facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

BFSI Summit: बैंकिंग सेवा प्रदान करने वाली सभी संस्थाएं बैंकों के लिए बने नियमों के दायरे में – RBI डिप्टी गवर्नर

Advertisement

नियामक के दायरे से बाहर गैर-बैंकिंग संस्थाओं को बैंकिंग प्रणाली को कमजोर करने की अनुमति नहीं दी जायेगी: टी रबी शंकर

Last Updated- December 21, 2022 | 7:31 PM IST
T Rabi Sankar

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के डिप्टी गवर्नर टी रबी शंकर ने बुधवार को कहा कि बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने वाली किसी भी संस्था को बैंकों के लिए बने नियमों का पालन करना होगा

उन्होंने बिजनेस स्टैंडर्ड के BFSI Insight Summit में कहा कि नियामक के दायरे से बाहर गैर-बैंकिंग संस्थाओं को बैंकिंग प्रणाली को कमजोर करने की अनुमति नहीं दी जायेगी।

रबी शंकर ने कहा, “बैंकिंग आधारित किसी भी कंपनी को फिनटेक संस्थाओं के सह-अस्तित्व के अनुकूल होना आवश्यक है जो समान नियामक आवश्यकताओं के तहत नहीं आते हैं।”

उन्होंने कहा, “मूलभूत बात यह है कि बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने वाली कोई भी कंपनी बैंक के समान नियमों के अधीन है। बैंकिंग सेवाएं प्रदान कर रही गैर-बैंकिंग कंपनियों को बैंकों की तरह लाइसेंस और रेगुलेट करने की आवश्यकता है। लाइसेंस के बिना इस तरह की कंपनियों को बैंकिंग गतिविधियों को करने की अनुमति नहीं दी जायेगी।”

रबी शंकर ने दरअसल जून में RBI के स्पष्टीकरण के संदर्भ में यह कहा है। तब केंद्रीय बैंक ने प्रीपेड कार्ड जारी करने वाली गैर-बैंकिंग कंपनियों से अपने वॉलेट और कार्ड में पैसा….ऋण-सुविधा या पूर्व-निर्धारित उधारी सीमा के जरिये नहीं डालने के लिए कहा था।

केंद्रीय बैंक के इस बयान के बाद फिनटेक क्षेत्र में उथल-पुथल हो गयी थी। इस कदम से फिनटेक क्षेत्र की कंपनियों के कारोबारी मॉडल पर असर पड़ा था।

Advertisement
First Published - December 21, 2022 | 6:56 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement