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पीआई इंडस्ट्रीज पर बरकरार रह सकता है प्रतिस्पर्धी दबाव

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कृषि रसायन दिग्गज पीआई इंडस्ट्रीज के शेयर में पिछले दो कारोबारी सत्रों के दौरान करीब 11.3 प्रतिशत गिरावट आई।

Last Updated- December 25, 2023 | 12:13 PM IST
PI Industries
Representative Image

कृषि रसायन दिग्गज पीआई इंडस्ट्रीज के शेयर में पिछले दो कारोबारी सत्रों के दौरान करीब 11.3 प्रतिशत गिरावट आई। बुधवार को इसमें 1.5 प्रतिशत से ज्यादा की कमजोरी दर्ज की गई। शेयर में कमजोर धारणा इस चिंता से पैदा हुई है कि उसके उत्पाद के लिए बढ़ती प्रतिस्पर्धा से राजस्व पर प्रभाव पड़ सकता है। भले ही कंपनी प्रबंधन ने यह संकेत दिया है कि वित्त वर्ष 2024 की वृद्धि या अनुमान पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, लेकिन फिर भी लगातार दो कारोबारी सत्रों के दौरान इस शेयर पर बिकवाली दबाव बरकरार रहा।

बाजार का मुख्य चिंता चीन की शैंडोंग वेइफांग रेनबो केमिकल द्वारा हर्बीसाइड पाइरोक्सासल्फोन बनाने के लिए 200 करोड़ टन सालाना क्षमता का संयंत्र लगाने की ताजा घोषणा है। पाइरोक्सासल्फोन के लिए क्षमता निर्माण की घोषणा करने वाली यह तीसरी चीनी कंपनी है और इसका पीआई इंडस्ट्री के निर्यात पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

वित्त वर्ष 2023 में पीआई इंडस्ट्रीज के राजस्व में कस्टम सिंथेसिस एवं निर्माण (सीएसएम) व्यवसाय का योगदान (निर्यात) 78 प्रतिशत और पाइरोक्सासल्फोन का योगदान सीएसएम राजस्व में 50 प्रतिशत से ज्यादा रहा। कंपनी के कुल राजस्व में पाइरोक्सासल्फोन का योगदान करीब 35 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

पीआई इंडस्ट्रीज जापान की कु मियाई केमिकल इंडस्ट्री को पाइरोक्सासल्फोन की आपूर्ति करती है। कु मियाई केमिकल इंडस्ट्री पेटेंटधारक है। इस उत्पाद के लिए पेटेंट अमेरिकी बाजार में 2025 में समाप्त हो रहा है। जापानी कंपनी ने मांग पर दबाव को देखते हुए अपने वित्त वर्ष 2024 के अनुमान में कटौती की है। पाइरोक्सासल्फोन हाल के वर्षों के दौरान पीआई के मजबूत प्रदर्शन में योगदान देने वाला मुख्य स्रोत रहा। मोतीलाल ओसवाल रिसर्च का कहना है कि चूंकि कुमियाई पीआई के सबसे बड़े ग्राहकों में से एक है, इसलिए अनुमान में कटौती से कंपनी के लिए कमजोर दृ ष्टिकोण का संकेत है।

नुवामा रिसर्च का भी मानना है कि शेयर पर इन घटनाक्रम का प्रभाव पड़ेगा। ब्रोकरेज के रोहन गुप्ता और रोहन ओहरी का मानना है कि पीआई को पाइरोक्सासल्फोन में संभावित कीमत गिरावट तथा चीन से बढ़ रही जेनेरिक प्रतिस्पर्धा की वजह से आय पर बड़े प्रभाव का जो खिम पैदा हो सकता है। मौजूदा समय में एक ही उत्पाद पर ज्यादा निर्भरता की वजह से मार्जिन और आय पर प्रभाव पड़ेगा और शेयर भाव पर इससे दबाव बना रहेगा।

कंपनी ने नई पेशकशों और फार्मा क्षेत्र में विस्तार की मदद से 20 प्रतिशत वृद्धि का अपना अनुमान बरकरार रखा है। नुवामा रिसर्च ने 4,233 रुपये प्रति शेयर के कीमत लक्ष्य के साथ इसे खरीदें रेटिंग दी है।

मोतीलाल ओसवाल रिसर्च ने इस शेयर के लिए खरीदें रेटिंग दी है, लेकिन उसका मानना है कि नई क्षमताओं, मांग परिदृश्य पर नजर रखे जाने की जरूरत होगी।

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First Published - December 25, 2023 | 12:06 PM IST

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