शेयर बाजार में निवेश की तैयारी कर रहे लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। बाजार नियामक SEBI ने तीन बड़ी कंपनियों को अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी IPO लाने की मंजूरी दे दी है। इन कंपनियों में वेटरनरी फार्मास्युटिकल सेक्टर की रोडेक फार्मा (Rodec Pharma), स्टील प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी रेनी स्ट्रिप्स (Renny Strips) और गुजरात की कंस्ट्रक्शन कंपनी कृष्णा बिल्डस्पेस (Krishna Buildspace) शामिल हैं।
SEBI के नए अपडेट के अनुसार, इन तीनों कंपनियों को 26 और 27 मई 2026 के दौरान अपनी ‘ऑब्जर्वेशन’ प्राप्त हुई है, जिसे बाजार की भाषा में IPO लाने की अंतिम मंजूरी माना जाता है। अब ये तीनों कंपनियां अपने शेयरों को देश के प्रमुख स्टॉक एक्सचेंजों, BSE और NSE पर लिस्ट कराने की दिशा में आगे बढ़ेंगी।
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इन तीनों कंपनियों में से रेनी स्ट्रिप्स लिमिटेड ने सबसे पहले दिसंबर 2025 में SEBI के पास अपने डॉक्यूमेंट जमा कराए थे, जबकि रोडेक फार्मा और कृष्णा बिल्डस्पेस ने जनवरी 2026 में इसके लिए अप्लाई किया था। रेनी स्ट्रिप्स का IPO काफी बड़ा होने वाला है, जिसमें 300 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए जाएंगे।
इसके साथ ही कंपनी के प्रमोटर्स ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए अपने 1.2 करोड़ इक्विटी शेयर भी बाजार में बेचेंगे। यह कंपनी मुख्य रूप से माइल्ड स्टील बिलेट्स, वायर रॉड्स और ईआरडब्ल्यू पाइप जैसे स्ट्रक्चरल प्रोडक्ट्स बनाती है। कंपनी इस IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल लुधियाना में मचान (scaffolding) और फॉर्मवर्क सिस्टम बनाने के लिए एक नया प्लांट लगाने, अपने पुराने प्लांट को अपग्रेड करने और कर्ज चुकाने में करेगी।
दूसरी तरफ, गुजरात की जानी-मानी कंस्ट्रक्शन कंपनी कृष्णा बिल्डस्पेस के IPO में 90 लाख नए शेयर जारी किए जाएंगे और प्रमोटर मोहनभाई चनाभाई सोरठिया व जयंतीभाई चनाभाई सोरठिया द्वारा 9 लाख शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल के जरिए की जाएगी। साल 1995 में स्थापित हुई यह कंपनी कॉन्ट्रैक्टिंग और बिल्डिंग सर्विसेज के क्षेत्र में काम करती है। पिछले दस सालों में कंपनी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए करीब 639.2 करोड़ रुपये की कुल वैल्यू वाले 82 प्रोजेक्ट्स पूरे किए हैं, जो लगभग 23 लाख स्क्वायर फीट के कंस्ट्रक्शन एरिया में फैले हैं।
इन दोनों से अलग, रोडेक फार्मा का IPO पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) पर आधारित होगा। इसके तहत कंपनी के प्रमोटर मुकेश कुमार गुप्ता अपने 56.5 लाख शेयर बेचेंगे। चूंकि इसमें कोई भी नया शेयर जारी नहीं हो रहा है, इसलिए इस IPO से मिलने वाला सारा पैसा प्रमोटर के पास जाएगा और कंपनी को कोई नया फंड नहीं मिलेगा।
साल 1997 में शुरू हुई यह कंपनी पशुओं के लिए फीड सप्लीमेंट बनाने और दवाओं की मार्केटिंग का काम करती है। कंपनी का मुख्य मैन्युफैक्चरिंग प्लांट उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में स्थित है, जहां से यह डॉक्टरों और पशुपालकों तक अपनी सेवाएं पहुंचाती है।