Telcom Companies Tariff Hikes: पिछले कुछ वर्षों में मोबाइल रिचार्ज महंगे होने के बावजूद टेलीकॉम कंपनियों की कमाई में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। हालांकि अब पिछली टैरिफ बढ़ोतरी का फायदा धीरे-धीरे खत्म हो रहा है। ऐसे में अगर कंपनियां फिर से रिचार्ज दरें नहीं बढ़ातीं तो उनकी कमाई की रफ्तार आने वाले महीनों में धीमी पड़ सकती है।
ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2027 में प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियों की आय में दो अंकों की वृद्धि के लिए नई टैरिफ बढ़ोतरी जरूरी होगी। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि कंपनियां इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में स्मार्टफोन प्लान्स की कीमतों में करीब 15 फीसदी बढ़ोतरी कर सकती हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियों के लिए स्थिर रहा। रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया की संयुक्त वायरलेस आय करीब 10 फीसदी बढ़कर 2.7 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई। हालांकि यह वृद्धि पिछले साल के मुकाबले धीमी रही। वित्त वर्ष 2025 में इन कंपनियों की आय करीब 13 फीसदी बढ़ी थी। कमाई बढ़ने की सबसे बड़ी वजह प्रति ग्राहक औसत आय यानी एआरपीयू (ARPU) में बढ़ोतरी रही। जुलाई 2024 में हुए टैरिफ बढ़ोतरी के असर और बेहतर ग्राहक प्रोफाइल की वजह से एआरपीयू करीब 8.5 फीसदी बढ़ा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2026 में उपभोक्ता मोबाइल ग्राहकों की संख्या में करीब 1.7 करोड़ की बढ़ोतरी हुई। हालांकि इसके बावजूद देश में कुल मोबाइल ग्राहकों की संख्या अब भी मार्च 2017 के स्तर से नीचे है। मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में रिचार्ज प्लान्स महंगे होने और न्यूनतम रिचार्ज की अनिवार्यता बढ़ने से कई लोगों ने अतिरिक्त सिम बंद कर दिए। इससे ग्राहक बेस पर असर पड़ा।
ग्राहकों को जोड़ने के मामले में रिलायंस जियो सबसे आगे रही। वित्त वर्ष 2026 में जियो ने करीब 1.5 करोड़ नए मोबाइल ग्राहक जोड़े। इसके बाद एयरटेल ने करीब 1.1 करोड़ नए ग्राहक जोड़े। दूसरी तरफ वोडाफोन आइडिया के ग्राहक लगातार घटते रहे। कंपनी ने साल के दौरान करीब 1 करोड़ ग्राहक गंवाए। बाजार हिस्सेदारी के मामले में जियो की हिस्सेदारी बढ़कर करीब 41.5 फीसदी हो गई, जबकि एयरटेल की हिस्सेदारी 35 फीसदी से ऊपर पहुंच गई। वहीं वोडाफोन आइडिया की हिस्सेदारी घटकर 15.7 फीसदी रह गई।
रिपोर्ट में कहा गया है कि कुल ग्राहकों की संख्या में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हुई है, लेकिन डेटा इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वित्त वर्ष 2026 में डेटा इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों की संख्या 3.1 करोड़ बढ़कर करीब 89 करोड़ तक पहुंच गई। अब प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियों के करीब 87 फीसदी ग्राहक डेटा सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं। एयरटेल को इसका सबसे ज्यादा फायदा मिला है। कंपनी के 80 फीसदी से ज्यादा भुगतान करने वाले ग्राहक अब डेटा इस्तेमाल करते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, 5जी सेवाओं के विस्तार के बाद डेटा खपत में तेज बढ़ोतरी हुई है। वित्त वर्ष 2026 में तीनों प्राइवेट कंपनियों का कुल डेटा ट्रैफिक करीब 29 फीसदी बढ़ा। औसतन हर ग्राहक अब हर महीने 34 जीबी से ज्यादा डेटा इस्तेमाल कर रहा है, जो एक साल पहले करीब 27 जीबी था। लेकिन इसके बावजूद कंपनियां डेटा खपत बढ़ने का पूरा फायदा नहीं उठा पा रही हैं। इसकी बड़ी वजह मुफ्त अनलिमिटेड 5जी डेटा ऑफर हैं।
मोतीलाल ओसवाल का मानना है कि जियो के आधे से ज्यादा ग्राहक अब 5जी इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में कंपनियों को मुफ्त 5जी डेटा की पेशकश बंद करनी चाहिए और ज्यादा डेटा इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों से अतिरिक्त कमाई के तरीके तलाशने चाहिए।
ब्रोकरेज को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में मोबाइल टैरिफ में करीब 15 फीसदी बढ़ोतरी हो सकती है। इसका मतलब है कि 1.5 जीबी प्रतिदिन वाले बेसिक स्मार्टफोन प्लान की कीमत करीब 50 रुपये प्रति 28 दिन तक बढ़ सकती है।
अगर ऐसा होता है तो प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियों की संयुक्त वायरलेस आय वित्त वर्ष 2027 में बढ़कर करीब 3 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि महंगाई की वजह से घरों के बजट पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में कंपनियां टैरिफ बढ़ोतरी को कुछ समय के लिए टाल भी सकती हैं।
मोतीलाल ओसवाल का मानना है कि टेलीकॉम क्षेत्र में आगे भी अच्छी संभावनाएं बनी हुई हैं। ब्रोकरेज की पसंदीदा कंपनियों में भारती एयरटेल, भारती हेक्साकॉम और रिलायंस इंडस्ट्रीज शामिल हैं।
| कंपनी | रेटिंग | मौजूदा भाव (CMP) | टारगेट प्राइस (TP) |
|---|---|---|---|
| भारती एयरटेल | खरीदें | 1,798 रुपये | 2,180 रुपये |
| वोडाफोन आइडिया (VI) | न्यूट्रल | 15 रुपये | 10 रुपये |
| भारती हेक्साकॉम | खरीदें | 1,476 रुपये | 1,860 रुपये |
| इंडस टावर्स | न्यूट्रल | 430 रुपये | 430 रुपये |
| टाटा कम्युनिकेशंस | न्यूट्रल | 1,970 रुपये | 1,720 रुपये |
मोतीलाल ओसवाल द्वारा दी गई रेटिंग
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)