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10 अप्रैल से टोल पर कैश बंद: FASTag अनिवार्य, UPI भुगतान पर 25% ज्यादा शुल्क

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MoRTH ने गैजेट नोटिफिकेशन के जरिए टोल नियमों में बदलाव किया है, जिसके तहत नकद भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया है।

Last Updated- April 06, 2026 | 12:37 PM IST
toll plazas
Representational Image

हाईवे टोल प्लाजा पर 10 अप्रैल से नकद भुगतान बंद हो जाएगा। सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर पूरी तरह डिजिटल टोल कलेक्शन अनिवार्य कर दिया है। इस बदलाव का असर रोजाना सफर करने वालों के खर्च और भुगतान के तरीकों पर पड़ेगा। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने गैजेट नोटिफिकेशन के जरिए टोल नियमों में बदलाव किया है, जिसके तहत नकद भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया है। 10 अप्रैल से सभी टोल भुगतान डिजिटल माध्यम से ही होंगे, मुख्य रूप से FASTag या अन्य इलेक्ट्रॉनिक तरीकों से।

यह कदम भारत की टोल प्रणाली को और सख्त बनाता है, जो पहले ही FASTag आधारित भुगतान की ओर काफी हद तक बढ़ चुकी है। इसका मकसद नकद लेन-देन से होने वाली देरी को खत्म करना और टोल प्लाजा पर ट्रैफिक जाम कम करना है।

आपके रोजाना सफर पर क्या असर पड़ेगा?

प्राइवेट गाड़ी मालिकों और रेगुलर हाईवे यूजर्स के लिए इस नियम के स्पष्ट असर होंगे:

  • FASTag अनिवार्य होगा: बिना वैध FASTag के वाहन अब नकद भुगतान नहीं कर पाएंगे।
  • FASTag न होने पर ज्यादा शुल्क: FASTag नहीं होने पर UPI से भुगतान किया जा सकता है, लेकिन 1.25 गुना टोल देना होगा।
  • भुगतान न करने पर कार्रवाई: डिजिटल भुगतान से इनकार या असफल रहने पर वाहन को रोका जा सकता है या हटाया जा सकता है। ई-नोटिस भी जारी हो सकता है, और तीन दिन में भुगतान न करने पर दोगुना शुल्क लगेगा।

इस तरह यह व्यवस्था गैर-डिजिटल भुगतान को हतोत्साहित करती है और सभी को FASTag अपनाने के लिए प्रेरित करती है।

अनौपचारिक टोल छूट खत्म

नई अधिसूचना में टोल छूट के दुरुपयोग पर भी रोक लगाई गई है। पहले कुछ सरकारी विभागों के लोग व्यक्तिगत यात्रा के दौरान भी पहचान पत्र दिखाकर टोल छूट ले लेते थे।

अब नियम साफ करते हैं कि टोल छूट व्यक्ति नहीं, बल्कि आधिकारिक वाहन या अधिकृत उपयोग से जुड़ी होगी। पात्र लोगों को अब उचित प्रक्रिया से Exempted FASTag लेना होगा। या वे FASTag का सालाना पास ले सकते हैं। इससे टोल प्लाजा पर पहचान जांच के कारण होने वाले विवाद और देरी कम होने की उम्मीद है।

FASTag सालाना पास: किसके लिए बेहतर

सरकार ने नियमित यात्रियों के लिए FASTag सालाना पास का विकल्प भी बताया है।

कीमत: 3,075 रुपये प्रति वर्ष
कवरेज: प्राइवेट कारों के लिए 200 टोल पार करने तक

जो लोग रोजाना या बार-बार टोल से गुजरते हैं, उनके लिए यह सुविधाजनक और सस्ता हो सकता है। लेकिन कभी-कभार यात्रा करने वालों के लिए सामान्य भुगतान बेहतर हो सकता है।

बिना रुकावट टोलिंग की ओर कदम

यह बदलाव पूरी तरह बिना बाधा वाली टोल प्रणाली की दिशा में एक बड़ा कदम है। सरकार मल्टी-लेन फ्री-फ्लो टोलिंग पर काम कर रही है, जिसमें वाहन बिना रुके गुजरेंगे और शुल्क अपने आप कट जाएगा। नकद हटाकर और डिजिटल भुगतान को मानकीकृत कर सिस्टम को अगले चरण के लिए तैयार किया जा रहा है।

गाड़ी मालिक अब क्या करें

समय सीमा नजदीक है, इसलिए वाहन मालिकों को तुरंत ये कदम उठाने चाहिए:

  • अपना FASTag सक्रिय रखें और उसमें बैलेंस बनाए रखें
  • KYC विवरण अपडेट करें
  • अगर पात्र हों तो Exempted FASTag के लिए आवेदन करें
  • देखें कि सालाना पास लेना आपके लिए फायदेमंद है या नहीं

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First Published - April 6, 2026 | 12:37 PM IST

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