PM Surya Ghar Scheme: लगातार बढ़ते बिजली बिल से परेशान लोगों के लिए केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर योजना बड़ी राहत बनकर सामने आई है। इस योजना के तहत घरों की छत पर सोलर पैनल लगवाने के लिए सरकार सब्सिडी दे रही है, ताकि आम लोग कम खर्च में खुद बिजली तैयार कर सकें। खास बात यह है कि योजना का लाभ लेने की अंतिम तारीख मार्च 2027 तय की गई है। ऐसे में जिन परिवारों का हर महीने बिजली खर्च ज्यादा आता है, उनके लिए यह योजना लंबे समय तक बचत का अच्छा विकल्प बन सकती है।
क्या है PM Surya Ghar Scheme
पीएम सूर्य घर योजना का उद्देश्य लोगों को स्वच्छ ऊर्जा से जोड़ना और बिजली पर होने वाला खर्च कम करना है। इसके तहत घरों की छत पर रूफटॉप सोलर पैनल लगाए जाते हैं। इन पैनलों से बनने वाली बिजली का इस्तेमाल घर के दैनिक कामों में किया जा सकता है। अगर जरूरत से ज्यादा बिजली तैयार होती है, तो उसे ग्रिड में भेजकर बिजली बिल में एडजस्ट भी कराया जा सकता है।
सरकार दे रही सब्सिडी और आसान लोन
योजना के तहत सोलर सिस्टम लगाने पर सरकार की ओर से सब्सिडी दी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार सोलर प्लांट लगाने में लगभग 80 हजार रुपये से लेकर 2 लाख रुपये तक का खर्च आ सकता है। इसके अलावा लोगों को आसान किस्तों पर लोन की सुविधा भी मिल रही है। जानकारी के मुताबिक करीब 7 प्रतिशत ब्याज दर पर 2 लाख रुपये तक का लोन उपलब्ध कराया जा सकता है।
कितनी जगह और कितनी क्षमता जरूरी
सोलर सिस्टम लगाने के लिए छत पर पर्याप्त जगह होना जरूरी है। आमतौर पर 1 किलोवाट का सोलर प्लांट लगाने के लिए करीब 100 वर्गफुट जगह की जरूरत पड़ती है।
- जिन घरों में हर महीने करीब 150 यूनिट बिजली खर्च होती है, उनके लिए 1kW का सिस्टम पर्याप्त माना जाता है।
- 300 यूनिट तक बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं के लिए 2kW का सिस्टम बेहतर रहेगा।
- इससे ज्यादा खपत होने पर 3kW या उससे अधिक क्षमता वाला सिस्टम लगाया जा सकता है।
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PM Surya Ghar Scheme: घर बैठे ऐसे करें आवेदन
पीएम सूर्य घर योजना के तहत घर बैठे ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। इसके लिए आवेदक का भारतीय नागरिक होना जरूरी है। साथ ही उसके पास खुद की छत और बिजली कनेक्शन होना चाहिए।
आवेदन के लिए सबसे पहले pmsuryaghar.gov.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा। यहां राज्य, DISCOM, कंज्यूमर नंबर और मोबाइल नंबर की जानकारी देनी होगी। इसके बाद कंज्यूमर नंबर और मोबाइल नंबर से लॉगइन कर Rooftop Solar विकल्प में आवेदन फॉर्म भरना होगा।
डिस्कॉम से मंजूरी मिलने के बाद पोर्टल पर मौजूद रजिस्टर्ड वेंडर से सोलर पैनल लगवाया जा सकता है। इंस्टॉलेशन पूरा होने के बाद प्लांट की जानकारी पोर्टल पर अपलोड करनी होगी और नेट मीटरिंग के लिए आवेदन करना होगा।
इसके बाद डिस्कॉम की ओर से फिजिकल इंस्पेक्शन किया जाएगा। नेट मीटर लगने के बाद पोर्टल पर कमीशनिंग सर्टिफिकेट जारी होगा। फिर बैंक खाते की जानकारी और कैंसिल चेक अपलोड करना होगा। प्रक्रिया पूरी होने के करीब 30 दिनों के अंदर सब्सिडी की रकम खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है।
PM Surya Ghar Scheme: कितनी मिलती है सब्सिडी
अगर कोई व्यक्ति बिना सब्सिडी के सोलर पैनल लगवाता है, तो प्रति किलोवाट करीब 60 हजार रुपये से 80 हजार रुपये तक खर्च आता है। हालांकि पीएम सूर्य घर योजना में सरकार इस खर्च का 40 से 60 प्रतिशत हिस्सा सब्सिडी के रूप में देती है।
- 1kW सिस्टम पर करीब 30 हजार रुपये तक की सब्सिडी
- 2kW सिस्टम पर 60 हजार रुपये तक की सब्सिडी
- 3kW या उससे बड़े सिस्टम पर अधिकतम 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी
यानी 78 हजार रुपये से ज्यादा की केंद्रीय सब्सिडी नहीं मिलेगी। हालांकि कुछ राज्य सरकारें अतिरिक्त सब्सिडी भी दे रही हैं। उदाहरण के तौर पर उत्तर प्रदेश में केंद्र सरकार की सहायता के अलावा करीब 30 हजार रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी दी जा रही है। ऐसे में वहां के उपभोक्ताओं को कुल मिलाकर लगभग 1.08 लाख रुपये तक की राहत मिल सकती है।
कितने साल में निकल आएगी लागत
अगर कोई उपभोक्ता 3kW का सोलर प्लांट लगवाता है, तो उस पर करीब 1.80 लाख रुपये तक का खर्च आ सकता है। केंद्रीय सब्सिडी मिलने के बाद यह खर्च घटकर लगभग 1.08 लाख रुपये रह जाता है।
यह सिस्टम हर महीने करीब 250 से 300 यूनिट बिजली तैयार कर सकता है। अगर बिजली की दर 8 रुपये प्रति यूनिट मानी जाए, तो उपभोक्ता हर महीने लगभग 2200 रुपये और सालभर में करीब 26 हजार रुपये तक की बचत कर सकता है। इस हिसाब से करीब 4 साल में पूरी लागत निकल सकती है। इसके बाद अगले 20 साल तक लगभग मुफ्त बिजली का लाभ मिल सकता है।