेनली एशिया (सिंगापुर) और सनराइज़ इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट ने इस एंकर निवेश दौर में भाग लिया।
अनौपचारिक बाज़ारों पर नज़र रखने वाले सूत्रों के अनुसार, 9 अप्रैल को ओम पावर के अनलिस्टेड शेयर 182 रुपये के भाव पर ट्रेड कर रहे थे। यह अपर प्राइस प्राइस बैंड के मुकाबले 7 रुपये या 4 प्रतिशत का प्रीमियम दर्शाता है।
एसबीआई सिक्योरिटीज के अनुसार, ओम पावर एक ऐसी कंपनी है, जिसके पास एचवी और ईएचवी ट्रांसमिशन लाइनों, सबस्टेशनों और अंडरग्राउंड केबलिंग प्रोजेक्ट्स को टर्नकी आधार पर एग्जिक्यूट करने की पूरी क्षमता है। साथ ही व्यापक संचालन और रखरखाव (O&M) सर्विसेज भी प्रदान करती है।
ब्रोकरेज ने कहा कि कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन मजबूत रहा है। वित्त वर्ष 2023 से 2025 के बीच राजस्व, एबिटडा और नेट लाभ क्रमशः 52 प्रतिशत, 73 प्रतिशत और 88 प्रतिशत की कम्पाउंडिंग एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़कर 279 करोड़ रुपये, 34 करोड़ रुपये और 23 करोड़ रुपये हो गया है।
उनका मानना है कि कंपनी मजबूत क्षेत्रीय रुझानों का लाभ उठाने की अच्छी स्थिति में है। भारत का बिजली उत्पादन और ट्रांसमिशन बाजार वित्त वर्ष 2024 के 125 अरब डॉलर से बढ़कर वित्त वर्ष 2030 (अनुमानित) तक 280 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है, जो 14.4 प्रतिशत की CAGR से बढ़ेगा। इसके अलावा, कंपनी लगभग 25 करोड़ रुपये के कर्ज का आंशिक भुगतान करने की योजना बना रही है, जिससे वित्तीय लागत में कमी आएगी और प्रॉफिटेबिलिटी में सुधार होगा।
ब्रोकरेज ने कहा, ”175 रुपये के अपर प्राइस बैंड पर यह इश्यू वित्त वर्ष 2025 और एनुअलाइज 9 महीने वित्त वर्ष 2026 की आय के आधार पर क्रमशः 27.1 गुना और 19.2 गुना पी/ई पर वैल्यूएड है। हम निवेशकों को लॉन्ग टर्म निवेश आउटलुक के साथ कट-ऑफ प्राइस पर इस इश्यू में सब्सक्राइब करने की सलाह देते हैं।”
आरएचपी के अनुसार, ओम पावर का आईपीओ 6 अप्रैल को पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और सोमवार, 13 अप्रैल 2026 को बंद होगा। शेयरों के अलॉटमेंट का आधार बुधवार, 15 अप्रैल 2026 को तय किया जाएगा। ओम पावर के शेयर एनएसई और बीएसई पर संभावित रूप से शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026 को लिस्ट होंगे।
कंपनी ने आवेदन के लिए लॉट साइज 85 शेयर तय किया है। इसक मतलब है कि रिटेल निवेशकों को अपर प्राइस बैंड पर 85 शेयरों के एक लॉट के लिए कम से कम 14,875 रुपये का निवेश करना होगा।
एमयूएफजी इंटाइम इंडिया इस इश्यू का रजिस्ट्रार है। बीलाइन कैपिटल एडवाइजर्स इस इश्यू का एकमात्र बुक-रनिंग लीड मैनेजर है। कंपनी फ्रेस इश्यू से मिलने वाली राशि में से 11.21 करोड़ रुपये पूंजीगत खर्च, 25 करोड़ रुपये कुछ उधारों के पूर्व भुगतान या पुनर्भुगतान और 55 करोड़ रुपये लॉन्ग टर्म कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए इस्तेमाल करेगी। शेष राशि का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।