facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

SEBI चीफ मामले में सीतारमण के बयान पर कांग्रेस का तंज, कहा- क्या वित्त मंत्री को माधवी पुरी बुच से जुड़े तथ्यों की जानकारी पहले से थी

Advertisement

वित्त मंत्री ने सोमवार को कहा था कि सेबी प्रमुख माधवी पुरी बुच और उनके पति धवल बुच अपना बचाव कर रहे हैं और ऐसे तथ्य सामने रख रहे हैं जो कांग्रेस के आरोपों के विपरीत हैं।

Last Updated- September 17, 2024 | 2:38 PM IST
Jairam Ramesh

कांग्रेस ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) की प्रमुख माधवी पुरी बुच के मामले पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की प्रतिक्रिया के बाद मंगलवार को कहा कि सेबी प्रमुख और उनके पति के वित्तीय लेन-देन को लेकर जो तथ्य सामने आए हैं, अब तक उनका किसी ने खंडन नहीं किया है।

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह सवाल भी किया कि क्या वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को 2022 से ही इन तथ्यों की जानकारी थी? वित्त मंत्री ने सोमवार को कहा था कि सेबी प्रमुख माधवी पुरी बुच और उनके पति धवल बुच अपना बचाव कर रहे हैं और ऐसे तथ्य सामने रख रहे हैं जो कांग्रेस के आरोपों के विपरीत हैं।

माधवी पुरी बुच और धवल बुच ने अनियमितता बरतने और हितों के टकराव को लेकर कांग्रेस की तरफ से लगाए गए आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि ये आरोप ‘‘झूठे और साख बिगाड़ने’’ की कोशिश हैं।

रमेश ने मंगलवार को ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘सेबी प्रमुख के व्यक्तिगत वित्तीय लाभ के मुद्दे पर वित्त मंत्री ने आखिरकार केंद्र सरकार की चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा है कि सेबी प्रमुख और श्री बुच ‘हितों के टकराव के आरोपों पर जवाब दे रहे हैं’ लेकिन ये जवाब और भी सवाल खड़े करते हैं। सेबी प्रमुख और उनके पति के वित्तीय लेन-देन को लेकर जो तथ्य सामने आए हैं, अब तक उनका किसी ने खंडन नहीं किया है।’’

उन्होंने कहा कि अब सवाल यह है कि क्या वित्त मंत्री और “नॉन-बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री” को कम से कम 2022 से ही इन तथ्यों की जानकारी थी।

रमेश ने सवाल किया, “क्या वे वास्तव में सोचते हैं कि ये तथ्य बहुत हल्के हैं और किसी भी तरह से पूंजी बाजार नियामक की कार्यप्रणाली से समझौता नहीं करते हैं? क्या अदाणी समूह (Adani Group) की उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्देशित सेबी जांच वास्तव में सही, निष्पक्ष और पूरी हुई है? उन्होंने कहा, “इस मामले का अभी अंत नहीं हुआ है और भी बहुत कुछ कहने को है!”

Advertisement
First Published - September 17, 2024 | 2:23 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement