Credit Card Tricks: आज के समय में क्रेडिट कार्ड सिर्फ भुगतान का साधन नहीं रह गया है, बल्कि यह बचत और रिवॉर्ड कमाने का एक मजबूत टूल बन चुका है। डिजिटल पेमेंट के बढ़ते चलन के बीच लोग रोजमर्रा की खरीदारी, बिल भुगतान, ट्रैवल और ऑनलाइन शॉपिंग के लिए कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन अधिकतर लोग इसके असली फायदे से पूरी तरह वाकिफ नहीं होते।
एक हालिया अध्ययन में यह सामने आया है कि अगर सही तरीके से क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल किया जाए तो सालाना खर्च पर औसतन 4% तक की बचत आसानी से हो सकती है। वहीं, सही कार्ड चुनने और रणनीतिक उपयोग से यह बचत 10% या उससे भी अधिक तक पहुंच सकती है। इसका मतलब है कि आपकी वही खर्च करने की आदतें आपको हर साल हजारों रुपये वापस दिला सकती हैं।
हालांकि वास्तविकता यह भी है कि अधिकतर कार्डधारक इन लाभों का पूरा फायदा नहीं उठा पाते। नतीजा यह होता है कि वे अनजाने में बड़ी राशि के रिवॉर्ड्स और कैशबैक छोड़ देते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इसकी वजह जानकारी की कमी और गलत कार्ड चयन है, न कि खर्च करने का तरीका।
इन्हीं पहलुओं पर विस्तार से समझ देते हुए 1 फाइनेंस के सीएफए और क्वालिफाइड फाइनेंशियल एडवाइजर आकाश रच्छ (Aakash Rachh) ने बताया कि कैसे सिर्फ तीन आसान कदमों से क्रेडिट कार्ड से मिलने वाले फायदे कई गुना बढ़ाए जा सकते हैं।
आकाश रच्छ के अनुसार, अधिकतर लोग बिना सोचे-समझे क्रेडिट कार्ड ले लेते हैं। बैंक द्वारा दिए गए ऑफर्स या किसी दोस्त की सलाह पर लिया गया कार्ड अक्सर आपकी खर्च करने की आदतों से मेल नहीं खाता।
यहीं से असली नुकसान शुरू होता है। यदि आपका कार्ड आपके खर्च के पैटर्न को कवर नहीं करता, तो रिवॉर्ड्स का पूरा फायदा नहीं मिल पाता।
विशेषज्ञ बताते हैं कि सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि आपका खर्च किन श्रेणियों में सबसे ज्यादा होता है। जैसे कि किराना, ईंधन, यात्रा, ऑनलाइन शॉपिंग या बाहर खाने पर खर्च। इसके बाद उसी हिसाब से कार्ड चुनना चाहिए जो इन श्रेणियों में अधिक रिवॉर्ड देता हो।
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इसके अलावा, कई लोग केवल बेसिक कैशबैक या रिवॉर्ड पॉइंट को देखते हैं, जबकि असली फायदा वेलकम बोनस और माइलस्टोन बेनिफिट्स से आता है। अगर सही तरीके से उपयोग किया जाए तो सिर्फ वेलकम ऑफर और सालाना माइलस्टोन से ही कार्ड की वार्षिक फीस कई गुना तक वसूल हो सकती है।
उदाहरण के तौर पर, अगर किसी कार्ड की फीस 1000 से 5000 रुपये है, तो सही खर्च और ऑफर्स के जरिए 10,000 रुपये तक के लाभ भी आसानी से मिल सकते हैं। इसलिए पहला नियम यही है कि कार्ड आपके लाइफस्टाइल के अनुसार होना चाहिए, न कि सिर्फ आकर्षक ऑफर देखकर लिया गया हो।
दूसरा और बेहद महत्वपूर्ण कदम है बैंक के ऑफिशियल रिवॉर्ड पोर्टल का उपयोग करना।
आकाश रच्छ बताते हैं कि अधिकांश लोग सीधे कार्ड स्वाइप कर देते हैं, जबकि बैंक के पास ऐसे विशेष प्लेटफॉर्म होते हैं जहां से खरीदारी करने पर कई गुना रिवॉर्ड मिल सकता है।
जैसे कि एचडीएफसी का SmartBuy, आईसीआईसीआई का iShop, अमेरिकन एक्सप्रेस का Shopwise और एक्सिस बैंक का TravelEdge। इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए की गई खरीदारी पर बेसिक रिवॉर्ड रेट से 2 गुना से लेकर 10 गुना तक फायदा मिल सकता है।
इसे एक सरल उदाहरण से समझा जा सकता है। मान लीजिए आपने 1000 रुपये का किराना सामान खरीदा और सीधे कार्ड से पेमेंट किया। सामान्य स्थिति में आपको लगभग 20 रुपये के रिवॉर्ड मिलेंगे।
लेकिन अगर वही खरीदारी बैंक के रिवॉर्ड पोर्टल के जरिए वाउचर या ऑफर के रूप में की जाए, तो आपको लगभग 100 रुपये तक का फायदा मिल सकता है।
इसका मतलब है कि तरीका वही है, खर्च वही है, लेकिन प्लेटफॉर्म बदलने से रिटर्न कई गुना बढ़ जाता है।
अधिकांश कार्डधारक इस सुविधा का उपयोग नहीं करते, जिसके कारण वे हर महीने लगातार अतिरिक्त रिवॉर्ड पाने का मौका गंवा देते हैं।
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तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण कदम है रिवॉर्ड पॉइंट्स का सही तरीके से रिडेम्प्शन करना।
आकाश रच्छ के अनुसार, लोग पॉइंट्स कमाने में तो सक्रिय रहते हैं, लेकिन उन्हें खर्च करने के तरीके में बड़ी गलती कर बैठते हैं। यही गलती सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती है।
क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड पॉइंट्स का मूल्य उनके उपयोग के तरीके पर निर्भर करता है। अगर इन्हें ट्रैवल यानी फ्लाइट टिकट या होटल बुकिंग के लिए इस्तेमाल किया जाए, तो एक पॉइंट का मूल्य लगभग 1 रुपये तक पहुंच सकता है।
लेकिन अगर वही पॉइंट्स स्टेटमेंट क्रेडिट या कैटलॉग रिडेम्प्शन में इस्तेमाल किए जाएं, तो उनका मूल्य गिरकर 0.15 रुपये से 0.25 रुपये तक रह जाता है।
इसका मतलब यह हुआ कि एक ही पॉइंट का मूल्य उपयोग के आधार पर 4 से 5 गुना तक बदल सकता है।
इसलिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि रिवॉर्ड पॉइंट्स को बिना सोचे-समझे रिडीम न करें, बल्कि उन्हें उस विकल्प में इस्तेमाल करें जहां उनका अधिकतम मूल्य मिल सके।
जो लोग नियमित रूप से यात्रा करते हैं, उनके लिए यह तरीका और भी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है क्योंकि ट्रैवल रिडेम्प्शन में अक्सर अतिरिक्त ऑफर्स भी मिलते हैं।
इस अध्ययन में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि लगभग 92% क्रेडिट कार्ड उपयोगकर्ता अपने कार्ड के वास्तविक फायदे नहीं उठा पाते।
यह समस्या खर्च करने की नहीं है, बल्कि जानकारी की कमी की है। अधिकांश लोग कार्ड का उपयोग केवल पेमेंट के लिए करते हैं और वहीं रुक जाते हैं।
उन्हें यह नहीं पता होता कि सही कार्ड चयन, सही प्लेटफॉर्म और सही रिडेम्प्शन मिलकर उनके खर्च को बचत में बदल सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कार्डधारकों को इन तीन चरणों की सही जानकारी दी जाए, तो उनकी वार्षिक बचत दोगुनी या तिगुनी हो सकती है।
Credit Card का सही उपयोग आपकी लाइफस्टाइल को बदले बिना आपकी वित्तीय स्थिति को बेहतर बना सकता है। फर्क सिर्फ इतना है कि आपको अपने खर्च को थोड़ा स्मार्ट तरीके से मैनेज करना होता है।
अगर आप सही कार्ड चुनते हैं, बैंक के रिवॉर्ड पोर्टल का उपयोग करते हैं और पॉइंट्स को सही जगह रिडीम करते हैं, तो आपका वही खर्च आपको अतिरिक्त पैसा वापस दिला सकता है।
आकाश रच्छ के अनुसार, यही तीन कदम क्रेडिट कार्ड की असली ताकत हैं, जिन्हें अपनाकर आम उपभोक्ता भी बड़े स्तर पर बचत कर सकते हैं।