वित्त वर्ष 2026 में भारत का खुदरा ऋण बाजार सुरक्षित ऋण की ओर निर्णायक रूप से बढ़ा है और गोल्ड लोन सबसे तेजी से बढ़ते सेग्मेंट के रूप में उभरा है। होम लोन और और वाहन ऋण की वृद्धि की रफ्तार स्थिर रही है। खपत पर खर्च होने वाला ऋण 15.3 प्रतिशत बढ़कर118.6 लाख करोड़ रुपये हो गया,जिसे गोल्ड लोन, पर्सनल लोन और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स पर दिए गए ऋण का समर्थन मिला है। गोल्ड लोन का प्रदर्शन सबसे शानदार रहा है। इस क्षेत्र में दिया गया कुल ऋण सालाना आधार पर 50.4 प्रतिशत बढ़कर 18.6 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
पर्सनल लोन को पीछे छोड़ते हुए गोल्ड लोन दूसरा बड़ा खुदरा ऋण बन गया है, जबकि पहले स्थान पर होम लोन बना हुआ है। सोने की कीमत बढ़ने के साथ इसे गिरवी रखने का मूल्य तेजी से बढ़ा और वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में ऋण का आकार 52 प्रतिशत बढ़कर औसतन 2.19 लाख रुपये हो गया?
नियामक ढील से भी व़ृद्धि को बल मिला है। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा 2.5 लाख रुपये तक के गोल्ड लोन के लिए लोन टु वैल्यू सीमा को 85 प्रतिशत तक बढ़ाने के फैसले से पहली बार उधारी लेने वालों की संख्या बढ़ी है। तेज विस्तार के बावजूद संपत्ति की गुणवत्ता सुधरी है। गोल्ड लोन में 31 से 180 दिन का पास्ट ड्यू रेशियो मार्च 2026 में 1.2 प्रतिशत कम हुआ है, जो एक साल पहले 2 प्रतिशत था। गिरवी संपत्ति से वसूली और सोने की कीमत में तेजी से इसमें सुधार हुआ है।