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इलेक्ट्रिक बस निर्माता कंपनी निवेशकों को हिस्सेदारी लेने के लिए कर रही आकर्षित

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Last Updated- December 22, 2022 | 2:38 PM IST
Indifference of bus manufacturers, no interest in government contracts

पीएमआई इलेक्ट्रो मोबिलिटी सॉल्यूशन्स, देश के सबसे बड़े इलेक्ट्रिक बस निर्माताओं में से एक, कंपनी में हिस्सेदारी लेने के लिए एक रणनीतिक निवेशक के साथ-साथ निजी इक्विटी फंड की तलाश कर रही है। पीएमआई के अधिकारियों के बताया कि स्वतंत्र वित्तीय सलाहकारों ने कंपनी का मूल्यांकन 2,000 करोड़ रुपये से 2500 करोड़ रुपये के बीच आंका है।

कंपनी के इस कदम की पुष्टि करते हुए पीएमआई की कॉरपोरेट विषयों की प्रमुख, मानवी जैन ने कहा, ‘हम इक्विटी बेचने पर विचार कर रहे हैं और पीएमआई में हिस्सेदारी के लिए कई फंड से बात कर रहे हैं, क्योंकि सालाना आधार पर वॉल्यूम बढ़ता जा रहा है। हमने वित्तीय परामर्श द्वारा मूल्यांकन कराया है, और इसने कंपनी के राजस्व अनुमानों के आधार पर इसका मूल्यांकन 2,000 करोड़ रुपये से 2,500 करोड़ रुपये के बीच आंका है।’

जैन ने कहा कि कंपनी मुनाफे में चल रही है और इसने वित्त वर्ष 2023 में अपने 350 करोड़ राजस्व लक्ष्य को प्राप्त कर लिया है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2023 के लिए अपना राजस्व अनुमान 850 से 900 करोड़ रुपये के बीच रखा है, और यह उम्मीद है कि यह लक्ष्य पूरा भी हो जाएगा क्योंकि कंपनी ने इस वित्त वर्ष के शुरुआत में ही 700 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल कर लिया है।

यह भी पढ़े: मॉडल पोर्टफोलियो में जेफरीज का बदलाव, जोमैटो व भारती बाहर

जैन ने कहा कि बिक्री प्रक्रिया में यह जरूरी नहीं है कि इक्विटी ही बेची जाए, बल्कि परिवर्तनीय डिबेंचर या वरीयता शेयरों की भी पेशकश की जा सकती है। कोई भी मॉडल खरीदारों के फायदे के मुताबिक ही लाया जाएगा। बेचने की मात्रा इस बात पर निर्भर करेगी कि क्या निवेशक केवल पैसा ला रहा है या पैसे के साथ कंपनी के व्यवसाय में कुछ मूल्य भी जोड़ रहा है। पीएमआई को नई बसों के उत्पादन के वित्तपोषण के लिए निवेश की आवश्यकता है, जो संबंधित इन्फ्रास्ट्रक्चर सहित प्रत्येक बस पर लगभग 1.2 करोड़ रुपये का है। यह इंटर-सिटी इलेक्ट्रिक बस बाजार में उतरने की भी योजना बना रही है। इसके साथ ही हल्के और मध्यम वाणिज्यिक वाहनों के क्षेत्र में भी प्रवेश करेगी।

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First Published - December 21, 2022 | 7:33 PM IST

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