ह्युंडै मोटर के लिए भारत वित्त वर्ष 28 तक 10 लाख वाहन उत्पादन क्षमता पार करने वाला तीसरा देश बनने वाला है। वैश्विक वाहन क्षेत्र की इस दिग्गज का यह दक्षिण कोरिया के बाहर दूसरा सबसे बड़ा निर्यात केंद्र भी होगा। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी है। इसे मुख्य रूप से चेन्नई संयंत्र से काफी बढ़ावा मिलेगा। यह संयंत्र वित्त वर्ष 27 में दो नए मॉडल उतारेगा।
ह्युंडै मोटर इंडिया ने वित्त वर्ष 27 में 7,500 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय की योजना बनाई है। इसमें प्रमुख जोर चेन्नई इकाई के उन्नयन पर होगा ताकि समूची उत्पादन दक्षता को बढ़ावा मिल सके। एक सूत्र ने बताया कि दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बाद 10 लाख वाहन उत्पादन क्षमता वाला तीसरा देश भारत होगा। फिलहाल चेन्नई और तलेगांव संयंत्र की संयुक्त उत्पादन क्षमता 9,94,000 वाहन है और साल 2028 तक इसके बढ़कर 10.74 लाख हो जाने की उम्मीद है। साल 2030 तक इस क्षमता को बढ़ाकर 11 लाख किया जाएगा।
निर्यात में भी भारत की हिस्सेदारी वर्षों से बढ़ रही है। वित्त वर्ष 25 में निर्यात कुल राजस्व का 22 प्रतिशत था और वित्त वर्ष 26 में बढ़कर 26 प्रतिशत हो गया।
ह्युंडै मोटर इंडिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्य अधिकारी तरुण गर्ग ने निवेशक कॉल में कहा, ‘इस वित्त वर्ष के दौरान हम पूरी तरह से दो नए नाम पेश करेंगे। इन दोनों पेशकशों से हमारी बिक्री में खासी वृद्धि की उम्मीद है और यह हमारे विकास के अगले चरण के लिए शक्तिशाली प्रेरक का काम करेंगे। ये दोनों नए मॉडल हमारे चेन्नई संयंत्र में निर्मित किए जाएंगे।’