facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

तमिलनाडु-केरल में सरकार गठन पर सस्पेंस, TVK बहुमत से दूर तो कांग्रेस में CM पद की खींचतान

Advertisement

तमिलनाडु में समर्थन जुटाने में लगी विजय की TVK, केरल में कांग्रेस नेताओं के बीच मुख्यमंत्री पद की दौड़ तेज

Last Updated- May 08, 2026 | 8:56 AM IST
thalapathy vijay
File Image

विधान सभा चुनाव के परिणाम आने के बाद दक्षिण भारत के दो राज्यों तमिलनाडु और केरल में सरकार गठन के लिए जद्दोजहद तेज हो गई है। तमिलनाडु में अभिनेता विजय की तमिलगा वेट्री कषगम (टीवीके) ने सरकार बनाने के लिए दावा तो पेश कर दिया लेकिन राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के बहुमत के लिए जरूरी 118 विधायकों के समर्थन का प्रमाण मांगने पर मामला अटक गया है। अब पार्टी कानूनी विकल्पों पर विचार करने के साथ-साथ भाकपा, माकपा और थोल तिरुमावलावन की विदुतलाई चिरुताईगल काची (वीसीके) से भी सरकार में शामिल होने के लिए बातचीत कर रही है। इन तीनों दलों के पास दो-दो सीटें हैं।

हालांकि पांच विधायकों वाली कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन का ऐलान कर दिया है और इस तरह संख्या 113 पहुंच गई है, लेकिन बहुमत के लिए जरूरी 118 विधायकों के जादुई आंकड़े तक पहुंचने के लिए अभी भी पांच और सदस्यों की आवश्यकता है। वामपंथी दल अभी चुप हैं और वे शुक्रवार तक अपना फैसला ले सकते हैं। समर्थन जुटाने में देरी के चलते अब खबर यह भी आ रही है कि टीवीके ने राज्यपाल से सरकार बनाने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा है। दूसरी ओर, टीवीके के एक वरिष्ठ नेता ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया कि एक-दो दिन में स्थिति साफ हो जाएगी।

यह भी खबर आई कि दो द्रविड़ दल- द्रमुक और उसके कट्टर प्रतिद्वंद्वी अन्नाद्रमुक मिलकर सरकार बनाने के लिए आपस में बातचीत कर रहे हैं। द्रमुख के पास 59 सीटें हैं जबकि अन्नाद्रमुक को इस चुनाव में 47 सीट मिली हैं। हालांकि, बाद में द्रमुक ने स्पष्ट कर दिया कि वह लोगों के फैसले का सम्मान करते हुए विपक्ष में बैठेगी।

द्रमुक सांसद कलानिधि वीरस्वामी ने कहा, ‘उनकी पार्टी ने कांग्रेस के विश्वासघात के बावजूद प्रभावी विपक्ष के रूप में कार्य करने का फैसला किया है। टीवीके को सरकार बनाने से रोकने के लिए अन्नाद्रमुक लगातार भाजपा पर दबाव डाल रही है। यह लोगों के जनादेश का अनादर है। उम्मीद है कि लोकतंत्र जीतेगा।’

दूसरी ओर, टीवीके का कहना है कि राज्यपाल का कदम 1994 के बोम्मई फैसले के खिलाफ है, जिसमें उच्चतम न्यायालय ने फैसला सुनाया था कि सरकार के बहुमत का परीक्षण राज्यपाल के विवेक पर नहीं, केवल सदन में ही किया जाना चाहिए।

इस बीच, केरल का मामला भी अभी उलझा हुआ दिख रहा है, जहां कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल, विधान सभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीशन और पार्टी के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला मुख्यमंत्री पद पाने के लिए अपनी-अपनी रणनीतिक चाल चल रहे हैं। उनके समर्थक सार्वजनिक रूप से बयानबाजी तो कर ही रहे हैं, अपने-अपने नेता को मुख्यमंत्री के रूप में पेश करते हुए सड़कों पर होर्डिंग-बैनर भी लगा रहे हैं। विधान सभा चुनावों में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ को 140 सदस्यीय विधान सभा में 102 सीटें मिली हैं। इस गठबंधन में कांग्रेस ने सबसे अधिक 63 सीटें जीती हैं, जबकि उसकी मुख्य सहयोगी, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग को 22 सीटें मिली हैं।

कांग्रेस विधायक दल की गुरुवार को हुई बैठक के बाद पार्टी के राज्य प्रभारी दीपक दासमुंशी ने कहा कि विधायक दल का नेता चुनने का अंतिम निर्णय हाईकमान पर छोड़ दिया गया है।

Advertisement
First Published - May 8, 2026 | 8:56 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement