facebookmetapixel
test postQ4 में टूटेंगे सारे रिकॉर्ड! हिंदुस्तान जिंक के CEO का दावा: चौथी तिमाही होगी सबसे मजबूतरेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइल

NPS : गारंटीड रिटर्न स्‍कीम की दरें हर साल होगी तय  

न्यू पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत लॉन्च किए जाने वाले  मिनिमम एश्योर्ड रिटर्न स्कीम (MARS) के लिए दरें (रेट ऑफ रिटर्न) हर साल तय होगी।

Last Updated- December 29, 2022 | 4:26 PM IST
NPS

अगले वित्तीय वर्ष की शुरुआत में पेंशन रेगुलेटर द्वारा न्यू पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत लॉन्च किए जाने वाले  मिनिमम एश्योर्ड रिटर्न स्कीम (MARS) के लिए दरें (रेट ऑफ रिटर्न) हर साल तय होगी।

पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) के चेयरमैन सुप्रतिम बंद्योपाध्याय ने ‘बिजनेस स्टैंडर्ड’ से कहा कि इस नए  प्रोडक्ट के लिए दस साल की ‘लॉक-इन अवधि’ होगी और रेट ऑफ रिटर्न सरकार के 10 वर्षीय  बॉन्ड  को ध्यान में रखते हुए तय किया जाएगा।

उन्होंने कहा, ” इस प्रोडक्ट पर गारंटी निश्चित नहीं है, यह हर साल तय होने वाली है।” समय-समय पर बदलने वाली ब्याज दर को फ्लोटिंग रेट कहा जाता है।

उदाहरण के तौर पर गारंटी आज पांच  फीसदी  तय की गई है तो यह एक साल की अवधि के लिए वैलिड होगी और उसके बाद इसे या तो ऊपर या नीचे रीसेट किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर बीच में  सरकार के 10 वर्षीय बॉन्ड यील्ड  में ज्यादा बदलाव होता है तो PFRDA हस्तक्षेप करेगा और इसे रीसेट करेगा।

बंद्योपाध्याय ने कहा कि गारंटी सरकार के 10 वर्षीय  बॉन्ड  से कम होगी। अगर दस साल का सरकारी  बॉन्ड   7.5 फीसदी  ब्याज देता है तो 2.5 फीसदी का अंतर रखते हुए गारंटी पांच फीसदी हो सकती है।

अगर बाजार बेहतर प्रदर्शन करता है और रिटर्न की दर पांच फीसदी से ज्यादा रहती है तो यह निवेशकों को दिया जाएगा। अगर बाजार खराब प्रदर्शन करता है तो रिटर्न की दर पांच फीसदी से कम नहीं होगी और फंड मैनेजर को इस अंतर को वहन करना होगा।

उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य के लिए PFRDA बीमा कंपनियों की तर्ज पर फंड मैनेजर के लिए दिवाला मानदंड पेश करेगा क्योंकि यह पहली बार है जब MARS सामने आ रहा है।

बंद्योपाध्याय ने कहा कि  यह प्रोडक्ट अगले वित्त वर्ष की शुरुआत में पेश किया जा सकता है।

First Published - December 29, 2022 | 3:29 PM IST

संबंधित पोस्ट