facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Electoral Bond: कोई खुद की पार्टी को दिया 500 रुपया, तो किसी ने चुनाव आयोग से कहा-अभी मैं बीमार

Advertisement

निर्वाचन आयोग को दिए जवाब में कुछ दलों ने चुनावी बॉण्ड के माध्यम से कोई दान नहीं मिलने की बात कही जबकि अन्य ने मांगी गई जानकारी प्रदान करने में असमर्थता जाहिर की

Last Updated- March 19, 2024 | 6:31 PM IST
Mumbai has the largest share of electoral bonds sold since inception Electoral Bond: मुंबई में बिके सबसे ज्यादा चुनावी बॉन्ड, फिर इन राज्यों से मिले राजनीतिक पार्टियों को सबसे ज्यादा दान

चुनावी बॉण्ड पर राजनीतिक दलों ने निर्वाचन आयोग को दिए रोचक उत्तर नयी दिल्ली, 19 मार्च (भाषा) भारत निर्वाचन आयोग ने चुनावी बॉण्ड को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलो से विवरण भेजने का अनुरोध किया था जिस पर जो जवाब आये हैं, वे काफी रोचक हैं। एक दल ने बताया कि उनका अध्यक्ष ही हर तीन माह बाद स्वयं 500 रुपये पार्टी को दान कर देता था वहीं एक दल ने तो अपनी मान्यता रद्द करने का अनुरोध कर दिया।

निर्वाचन आयोग को दिए जवाब में कुछ दलों ने चुनावी बॉण्ड के माध्यम से कोई दान नहीं मिलने की बात कही जबकि अन्य ने मांगी गई जानकारी प्रदान करने में असमर्थता जाहिर की। महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी ने एक नई पार्टी के रूप में अपनी स्थिति का हवाला दिया और दावा किया कि उसे चुनावों में कोई वोट नहीं मिला है और इसलिए उसके पास देने के लिए कोई विवरण नहीं है। इसी प्रकार सर्वजन लोक शक्ति पार्टी ने एक हस्तलिखित जवाब प्रस्तुत किया जिसमें कहा गया कि उसे अभी तक कोई दान नहीं मिला है।

‘भारत का किसान मजदूर पार्टी’ ने उसे पहचान नही मिल पाने पर निराशा व्यक्त की। पार्टी ने उद्योगपतियों या पूंजीपतियों से कोई समर्थन नहीं मिलने का दावा किया और कहा कि इसलिए उसे कोई चुनावी बॉण्ड नहीं मिला।

तमिलनाडु की तमिलर देसिया मुन्नानी ने दी गई समय सीमा के भीतर चुनाव आयोग के नोटिस का जवाब देने में असमर्थता के लिए अपने नेतृत्व के खराब स्वास्थ्य का हवाला दिया। इसमें यह भी उल्लेख किया गया कि उसे 30 सितंबर, 2023 तक चुनावी बॉण्ड के माध्यम से कोई दान नहीं मिला है।

मक्कल नाला कषगम ने कहा कि उसके अध्यक्ष व्यक्तिगत रूप से हर तीन महीने में पार्टी के खाते में पैसा जमा करते हैं।

पार्टी ने कहा, ‘‘पार्टी अध्यक्ष एस सत्यमूर्ति संबंधित बैंक में पार्टी खाते में तीन महीने में एक बार अपने 500 रुपये जमा करा रहे हैं।’’ कन्नड़ नाडु पार्टी ने खुद को विघटित करने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया है। उसने निर्वाचन आयोग को एक पत्र सौंपकर पार्टी की मान्यता रद्द करने का अनुरोध किया है।

कन्नड़ नाडु पार्टी ने अपने जवाब में कहा, ‘‘…संबंधित बैठकों में पारित प्रस्तावों को आपके कार्यालयों में भेज दिया गया था और हम एक राजनीतिक दल के रूप में मान्यता रद्द करने की आपकी मंजूरी की प्रतीक्षा कर रहे हैं।’’

जन शक्ति दल, नीति निजयथी पार्टी और गुंज सत्य नी जनता पार्टी जैसे दलों ने दावा किया है कि उन्हें अब तक कोई दान नहीं मिला है। आसरा लोकमंच पार्टी, भारतीय सार्थक पार्टी और राष्ट्रीय भ्रष्टाचार मुक्ति पार्टी सहित कई दलों ने कहा कि उन्हें कोई दान नहीं मिला है। साथ ही इन दलों ने दावा किया कि वे चुनावी बॉण्ड प्राप्त करने के लिए तय अर्हता के अंतर्गत नहीं आते हैं।

बहुजन राज्यम पार्टी ने स्पष्ट किया कि उसे कोई चुनावी बॉण्ड नहीं मिला है। साथ ही पार्टी ने पात्रता मानदंड को रेखांकित किया जिसके तहत पिछले चुनावों में कम से कम एक प्रतिशत वोट हासिल करने वाले दल ही चुनावी बॉण्ड के जरिये चंदा लेने की अर्हता रखते हैं।

Advertisement
First Published - March 19, 2024 | 6:31 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement