Credit Card Rules Change: अगर आप क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। 15 जून से क्रेडिट कार्ड से जुड़े कई नियमों में बदलाव लागू हो गए हैं। इन बदलावों का असर ब्याज की गणना, लेट पेमेंट शुल्क, फ्यूल ट्रांजैक्शन, ट्रांसपोर्ट खर्च और विदेशी लेन-देन पर पड़ेगा। ऐसे में कार्डधारकों के लिए नए नियमों की जानकारी होना जरूरी है।
क्रेडिट कार्ड जारी करने वाले बैंक ने बकाया राशि पर ब्याज लगाने के तरीके में बदलाव किया है। अब यदि कोई ग्राहक केवल मिनिमम ड्यू का भुगतान करता है और पूरा बिल नहीं चुकाता, तो बाकी राशि पर ब्याज लगातार लगता रहेगा। इसके अलावा कार्ड पर मिलने वाली ब्याज-मुक्त अवधि भी तुरंत बहाल नहीं होगी।
नए नियमों के मुताबिक, ग्राहकों को लगातार दो स्टेटमेंट साइकल का पूरा भुगतान समय पर करना होगा, तभी उन्हें दोबारा इंटरेस्ट-फ्री पीरियड का लाभ मिलेगा।
कई लोग हर महीने केवल मिनिमम ड्यू जमा कर भुगतान की औपचारिकता पूरी कर देते हैं। लेकिन अब यह तरीका जेब पर भारी पड़ सकता है। पूरा बकाया न चुकाने पर ब्याज लगातार जुड़ता रहेगा, जिससे कुल देनदारी बढ़ सकती है।
बिल का भुगतान तय समय पर नहीं करने वालों को अब ज्यादा शुल्क देना होगा। 501 रुपये से 1,000 रुपये तक के बकाया पर लेट पेमेंट फीस 350 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दी गई है। वहीं 5,000 रुपये से 10,000 रुपये तक के बकाया पर शुल्क 550 रुपये की जगह 750 रुपये देना होगा।
हालांकि Club Vistara Explorer, Pioneer Private और Pioneer Heritage क्रेडिट कार्ड धारकों पर यह लेट पेमेंट शुल्क लागू नहीं होगा।
पेट्रोल और डीजल पर क्रेडिट कार्ड का अधिक इस्तेमाल करने वालों के लिए भी नियम बदल गए हैं। अब एक स्टेटमेंट साइकल में 30,000 रुपये से ज्यादा के फ्यूल खर्च पर 1 फीसदी अतिरिक्त शुल्क और GST देना होगा।
पहले यह सीमा 50,000 रुपये थी। यानी अब कम खर्च पर भी अतिरिक्त शुल्क लागू हो जाएगा।
कैब, बस, ट्रेन और टोल टैक्स जैसे ट्रांसपोर्ट संबंधी भुगतान पर भी नया नियम लागू किया गया है। यदि कोई ग्राहक एक महीने में इन सेवाओं पर 40,000 रुपये से अधिक खर्च करता है, तो उससे 1 फीसदी अतिरिक्त शुल्क और GST वसूला जाएगा।
विदेशी वेबसाइटों या अंतरराष्ट्रीय मर्चेंट्स से खरीदारी करने वाले ग्राहकों पर भी नए नियमों का असर पड़ेगा। जब कोई विदेशी व्यापारी भुगतान को सीधे भारतीय रुपये में बदलकर दिखाता है, तो उस पर डायनामिक करंसी कन्वर्जन (DCC) शुल्क लगता है।
अब सामान्य क्रेडिट कार्ड और टाइगर क्रेडिट कार्ड के लिए यह शुल्क 1 फीसदी से बढ़ाकर 2 फीसदी कर दिया गया है। इसके अलावा इस पर GST भी देना होगा। ऐसे में विदेशी ट्रांजैक्शन और अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन शॉपिंग पहले के मुकाबले महंगी हो सकती है।
ये सभी बदलाव इंडसइंड बैंक के क्रेडिट कार्ड ग्राहकों पर लागू होंगे। नए नियमों के बाद समय पर पूरा बिल चुकाना और कार्ड खर्चों को नियंत्रित रखना पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है, ताकि अतिरिक्त शुल्क और ब्याज के बोझ से बचा जा सके।