facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

भारत में नहीं आएगी चीन जैसी बीमारी: हेल्थ एक्सपर्ट्स

Advertisement

चीन के उत्तरी इलाके में हाल ही में सांस से जुड़ी बीमारी में तेजी आई है। वहां विशेषकर बच्चों में निमोनिया, नोवल एवियन इनफ्लूएंजा (एच9एन2), फ्लू और कोविड-19 के मामले बढ़े हैं।

Last Updated- November 28, 2023 | 10:26 PM IST
Coronavirus Case in India

चीन में फैले निमोनिया से बढ़ी चिंताओं के बीच डॉक्टरों का कहना है कि सांस संबंधी बीमारियों का भारत में प्रसार का कोई मामला सामने नहीं आया है। हालांकि, कुछ अस्पतालों ने दावा किया कि सर्दी के सीजन में निमोनिया से बचाव के लिए टीका लगवाने वाले वयस्कों की संख्या बढ़ रही है।

चीन के उत्तरी इलाके में हाल ही में सांस से जुड़ी बीमारी में तेजी आई है। वहां विशेषकर बच्चों में निमोनिया, नोवल एवियन इनफ्लूएंजा (एच9एन2), फ्लू और कोविड-19 के मामले बढ़े हैं। इसके मद्देनजर, केंद्र सरकार ने राज्यों एवं जिलों के स्वास्थ्य विभाग को दिशानिर्देश जारी कर इनफ्लूएंजा एवं सांस के गंभीर रोगों की निगरानी करने को कहा है।

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIMS) दिल्ली के बालरोग विभाग में प्रोफेसर डॉ. राकेश लोढा ने कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है। जो मामले सामने आए भी हैं, वे इस सीजन में सामान्य बात है।

सीके बिरला अस्पताल के नवजात एवं बाल चिकित्सा विभाग की निदेशक डॉ. पूनम सिधाना कहती हैं कि हमने अभी तक भारत में सांस संबंधी रोगों में तेजी नहीं देखी है। यहां प्रदूषण के कारण लोग पहले से ही सावधानी बरत रहे हैं। देश में सर्दी की शुरुआत में अमूमन बुखार और सांस के रोग अपना असर दिखाते हैं। इस दौरान यहां निमोनिया और फ्लू से बचने के लिए टीका लगवाने वालों की संख्या बढ़ जाती है।

नानावटी मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल मुम्बई में पल्मोनोलॉजी विभाग के निदेशक डॉ. सलिल एस. बेंद्रे भी यही बात कहते हैं। उनका कहना है कि जागरूकता के कारण भारत में टीका लेने वाले वयस्कों की संख्या बढ़ रही है।

फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट में बालरोग विभाग के प्रमुख एवं निदेशक डॉ. कृष्ण चुघ ने कहा कि निमोनिया से बचाव के लिए टीका लेने वालों की संख्या बढ़ी तो है, लेकिन यह अभी उतनी नहीं है, जितनी होनी चाहिए।

Advertisement
First Published - November 28, 2023 | 10:13 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement