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Kerala Assembly Election Results 2026: UDF की बढ़त बरकरार, वाम का आखिरी किला भी ध्वस्त

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Kerala Assembly Election Results 2026: 140 सदस्यीय विधानसभा में यूडीएफ 101 सीट पर आगे चल रहा था, जबकि सत्तारूढ़ एलडीएफ 40 से कम सीटों पर बढ़त बनाए हुए था

Last Updated- May 04, 2026 | 5:06 PM IST
Kerala Assembly Election Results
केरल विधानसभा चुनाव 2026 में CPI(M) के पिनराई विजयन (बाएं), कांग्रेस के वीडी सतीशन (बीच में) और बीजेपी के राजीव चंद्रशेखर (दाएं) प्रमुख उम्मीदवार हैं।

Kerala Assembly Election Results 2026: केरल विधानसभा चुनावों में सोमवार को कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने अपनी बड़ी बढ़त बना रखी है, जबकि कई सीटों पर मतगणना के अंतिम चरण में पहुंचने के साथ ही रुझानों ने संकेत दिया कि विपक्षी गठबंधन 100 सीट के लक्ष्य के करीब पहुंच सकता है। सुबह आठ बजे से शुरू हुई मतगणना के छह घंटे बाद आए कई दौर के रुझानों के अनुसार, 140 सदस्यीय विधानसभा में यूडीएफ 101 सीट पर आगे चल रहा था, जबकि सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) 40 से कम सीटों पर बढ़त बनाए हुए था।

वाम का आखिरी किला भी ध्वस्त

टीवी की खबरों के अनुसार, भाजपा नीत राजग को मात्र दो सीटों पर बढ़त हासिल थी। यदि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा केरल में हारता है, तो यह उसके लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका होगा, क्योंकि फिर देश में कोई भी ऐसा राज्य नहीं बचेगा जहां वह सत्ता में हो। रुझानों के अनुसार, कम से कम एक दर्जन मंत्री अपने-अपने क्षेत्रों में पीछे चल रहे हैं।

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मुख्यमंत्री पिनराई विजयन 8,000 वोटों से आगे

मुख्यमंत्री पिनराई विजयन शुरुआत में अपने पारंपरिक गढ़ धर्मदम में पीछे थे, लेकिन बाद के दौर में उन्होंने बढ़त हासिल कर ली और 15 में से 12 दौर की गणना के बाद 8,000 से अधिक वोटों से आगे चल रहे हैं। कई अन्य मंत्री– वीणा जॉर्ज, एम बी राजेश, ओ आर केलू, आर बिंदु, जे चिंचुरानी, पी राजीव, के बी गणेश कुमार, वी एन वासवन, वी शिवनकुट्टी, वी अब्दुरहिमान, कडन्नापल्ली रामचंद्रन, ए के ससींद्रन और रोशी ऑगस्टीन शुरुआती दौर की मतगणना में पीछे थे।

चेन्निथला की बड़ी जीत

वाम लोकतांत्रिक मोर्चा के संयोजक टी पी रामकृष्णन भी कोझीकोड जिले की पेराम्ब्रा सीट पर पीछे चल रहे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के उम्मीदवार को 23,000 से अधिक मतों से हरा दिया, जबकि पद्मजा वेणुगोपाल को त्रिशूर सीट पर लगातार तीसरी बार हार का सामना करना पड़ा। पय्यन्नूर सीट से यूडीएफ समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार वी कुन्हीकृष्णन ने भी जीत दर्ज की।

ढोल-नगाड़ों के साथ कांग्रेस कार्यालय में जश्न

कई पूर्व वाम नेता और बागी उम्मीदवारों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। परिणामों के शुरुआती रुझानों पर कांग्रेस कार्यालय में उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला, जहां कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया। केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सनी जोसेफ ने कहा कि यह रुझान वाम लोकतांत्रिक मोर्चा सरकार की “जनविरोधी नीतियों” की अस्वीकृति है। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ने भी यूडीएफ के प्रदर्शन का श्रेय गठबंधन की एकजुटता को दिया। आईयूएमएल 27 में से 23 सीटों पर आगे थी।

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विश्लेषकों के अनुसार, सत्ता विरोधी लहर, भ्रष्टाचार के आरोप और प्रशासनिक मुद्दों पर असंतोष ने सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा को नुकसान पहुंचाया है। इसके अलावा कई क्षेत्रों में अल्पसंख्यक मतों के यूडीएफ के पक्ष में एकजुट होने और कांग्रेस के सामाजिक कल्याण व महिला मतदाताओं पर केंद्रित अभियान ने भी गठबंधन को बढ़त दिलाने में भूमिका निभाई।

यदि ये रुझान परिणामों में बदलते हैं, तो केरल में एक दशक बाद सत्ता परिवर्तन होगा, जहां परंपरागत रूप से एलडीएफ और यूडीएफ के बारी-बारी से सत्ता में आने का चलन रहा है। मतगणना पूरे राज्य के 140 केंद्रों पर जारी है।

(PTI इनपुट के साथ)

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First Published - May 4, 2026 | 4:57 PM IST

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