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‘वोट चोरी’ के खिलाफ विपक्ष का मार्च; पुलिस ने राहुल गांधी, अखिलेश यादव समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया

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Opposition protest on 'Vote': राहुल गांधी द्वारा मतदाता सूची में कथित धांधली के आरोप और कुछ खुलासे करने के बाद विपक्षी दलों का यह पहला विरोध प्रदर्शन था।

Last Updated- August 11, 2025 | 2:13 PM IST
Rahul Gandhi
विपक्ष के विरोध मार्च के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता राहुल गांधी अन्य लोगों के साथ। (फोटो: पीटीआई)

विपक्षी दलों के सांसदों ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित ‘वोट चोरी’ के खिलाफ सोमवार को संसद भवन परिसर से मार्च निकाला। हालांकि पुलिस ने उन्हें संसद मार्ग पर ही रोक दिया और बाद में हिरासत में ले लिया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, राज्यसभा में विपक्ष के नेता एवं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा और कई विपक्षी सांसदों को हिरासत में लिया गया।

संसद थाने से छोड़ दिए गए नेता

हिरासत में लिए गए नेताओं को संसद मार्ग थाने ले जाया गया, जहां पुलिस ने उन्हें कुछ देर बाद छोड़ दिया। राहुल गांधी ने कहा, ‘‘सच्चाई देश के सामने है। यह लड़ाई राजनीतिक नहीं है, यह संविधान को बचाने की लड़ाई है, ‘एक व्यक्ति एक वोट’ की लड़ाई है। हम एक साफ-सुथरी और सही मतदाता सूची चाहते हैं।’’

खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘भाजपा की कायराना तानाशाही नहीं चलेगी। ये जनता के वोट के अधिकार को बचाने की लड़ाई है। यह लोकतंत्र को बचाने का संघर्ष है। ‘इंडिया’ गठबंधन के साथी संविधान की धज्जियां उड़ाने वाली इस भाजपाई साजिश को बेनकाब करके ही रहेंगे।’’

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पुलिस के रोके जाने के बाद बैरीकेड फांदकर दूसरी तरफ चले गए। उन्होंने कहा, ‘‘हम वोट बचाने के लिए बैरिकेड फांद रहे हैं। जिन लोगों ने वोट काटे हैं, उनके खिलाफ चुनाव आयोग को कार्रवाई करनी चाहिए। 18 हजार वोटों को मतदाता सूची से हटाया था, जिनकी सूची मैंने खुद दी है। आयोग ने हलफनामा मांगा, हमने दे दिया। हर किसी को मतदान करने का अवसर मिलना चाहिए।’’

संसद के मकर द्वार के सामने मार्च शुरू

संसद के मकर द्वार के सामने मार्च शुरू करने से पहले विपक्षी सांसदों ने राष्ट्रगान गाया। इससे पहले परिवहन भवन के पास पीटीआई बिल्डिंग के सामने रोके जाने पर सांसद सड़क पर ही बैठक गए और ‘‘वोट चोरी बंद करो’’ जैसे नारे लगाने लगे। उधर पुलिस अधिकारियों को लाउड स्पीकर पर सांसदों को रोकने के संबंध में घोषणा करते सुना गया।

तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा और सागरिका घोष, कांग्रेस सांसद ज्योतिमणि और संजना जाटव पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड पर खड़ी हो गईं और उन्होंने सरकार के खिलाफ नारे लगाए। इस मार्च में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक और कई अन्य दलों के नेता शामिल हैं।

आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह भी पर मार्च का हिस्सा बने। आप ने हाल में ‘इंडिया’ गठबंधन से अलग होने की घोषणा की थी। सांसदों ने सिर पर सफेद रंग की टोपी पहन रखी थी जिस पर ‘एसआईआर’ और ‘वोट चोरी’ लिखा था तथा उन पर लाल रंग के क्रॉस का निशान भी था।

प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं मांगी थी: पुलिस

मार्च शुरू होने से पहले दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि किसी ने भी इस प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं मांगी थी। राहुल गांधी द्वारा मतदाता सूची में कथित धांधली का आरोप लगाए जाने और इस संबंध में कुछ खुलासे करने का दावा किए जाने के बाद विपक्षी दलों का यह पहला विरोध प्रदर्शन है।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बेंगलुरु के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र के आंकड़े सामने रखते हुए सात अगस्त को आरोप लगाया था कि मतदाता सूची में हेरफेर करके ‘‘वोट चोरी’’ का मॉडल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को फायदा पहुंचाने के लिए लागू किया गया है। उन्होंने दिल्ली में संवाददाताओं के समक्ष महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र के मतदाता सूची के आंकड़े प्रस्तुत किए थे। राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि बेंगलुरु मध्य लोकसभा सीट के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में 1,00,250 मतों की चोरी की गई जबकि यह सीट पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 32,707 मतों के अंतर से जीती थी।

Input: PTI

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First Published - August 11, 2025 | 2:13 PM IST

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