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TRACES में बड़ा बदलाव: TDS, TCS और प्रॉपर्टी खरीदने वालों के लिए क्या बदलेगा? आसान भाषा में समझें

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इनकम टैक्स के नए नियमों के साथ अब TRACES पोर्टल हुआ और भी एडवांस! नए TDS फॉर्म्स और कम TCS दरों से टैक्सपेयर्स को मिलेगी बड़ी राहत

Last Updated- April 13, 2026 | 5:06 PM IST
Income Tax
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने अपने पुराने TRACES प्लेटफॉर्म को अपग्रेड कर दिया है और अब यह TDS और TCS कंप्लायंस का और मजबूत आधार बन गया है। नया सिस्टम 1 अप्रैल 2026 से लागू इनकम-टैक्स एक्ट, 2025 के साथ काम कर रहा है। इस बदलाव के बाद टैक्सपेयर्स के लिए अपने कटे हुए टैक्स को ट्रैक करना, मिसमैच ठीक करना और रिफंड पाना पहले से आसान हो सकता है। खास बात यह है कि डिपार्टमेंट ने कोई नया प्लेटफॉर्म लॉन्च नहीं किया है, बल्कि उसी पुराने TRACES सिस्टम को बेहतर बनाकर एक सेंट्रलाइज्ड और ट्रांजेक्शन-लेवल डैशबोर्ड में बदल दिया है।

एक ही जगह पर सारी सुविधाएं

अब TRACES पोर्टल TDS और TCS से जुड़े लगभग सभी कामों के लिए एक ही जगह यानी सिंगल विंडो बन गया है। पहले लोगों को सर्टिफिकेट डाउनलोड करने, TDS क्रेडिट चेक करने या गलतियां सुधारने के लिए अलग-अलग सेक्शन में जाना पड़ता था, लेकिन अब नया वर्जन इन सभी सुविधाओं को एक ही डैशबोर्ड पर लेकर आया है, जिससे काम करना काफी आसान हो गया है।

ये हैं कुछ बड़े फायदे:

  • TDS सर्टिफिकेट आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं (जैसे Form 16 या 16A वाले)
  • अपने TDS क्रेडिट को एक जगह देख सकते हैं
  • फाइल किए गए स्टेटमेंट और हर ट्रांजेक्शन का पूरा डिटेल मिलेगा
  • बिना प्लेटफॉर्म बदलें ही करेक्शन रिक्वेस्ट कर सकते हैं

यह बदलाव आम लोगों और छोटे कारोबारियों के लिए खास तौर पर फायदेमंद हो सकता है। पहले TDS में गड़बड़ी की वजह से अक्सर रिफंड अटक जाते थे या नोटिस आ जाते थे, लेकिन अब सेंट्रल रिकॉर्ड और आसान करेक्शन की सुविधा से मैनुअल काम कम होगा, डेटा एंट्री की गलतियां घटेंगी और प्रोसेसिंग भी तेज हो सकती है।

TDS फॉर्म्स में बड़ा बदलाव

नए कानून के तहत पुराने TDS रिटर्न फॉर्म्स की जगह नए फॉर्म लागू किए गए हैं। हालांकि फाइलिंग की फ्रीक्वेंसी अभी भी तिमाही ही रहेगी, लेकिन रिपोर्टिंग के तरीके को ज्यादा स्टैंडर्ड और साफ बनाया गया है, ताकि डिडक्टर और टैक्सपेयर के बीच मिसमैच कम हो सके।

  • Form 138 अब पुराने Form 24Q की जगह लेगा। यह सैलरी पर TDS रिपोर्ट करने के लिए इस्तेमाल होगा। नियोक्ता और कुछ बैंक (पेंशन वाले) इसे फाइल करेंगे।
  • Form 140 अब पुराने Form 26Q की जगह इस्तेमाल होगा। इसमें सैलरी के अलावा होने वाले पेमेंट्स शामिल होंगे, जैसे किराया, प्रोफेशनल फीस, कमीशन और ब्रोकरेज।

इन नए फॉर्म्स में फील्ड्स को ज्यादा साफ और व्यवस्थित बनाया गया है, जिससे गलतियां कम होने की उम्मीद है।

Also Read: एडवांस टैक्स कैलकुलेशन को लेकर है कंफ्यूजन? I-T पोर्टल का टूल करेगा मदद, बचेगी पेनल्टी

प्रॉपर्टी खरीदने वालों के लिए क्या बदला?

प्रॉपर्टी खरीदते समय Section 194-IA के तहत TDS काटना जरूरी होता है, लेकिन पेमेंट का तरीका अभी भी पहले जैसा ही है। इसके लिए आपको इनकम टैक्स के ई-फाइलिंग पोर्टल पर Form 26QB के जरिए ही भुगतान करना होगा, क्योंकि TRACES पर सीधे पेमेंट की सुविधा नहीं है।
हालांकि, एक बार पेमेंट हो जाने के बाद TRACES का इस्तेमाल कई जरूरी कामों के लिए किया जा सकता है:

  • Form 16B (प्रॉपर्टी ट्रांजेक्शन का TDS सर्टिफिकेट) डाउनलोड करना
  • यह चेक करना कि क्रेडिट सही से दिख रहा है या नहीं
  • जरूरत पड़े तो करेक्शन शुरू करना

यानी TRACES अब सीधे पेमेंट करने का प्लेटफॉर्म नहीं है, बल्कि पेमेंट के बाद के काम संभालने वाला एक मैनेजमेंट सिस्टम बन गया है।

TCS में राहत: कम टैक्स कटौती

TDS के साथ-साथ TCS में भी कुछ राहत दी गई है, खासकर विदेश पैसे भेजने के मामलों में। अब कुछ कैटेगरी में शुरुआत में कटने वाला टैक्स कम कर दिया गया है, जिससे लोगों का कैश फ्लो बेहतर हो सकता है।

नई दरें इस प्रकार हैं:

  • विदेश यात्रा पैकेज पर TCS अब 2% (पहले 5% से 20% तक था, अमाउंट के हिसाब से)
  • शिक्षा और मेडिकल के लिए विदेश भेजे गए पैसे पर भी TCS 2% ही लगेगा

जो लोग विदेश घूमने जा रहे हैं या बच्चों की पढ़ाई-इलाज के लिए पैसे भेज रहे हैं, उन्हें अब पहले जितना टैक्स ब्लॉक नहीं करना पड़ेगा।

टैक्स सिस्टम को और आसान बनाने की कोशिश

नए एक्ट में एक बड़ा बदलाव यह किया गया है कि अब ‘प्रिवियस ईयर’ और ‘असेसमेंट ईयर’ की पुरानी व्यवस्था की जगह सिर्फ एक ‘टैक्स ईयर’ का कॉन्सेप्ट लागू किया गया है। इसका TRACES के इस्तेमाल पर सीधा असर नहीं पड़ेगा, लेकिन इससे टैक्स से जुड़ी भाषा और नियमों को समझना और कंप्लायंस करना आसान हो सकता है।

अभी आपको क्या करना चाहिए?

ज्यादातर टैक्सपेयर्स के लिए तुरंत कोई बड़ा काम नहीं है, लेकिन कुछ जरूरी कदम उठा लेने चाहिए:

  • नए TRACES पोर्टल पर लॉगिन करके डैशबोर्ड को अच्छे से समझ लें
  • खासकर अगर आपके पास कई स्रोतों से इनकम है, तो TDS क्रेडिट को क्रॉस-चेक करें
  • अपने एम्प्लॉयर या डिडक्टर से पूछ लें कि वे नए फॉर्म 138 या 140 सही तरीके से इस्तेमाल कर रहे हैं या नहीं
  • प्रॉपर्टी डील में पेमेंट के लिए अभी भी ई-फाइलिंग पोर्टल का इस्तेमाल जारी रखें

यह अपडेट टैक्स कंप्लायंस को ज्यादा पारदर्शी और यूजर-फ्रेंडली बनाने की दिशा में एक ठोस प्रयास लगता है।

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First Published - April 13, 2026 | 5:06 PM IST

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