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असम में हिमंत युग 2.0: लगातार दूसरी बार ली CM पद की शपथ, कहा: पहला कार्यकाल ट्रेलर, अब फिल्म दिखेगी

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राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने गुवाहाटी के खानापारा क्षेत्र में वेटरनरी मैदान में आयोजित भव्य समारोह में शर्मा और चारों विधायकों को पद की शपथ दिलाई

Last Updated- May 12, 2026 | 10:21 PM IST
Himanta Biswa Sarma
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद लोगों का अभिवादन स्वीकार करते हिमंत विश्व शर्मा | फोटो: PTI

हिमंत विश्व शर्मा ने मंगलवार को लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए असम के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। इसके साथ ही राज्य में लगातार तीसरी बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार बन गई है। उनके साथ चार विधायकों ने भी मंत्री के रूप में शपथ ली, जिनमें भाजपा के अजंता नियोग और रामेश्वर तेली, सहयोगी दल असम गण परिषद (अगप) के अतुल बोरा और बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट (बीपीएफ) के चरण बोरो शामिल हैं। 

राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने गुवाहाटी के खानापारा क्षेत्र में वेटरनरी मैदान में आयोजित भव्य समारोह में शर्मा और चारों विधायकों को पद की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्रियों अमित शाह, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, सर्वानंद सोनोवाल, पबित्रा मारगेरिटा, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री तथा उप मुख्यमंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन मौजूद थे।

धोती-कुर्ता पहने और गले में पारंपरिक गमछा डाले हुए मुख्यमंत्री और तीन विधायकों तेली, बोरा और नियोग ने असमिया में जबकि बोरो ने बोडो भाषा में शपथ ली। नियोग वित्त मंत्री, बोरा कृषि मंत्री जबकि बोरो परिवहन मंत्री थे। राजग ने 126 सदस्यीय विधान सभा के चुनाव में रिकॉर्ड 102 सीट जीती हैं, जिनमें भाजपा को 82 सीटें मिली हैं और उसके सहयोगी दल अगप और बीपीएफ ने 10-10 सीट जीती हैं। 

प्रधानमंत्री ने शपथ लेने के बाद शर्मा और मंत्रियों को बधाई दी। शपथ लेने के बाद हिमंत ने विकसित और सुरक्षित असम के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया। पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री तेली को छोड़कर बाकी तीनों मंत्री राज्य में पिछली राजग सरकार का हिस्सा थे। तेली 15 साल बाद राज्य की राजनीति में लौटे हैं। हिमंत लगातार दूसरी बार यह पद संभालने वाले असम के पहले गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री हैं। जेपी नड्डा, नितिन गडकरी और सर्बानंद सोनोवाल सहित कई केंद्रीय मंत्रियों ने उम्मीद जताई कि यह सरकार आने वाले समय में तीव्र विकास और प्रभावी शासन लाएगी। 

बढ़ता गया हिमंत का प्रभाव 

पूर्वोत्तर में भाजपा के तेजी से बढ़ने का व्यापक श्रेय पाने वाले हिमंत विश्व शर्मा का लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेना न केवल नेतृत्व की निरंतरता को दर्शाता है, बल्कि इस क्षेत्र में पार्टी की बढ़ती राजनीतिक पैठ का भी संकेत है। कांग्रेस की ओर से तीखी आलोचना होने और अपनी पत्नी के खिलाफ आरोपों की झड़ी लगने के बावजूद शर्मा पूरे चुनाव में दृढ़ता से प्रचार करते रहे और असम में भाजपा को और मजबूती से खड़ा होने में मदद की, जिससे क्षेत्र में सत्ताधारी राजग के पक्ष में राजनीतिक परिदृश्य को एक नया आकार मिला।

राज्य की विकास यात्रा जारी रखने का संकल्प जताते हुए 57 वर्षीय हिमंत ने कहा है कि मुख्यमंत्री के रूप में उनका पहला कार्यकाल केवल ‘ट्रेलर’ था और दूसरे कार्यकाल में ‘फिल्म’ आएगी।

हाल में संपन्न विधान सभा चुनाव में शर्मा ने जालुकबारी सीट पर 89,434 मतों के बड़े अंतर से जीत हासिल कर एक बार फिर प्रदेश की राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ साबित की है। वर्ष 2015 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद वर्ष 2021 में मुख्यमंत्री बनने तक का शर्मा का सफर लंबे समय से उपयोग में लाई जा रही राजनीतिक रणनीति और संगठनात्मक कौशल का परिणाम माना जाता है। 

कभी पूर्वोत्तर के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाने वाले शर्मा अब भाजपा के प्रमुख चुनावी रणनीतिकारों में शामिल हैं और विभिन्न राज्यों में पार्टी के एजेंडे को आक्रामक रूप से आगे बढ़ा रहे हैं। हालांकि, कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनकी भाषा और शैली एक संवैधानिक पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है। वर्ष 1996 में अपने पहले चुनाव में हार के बाद शर्मा 2001 से लगातार जालुकबारी का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और कांग्रेस तथा भाजपा दोनों के टिकट पर जीत दर्ज कर चुके हैं।  

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First Published - May 12, 2026 | 10:10 PM IST

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