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कीमत बनी सबसे बड़ा फैक्टर: भारतीय ग्राहक 15 लाख के भीतर कार पसंद कर रहे, हाइब्रिड की मांग बढ़ी

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बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन ( बीईवी) अब भी छोटा आधार हैं और ये यात्री वाहनों की बिक्री का लगभग चार प्रतिशत हैं

Last Updated- February 26, 2026 | 9:49 PM IST
Cars

भारतीय ग्राहकों का अगली कार खरीद का नजरिया तकनीक के प्रति उत्साह की तुलना में कीमत से तय हो रहा है। डेलॉइट के नवीनतम अध्ययन – ग्लोबल ऑटोमोटिव कंज्यूमर स्टडी के मुताबिक आधे से ज्यादा खरीदार 15 लाख रुपये से ज्यादा की कीमत नहीं चाहते हैं और कई लोग महीने के खर्च का इंतजाम करने के लिए कर्ज की लंबी अवधि चुनते हैं। तेल-गैस इंजन वाली गाड़ियों की मांग प्रमुख है, जबकि हाइब्रिड वाहन सबसे ज्यादा स्वीकार्य बदलाव के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर रहे हैं।

डेलॉइट इंडिया में साझेदार और वाहन क्षेत्र के प्रमुख रजत महाजन ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘इंजन की पसंद इस वास्तविकता को दर्शाती है। तेल-गैस इंजन वाले वाहन अब भी सहारा बने हुए है, जबकि हाइब्रिड वाहन पसंदीदा विकल्प के तौर पर अपनी स्थिति मजबूत कर रहे हैं।’

बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन ( बीईवी) अब भी छोटा आधार हैं और ये यात्री वाहनों की बिक्री का लगभग चार प्रतिशत हैं। करीब 10 प्रतिशत उत्तरदाताओं का कहना है कि वे अपनी अगली गाड़ी के तौर पर बीईवी पसंद करेंगे। इससे संकेत मिलता है कि छिपी हुई मांग बनने की शुरुआत हो गई है। हाइब्रिड की पसंद मौजूदा पैठ से कहीं ज्यादा है, जो कम ध्यान वाली श्रेणी की ओर इशारा करती है और जिस पर ज्यादा नीतिगत ध्यान देने की जरूरत हो सकती है। डेलॉइट को उम्मीद है कि आने वाले समय में तेल-गैस इंजन वाली गाड़ियां, हाइब्रिड और बीईवी एक साथ रहेंगी।

सभी श्रे​णियों में तकनीक की चाहत से ज्यादा ध्यान कीमत का रखा जा रहा है। लगभग 51 प्रतिशत खरीदार 15 लाख रुपये के दायरे में रहने की योजना बना रहे हैं, जबकि देश के लगभग आधे उपभोक्ता अपनी अगली कार को कर्ज से फाइनैंस कराना चाहते हैं, जो प्रमुख वै​​श्विक बाजार में सबसे ज्यादा है। ईएमआई को आसान बनाने के लिए कर्ज की लंबी अव​धि का इस्तेमाल तेजी से किया जा रहा है, जो खूबियों और तकनीक संबंधी उम्मीदें बढ़ने के बावजूद कीमतों के प्रति लगातार संवेदनशीलता दिखाती है।

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First Published - February 26, 2026 | 9:45 PM IST

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